{"_id":"5b5624e44f1c1b50748b6c3f","slug":"181532372196-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोटर व जनरेटर में फॉल्ट आने से ठप हुआ एसटीपी, सीवरेज लाइनों से नहीं हो पाई पानी की लिफ्टिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोटर व जनरेटर में फॉल्ट आने से ठप हुआ एसटीपी, सीवरेज लाइनों से नहीं हो पाई पानी की लिफ्टिंग
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। लुटेरों द्वारा एसटीपी पर उत्पात मचाने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था भी 14 घंटे बाद ही दम तोड़ गई। रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे पहले एसटीपी की मोटरें जल गईं और इसके कुछ देर बाद ही जनरेटर ने भी वर्किंग बंद कर दी। इसके चलते शहर की सीवरेज लाइनों से दूषित पानी की करीब 18 घंटे तक लिफ्टिंग नहीं हो पाई। सोमवार शाम करीब छह बजे 60 हॉर्स पावर की मोटर की जगह जन स्वास्थ्य विभाग ने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाकर ठप व्यवस्था को सुचारु कराया।
शहर के लिए बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का जनरेटर ठप होने व 60 हॉर्स पावर की मोटर जल जाने से सीवरेज एवं बरसाती पानी शहर में ही ब्लॉक हो गया है। इससे सीवरेज व्यवस्था भी चरमराई हुई है। निचले भागों में बारिश के 24 घंटे बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही हैै। 60 हॉर्स पावर की यह मोटर एक घंटे में 420 केएलडी पानी का उठान करती है। जनस्वास्थ्य विभाग ने दादरी-दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रखा है ताकि शहर के सीवरेज के पानी का उठान कर एसटीपी तक पहुंचाया जा सके। शनिवार रात को एसटीपी पर हुई लूटपाट की घटना में पावर ट्रांसफार्मर सहित अन्य कई महत्वपूर्ण उपकरण चोरी हो जाने के बाद एसटीपी का पूरा तकनीकी सिस्टम ठप हो गया है। एसटीपी पर लगा 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के उपकरण चोरी होने पर एसटीपी की बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने बिजली के विकल्प के रूप में जेेनरेटर की व्यवस्था की। विभाग अधिकारियों ने जनरेटर को चालू कर इससे शहर के बरसाती एवं दूषित पानी का उठान शुरू किया। जेेनरेटर पर नई बैटरी लगाकर इसे चालू किया गया। इसके लिए एमसीबी की भी मदद ली गई। शहर से पानी की निकासी जल्दी हो इसके लिए अधिकारियों ने जेनरेटर को बिजली से डायरेक्ट चला दिया जिससे मोटर में फॉल्ट आ गया। इससे 60 हॉर्स पावर की मेन मोटर भी जल गई। मोटर जलने से पानी का उठान बिल्कुल बंद हो गया। इस समय शहर से एक बूंद भी पानी का उठान नहीं हो पा रहा है जिससे सीवरेज लाइनें पानी से भरी हैं।
तेजी से पानी उठाती है 60 एचपी की मोटर
विभागीय सूत्रों की मानें तो 60 हॉर्स पावर की मोटर से एसटीपी पर जल्द पानी का उठान होता है। यह मोटर एक घंटे में 420 केएलडी पानी का उठान करती है। लेकिन यह मोटर जल जाने पर अब विभाग ने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाई है और इससे एक तरफ जहां पानी की लिफ्टिंग कम होगी तो वहीं बिना सेनिटेशन के ही यह टैंकों में डाला जाएगा।
विज्ञापन
एसई ने लिया जायजा, बिजली निगम को लिखा पत्र
जनस्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी के चोरी हुए ट्रांसफार्मर की जगह दूसरा लगवाए जाने को लेकर बिजली निगम को पत्र लिख दिया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। सोमवार सुबह जन स्वास्थ्य विभाग के एसई भी अपनी टीम व पुलिस बल सहित एसटीपी पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों से यहां हुई घटना बारे पूछताछ की।
नहीं हुई पानी की लिफ्टिंग, ओवरफ्लो कर गईं सीवरेज लाइनें
पानी का उठान न होने से शहर से सीवरेज एवं बरसाती पानी का उठान नहीं हो पा रहा है। सीवरेज लाइनें भरी हैं। पानी आगे एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई भागों में सड़कों ,गलियों में पानी जमा है। वार्डों की गलियों में सीवरेज लाइनें ब्लॉक बनी हुई हैं जिससे मेन लाइनों तक पानी नहीं पहुंच पाता। बारिश का पानी शहर में ही निचले भागों में एकत्र हो जाता है। कुछ पानी सीसीआई परिसर में जा रहा है तो कुछ घिकाड़ा रोड पर निकासी हो रही है लेकिन यह स्थाई समाधान नहीं है।
विभाग एसटीपी सिस्टम को ठीक करने में जुटा है। हमने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाकर शहर के पानी का उठान सोमवार शाम से शुरू कर दिया है। एसटीपी में नया बिजली ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए कागज प्रक्रिया जारी है।
-अनिल कुमार, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
चरखी दादरी। लुटेरों द्वारा एसटीपी पर उत्पात मचाने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था भी 14 घंटे बाद ही दम तोड़ गई। रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे पहले एसटीपी की मोटरें जल गईं और इसके कुछ देर बाद ही जनरेटर ने भी वर्किंग बंद कर दी। इसके चलते शहर की सीवरेज लाइनों से दूषित पानी की करीब 18 घंटे तक लिफ्टिंग नहीं हो पाई। सोमवार शाम करीब छह बजे 60 हॉर्स पावर की मोटर की जगह जन स्वास्थ्य विभाग ने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाकर ठप व्यवस्था को सुचारु कराया।
शहर के लिए बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का जनरेटर ठप होने व 60 हॉर्स पावर की मोटर जल जाने से सीवरेज एवं बरसाती पानी शहर में ही ब्लॉक हो गया है। इससे सीवरेज व्यवस्था भी चरमराई हुई है। निचले भागों में बारिश के 24 घंटे बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही हैै। 60 हॉर्स पावर की यह मोटर एक घंटे में 420 केएलडी पानी का उठान करती है। जनस्वास्थ्य विभाग ने दादरी-दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रखा है ताकि शहर के सीवरेज के पानी का उठान कर एसटीपी तक पहुंचाया जा सके। शनिवार रात को एसटीपी पर हुई लूटपाट की घटना में पावर ट्रांसफार्मर सहित अन्य कई महत्वपूर्ण उपकरण चोरी हो जाने के बाद एसटीपी का पूरा तकनीकी सिस्टम ठप हो गया है। एसटीपी पर लगा 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के उपकरण चोरी होने पर एसटीपी की बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने बिजली के विकल्प के रूप में जेेनरेटर की व्यवस्था की। विभाग अधिकारियों ने जनरेटर को चालू कर इससे शहर के बरसाती एवं दूषित पानी का उठान शुरू किया। जेेनरेटर पर नई बैटरी लगाकर इसे चालू किया गया। इसके लिए एमसीबी की भी मदद ली गई। शहर से पानी की निकासी जल्दी हो इसके लिए अधिकारियों ने जेनरेटर को बिजली से डायरेक्ट चला दिया जिससे मोटर में फॉल्ट आ गया। इससे 60 हॉर्स पावर की मेन मोटर भी जल गई। मोटर जलने से पानी का उठान बिल्कुल बंद हो गया। इस समय शहर से एक बूंद भी पानी का उठान नहीं हो पा रहा है जिससे सीवरेज लाइनें पानी से भरी हैं।
विज्ञापन
तेजी से पानी उठाती है 60 एचपी की मोटर
विभागीय सूत्रों की मानें तो 60 हॉर्स पावर की मोटर से एसटीपी पर जल्द पानी का उठान होता है। यह मोटर एक घंटे में 420 केएलडी पानी का उठान करती है। लेकिन यह मोटर जल जाने पर अब विभाग ने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाई है और इससे एक तरफ जहां पानी की लिफ्टिंग कम होगी तो वहीं बिना सेनिटेशन के ही यह टैंकों में डाला जाएगा।
विज्ञापन
एसई ने लिया जायजा, बिजली निगम को लिखा पत्र
जनस्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी के चोरी हुए ट्रांसफार्मर की जगह दूसरा लगवाए जाने को लेकर बिजली निगम को पत्र लिख दिया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। सोमवार सुबह जन स्वास्थ्य विभाग के एसई भी अपनी टीम व पुलिस बल सहित एसटीपी पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों से यहां हुई घटना बारे पूछताछ की।
नहीं हुई पानी की लिफ्टिंग, ओवरफ्लो कर गईं सीवरेज लाइनें
पानी का उठान न होने से शहर से सीवरेज एवं बरसाती पानी का उठान नहीं हो पा रहा है। सीवरेज लाइनें भरी हैं। पानी आगे एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई भागों में सड़कों ,गलियों में पानी जमा है। वार्डों की गलियों में सीवरेज लाइनें ब्लॉक बनी हुई हैं जिससे मेन लाइनों तक पानी नहीं पहुंच पाता। बारिश का पानी शहर में ही निचले भागों में एकत्र हो जाता है। कुछ पानी सीसीआई परिसर में जा रहा है तो कुछ घिकाड़ा रोड पर निकासी हो रही है लेकिन यह स्थाई समाधान नहीं है।
विभाग एसटीपी सिस्टम को ठीक करने में जुटा है। हमने 40 हॉर्स पावर की मोटर लगाकर शहर के पानी का उठान सोमवार शाम से शुरू कर दिया है। एसटीपी में नया बिजली ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए कागज प्रक्रिया जारी है।
-अनिल कुमार, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग