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नैफेड का कोटा पूरा होने पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आढ़तियों की मार्फत खरीदेगा सरसों
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
भारत सरकार की एजेंसी नैफेड की मार्फत मार्केटिंग बोर्ड सरसों की खरीद करेगा। नैफेड की डिमांड पूरी होने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आढ़तियों की मार्फत सरसों की खरीद करेगा। चरखी दादरी जिले में नैफेड की ओर से 24 हजार 750 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की जानी है। सरसों की खरीद आढ़तियों की मार्फत न करवाए जाने से नाराज राज्य भर से मंडी व्यापारियों ने 26 मार्च को हिसार में बैठक बुला ली है। सरकार की सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने की प्लानिंग है। तहसीलदार द्वारा किसान की लैंड को वेरिफाई करने के बाद ही सरसों खरीदी जाएगी।
अनाज मंडी में आढ़तियों में सरसों की खरीद को लेकर नाराजगी बढ़ गई है। आढ़तियों का तर्क है कि सरकार आढ़तियों के जरिए सरसों की खरीद नहीं करने जा रही है। आढ़तियों का कहना है कि जब सरकार ने उन्हें लाइेंस जारी रखा है तो उनसे ही खरीद करवानी चाहिए। इसे लेकर मंडी व्यापारी बैठक कर रोष जता चुके हैं। आढ़ती सरसों की खरीद उनसे न करवाए जाने पर गेहूं की सरकारी खरीद करने से भी इंकार करने लगे हैं। अब सरकार की ओर से सरसों की खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस शेड्यूल के अनुसार भारत सरकार पहले नैफेड की मार्फत सरसों की सरकारी खरीद करवाएगी। जब नैफेड की डिमांड पूरी हो जाएगी उसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आढ़तियों की मार्फत सरसों की खरीद शुरू करेगा। नैफेड की चरखी दादरी व बाढड़ा मंडियों में 24 हजार 750 मीट्रिक टन सरसों खरीदने की प्लान है।
लैंड ऑनर की प्रमाणिकता की होगी जांच
किसान की सरसों खरीदने से पहले जमीन लैंड ऑनर की वेरिफिकेशन की जाएगी। जिन किसानों ने सरसों की बिजाई का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की कॉपी व जमीन फर्द की तहसीलदार और पटवारी से वेरिफिकेशन करवानी होगी। तहसील कार्यालय वेरिफाई कर फाइल को मार्केटिंग बोर्ड के पास भेजेगा। तत्पश्चात कमेटी की ओर से किसान को गेट जारी किया जाएगा। उसके बाद ही किसान की सरसों की खरीद हो सकेगी।
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आठ क्विंटल प्रति एकड़ होगी खरीद
पंजीकृत किसान की प्रति एकड़ आठ कुंतल से ज्यादा सरसों नहीं खरीदी जाएगी। एक किसान की अधिकतम 25 कुंतल सरसों ही खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान को इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरसों में आठ प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। नरमदाना की मात्रा चार प्रतिशत से ज्यादा ना हो। अनाज मिक्सिंग का प्रतिशत आठ से ज्यादा नहीं होना चाहिए। दो प्रतिशत से ज्यादा डैमेज दाना ना हो। स्माल दाना एवं अति डैमेज की मात्रा 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सरसों का सरकारी रेट 4200 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
वर्जन::
==पहले भारत सरकार की एजेंसी नैफेड सरसों की खरीद करेगी। नैफेड की डिमांड पूरी होने के बाद सरकार के निर्देश पर हैफेड एजेंसी आढ़तियों की मार्फत खरीद का कार्य करेगी। जिस किसान ने अपना पंजीकरण करवा रखा है उसी की सरसों खरीदी जाएगी।
कृष्ण कुमार नरवाल, डीएम हैफेड
आढ़तियों ने 26 मार्च को हिसार अनाज मंडी में राज्य स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में ही आढ़तियों की ओर से कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। अगर सरकार ने सरसों की खरीद आढ़तियों के जरिए नहीं करवाई तो वे गेहूं की सरकारी खरीद का भी बहिष्कार करेंगे।
रामकुमार रिटोलिया, चरखी दादरी नई अनाज मंडी प्रधान
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चरखी दादरी।
भारत सरकार की एजेंसी नैफेड की मार्फत मार्केटिंग बोर्ड सरसों की खरीद करेगा। नैफेड की डिमांड पूरी होने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आढ़तियों की मार्फत सरसों की खरीद करेगा। चरखी दादरी जिले में नैफेड की ओर से 24 हजार 750 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की जानी है। सरसों की खरीद आढ़तियों की मार्फत न करवाए जाने से नाराज राज्य भर से मंडी व्यापारियों ने 26 मार्च को हिसार में बैठक बुला ली है। सरकार की सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने की प्लानिंग है। तहसीलदार द्वारा किसान की लैंड को वेरिफाई करने के बाद ही सरसों खरीदी जाएगी।
अनाज मंडी में आढ़तियों में सरसों की खरीद को लेकर नाराजगी बढ़ गई है। आढ़तियों का तर्क है कि सरकार आढ़तियों के जरिए सरसों की खरीद नहीं करने जा रही है। आढ़तियों का कहना है कि जब सरकार ने उन्हें लाइेंस जारी रखा है तो उनसे ही खरीद करवानी चाहिए। इसे लेकर मंडी व्यापारी बैठक कर रोष जता चुके हैं। आढ़ती सरसों की खरीद उनसे न करवाए जाने पर गेहूं की सरकारी खरीद करने से भी इंकार करने लगे हैं। अब सरकार की ओर से सरसों की खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस शेड्यूल के अनुसार भारत सरकार पहले नैफेड की मार्फत सरसों की सरकारी खरीद करवाएगी। जब नैफेड की डिमांड पूरी हो जाएगी उसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आढ़तियों की मार्फत सरसों की खरीद शुरू करेगा। नैफेड की चरखी दादरी व बाढड़ा मंडियों में 24 हजार 750 मीट्रिक टन सरसों खरीदने की प्लान है।
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लैंड ऑनर की प्रमाणिकता की होगी जांच
किसान की सरसों खरीदने से पहले जमीन लैंड ऑनर की वेरिफिकेशन की जाएगी। जिन किसानों ने सरसों की बिजाई का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की कॉपी व जमीन फर्द की तहसीलदार और पटवारी से वेरिफिकेशन करवानी होगी। तहसील कार्यालय वेरिफाई कर फाइल को मार्केटिंग बोर्ड के पास भेजेगा। तत्पश्चात कमेटी की ओर से किसान को गेट जारी किया जाएगा। उसके बाद ही किसान की सरसों की खरीद हो सकेगी।
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आठ क्विंटल प्रति एकड़ होगी खरीद
पंजीकृत किसान की प्रति एकड़ आठ कुंतल से ज्यादा सरसों नहीं खरीदी जाएगी। एक किसान की अधिकतम 25 कुंतल सरसों ही खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान को इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरसों में आठ प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। नरमदाना की मात्रा चार प्रतिशत से ज्यादा ना हो। अनाज मिक्सिंग का प्रतिशत आठ से ज्यादा नहीं होना चाहिए। दो प्रतिशत से ज्यादा डैमेज दाना ना हो। स्माल दाना एवं अति डैमेज की मात्रा 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सरसों का सरकारी रेट 4200 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
वर्जन::
==पहले भारत सरकार की एजेंसी नैफेड सरसों की खरीद करेगी। नैफेड की डिमांड पूरी होने के बाद सरकार के निर्देश पर हैफेड एजेंसी आढ़तियों की मार्फत खरीद का कार्य करेगी। जिस किसान ने अपना पंजीकरण करवा रखा है उसी की सरसों खरीदी जाएगी।
कृष्ण कुमार नरवाल, डीएम हैफेड
आढ़तियों ने 26 मार्च को हिसार अनाज मंडी में राज्य स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में ही आढ़तियों की ओर से कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। अगर सरकार ने सरसों की खरीद आढ़तियों के जरिए नहीं करवाई तो वे गेहूं की सरकारी खरीद का भी बहिष्कार करेंगे।
रामकुमार रिटोलिया, चरखी दादरी नई अनाज मंडी प्रधान