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रिहायशी बस्तियों से चार इंच ही कम हुआ पानी, ग्रामीणों ने लगाई जल्द पानी निकासी की गुहार
Updated Fri, 28 Sep 2018 08:56 AM IST
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बौंदकलां। डीच ड्रेन टूटने के बाद कस्बा में जलभराव से हालात अभी भी बेेकाबू है। दो दिन लगातार धूप खिलने और रिहायशी क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए चार ट्रैक्टर लगाने के बाद भी वीरवार तक महज चार इंच ही पानी कम हुआ है। अभी भी घरों में पानी जमा होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। जलभराव से पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के चलते उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित है और पशु चारा भी उन्हें पानी से गुजरकर दूर-दराज के क्षेत्र से लाना पड़ रहा है। वहीं, घरों में पानी जमा होने से कस्बा के 20 से ज्यादा परिवार समीपवर्ती गांवों में अपने परिचितों के यहां शिफ्ट हो गए हैं। इन परिवारों का कहना है कि घरों और गांव से पानी निकासी होने के बाद ही वो वापस लौटेंगे।
डीच ड्रेन दोबारा टूटने के 72 घंटे बाद भी बौंदकलां में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार तक कस्बे की गलियों से महज चार इंच ही पानी कम हुआ है और इसका कारण पिछले दो दिन से जोरदार धूप खिलना है। जलभराव के चलते पानी से घिरे लोगों की समस्या अभी भी बरकरार ही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द बरसाती पानी निकासी करवाने की गुहार लगाई है।
प्रशासन द्वारा रिहायशी बस्तियों में भरे पानी की निकासी खेतों की तरफ कराई जा रही है। रिहायशी क्षेत्र की पानी निकासी के लिए एक ट्रैक्टर किलसर तालाब पर लगाया गया है। वहीं, यहां लगी बिजली की मोटर को नहीं चलाया जा रहा है। निमड़ी मोड़ पर दो ट्रैक्टरों से पानी की निकासी हो रही है। शाम चार बजे बाबा हरदयाल दास मंदिर के पास में एक ट्रैक्टर पानी की निकासी के लिए लगाया गया है। इसके अलावा किसी भी रिहायशी क्षेत्र में पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है।
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इन क्षेत्रों में अभी नहीं हो पाई जल निकासी
फिलहाल वार्ड 5 के मिरानपाना, आसलानपाना, गढ़ी पाना, डोबी तालाब का क्षेत्र, डागवाला तालाब का क्षेत्र, रामेश्वर तालाब का क्षेत्र, वाल्मीकि बस्ती, किलसर तालाब, डूंगला तालाब, फिरणी व निमड़ी रोड के पास स्थित घरों व ऊण रोड की बस्ती के क्षेत्र में अभी भी घरों में पानी जमा है। प्रशासन द्वारा अभी भी इन क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं किए हैं।
पानी से गुजरकर लाना पड़ रहा पशुचारा
ग्रामीणों को पानी के बीच ही खेतों से मवेशियों के लिए पशुचारा लेकर आना पड़ता है। ग्रामीण सतीश, शेरपाल सिंह, सतबीर सिंह व कंवर ने बताया कि जलभराव के चलते ही उनको मवेशियों के लिए खेतों में पानी के बीच पशुचारा लाना पड़ता है। इसके साथ ही ग्रामीणों द्वारा जलघर परिसर से ही पीने का पानी लेकर आते थे। लेकिन जलभराव के बीच में ही ग्रामीणों को हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है।
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डीच ड्रेन दोबारा टूटने के 72 घंटे बाद भी बौंदकलां में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार तक कस्बे की गलियों से महज चार इंच ही पानी कम हुआ है और इसका कारण पिछले दो दिन से जोरदार धूप खिलना है। जलभराव के चलते पानी से घिरे लोगों की समस्या अभी भी बरकरार ही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द बरसाती पानी निकासी करवाने की गुहार लगाई है।
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प्रशासन द्वारा रिहायशी बस्तियों में भरे पानी की निकासी खेतों की तरफ कराई जा रही है। रिहायशी क्षेत्र की पानी निकासी के लिए एक ट्रैक्टर किलसर तालाब पर लगाया गया है। वहीं, यहां लगी बिजली की मोटर को नहीं चलाया जा रहा है। निमड़ी मोड़ पर दो ट्रैक्टरों से पानी की निकासी हो रही है। शाम चार बजे बाबा हरदयाल दास मंदिर के पास में एक ट्रैक्टर पानी की निकासी के लिए लगाया गया है। इसके अलावा किसी भी रिहायशी क्षेत्र में पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है।
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इन क्षेत्रों में अभी नहीं हो पाई जल निकासी
फिलहाल वार्ड 5 के मिरानपाना, आसलानपाना, गढ़ी पाना, डोबी तालाब का क्षेत्र, डागवाला तालाब का क्षेत्र, रामेश्वर तालाब का क्षेत्र, वाल्मीकि बस्ती, किलसर तालाब, डूंगला तालाब, फिरणी व निमड़ी रोड के पास स्थित घरों व ऊण रोड की बस्ती के क्षेत्र में अभी भी घरों में पानी जमा है। प्रशासन द्वारा अभी भी इन क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं किए हैं।
पानी से गुजरकर लाना पड़ रहा पशुचारा
ग्रामीणों को पानी के बीच ही खेतों से मवेशियों के लिए पशुचारा लेकर आना पड़ता है। ग्रामीण सतीश, शेरपाल सिंह, सतबीर सिंह व कंवर ने बताया कि जलभराव के चलते ही उनको मवेशियों के लिए खेतों में पानी के बीच पशुचारा लाना पड़ता है। इसके साथ ही ग्रामीणों द्वारा जलघर परिसर से ही पीने का पानी लेकर आते थे। लेकिन जलभराव के बीच में ही ग्रामीणों को हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है।