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1545 क्विंटल बाजरे की हुई खरीद, 10 हजार क्विंटल के बांटे टोकन
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
बाजरा खरीद टारगेट से अधिक किए जाने के चलते किसानों को कुछ राहत मिलती नजर आ रही है। टारगेट से अधिक खरीद इसलिए की जा रही है क्योंकि प्रदेश की दूसरी मंडियों में बाजरा की आवक कम हुई है। जिसका सीधा लाभ यहां के किसानों को मिल रहा है। झज्जर अनाज मंडी में बुधवार को 1545 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। वहीं वीरवार के लिए 3400 क्विंटल, शुक्रवार के लिए 3200 क्विंटल तथा शनिवार के लिए करीब एक हजार क्विंटल बाजरा खरीद के टोकन किसानों को बांटे गए। वीरवार को केवल बाजरे की खरीद की जाएगी। क्योंकि सरकारी छुट्टी होने के चलते कार्यालय स्टाफ नहीं आएगा। जिन किसानों को वीरवार के लिए टोकन बांटे गए हैं, उन्हीं केवल की फसल खरीदी जाएगी। वहीं, ढाकला मंडी में 1272 क्विंटल और मातनहेल में 2057 क्विंटल के टोकन किसानों को दिए गए हैं।
पिछली बार हुई थी साढे़ छह हजार मीट्रिक टन की खरीद
बाजरा खरीद के मामले में झज्जर अनाज मंडी प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर है। गत वर्ष भी सभी को पछाड़ते हुए यहां रिकार्ड तोड़ आवक हुई थी और किसानों का 65 हजार क्विंटल बाजरा खरीदा गया था। इस बार अनुमान है कि इससे कहीं अधिक बाजरा झज्जर में खरीदा जाएगा। दो दिन में ही करीब 1200 मीट्रिक टन के टोकन किसानों को दिए जा चुके हैं। जिससे लग रहा है मंडी पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ेगी। किसानों को सरकारी रेट के अनुसार हैफेड के द्वारा 1425 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। जबकि मार्केट में व्यापारियों के द्वारा 1200 से 1250 रुपये भाव दिया जा रहा है।
वर्जन
प्रदेश की दूसरी मंडियां नहीं चलने के कारण यहां किसानों का अधिक बाजरा खरीदा जा रहा है। अभी तक 12 हजार क्विंटल के टोकन बांटे जा चुके हैं तथा 1545 क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। वीरवार को टोकन वितरण का कार्य बंद रहेगा।
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- सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।
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झज्जर।
बाजरा खरीद टारगेट से अधिक किए जाने के चलते किसानों को कुछ राहत मिलती नजर आ रही है। टारगेट से अधिक खरीद इसलिए की जा रही है क्योंकि प्रदेश की दूसरी मंडियों में बाजरा की आवक कम हुई है। जिसका सीधा लाभ यहां के किसानों को मिल रहा है। झज्जर अनाज मंडी में बुधवार को 1545 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। वहीं वीरवार के लिए 3400 क्विंटल, शुक्रवार के लिए 3200 क्विंटल तथा शनिवार के लिए करीब एक हजार क्विंटल बाजरा खरीद के टोकन किसानों को बांटे गए। वीरवार को केवल बाजरे की खरीद की जाएगी। क्योंकि सरकारी छुट्टी होने के चलते कार्यालय स्टाफ नहीं आएगा। जिन किसानों को वीरवार के लिए टोकन बांटे गए हैं, उन्हीं केवल की फसल खरीदी जाएगी। वहीं, ढाकला मंडी में 1272 क्विंटल और मातनहेल में 2057 क्विंटल के टोकन किसानों को दिए गए हैं।
पिछली बार हुई थी साढे़ छह हजार मीट्रिक टन की खरीद
बाजरा खरीद के मामले में झज्जर अनाज मंडी प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर है। गत वर्ष भी सभी को पछाड़ते हुए यहां रिकार्ड तोड़ आवक हुई थी और किसानों का 65 हजार क्विंटल बाजरा खरीदा गया था। इस बार अनुमान है कि इससे कहीं अधिक बाजरा झज्जर में खरीदा जाएगा। दो दिन में ही करीब 1200 मीट्रिक टन के टोकन किसानों को दिए जा चुके हैं। जिससे लग रहा है मंडी पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ेगी। किसानों को सरकारी रेट के अनुसार हैफेड के द्वारा 1425 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। जबकि मार्केट में व्यापारियों के द्वारा 1200 से 1250 रुपये भाव दिया जा रहा है।
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वर्जन
प्रदेश की दूसरी मंडियां नहीं चलने के कारण यहां किसानों का अधिक बाजरा खरीदा जा रहा है। अभी तक 12 हजार क्विंटल के टोकन बांटे जा चुके हैं तथा 1545 क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। वीरवार को टोकन वितरण का कार्य बंद रहेगा।
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- सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।