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सुबह से लेकर शाम तक छाया रहा स्मॉग, जन जीवन अस्त-व्यस्त
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
कोहरे के साथ आसमान में छाया स्मॉग लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी क्षेत्र में घना स्मॉग छाया रहा। सुबह के वक्त विजिबिलिटी बेहद कम थी, तो दोपहर के वक्त भी स्मॉग का असर देखने को मिला। यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों को काफी परेशानी हुई।
बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा ज्यादा स्मॉग रहा। सुबह के वक्त हालात बेहद खराब थे। 15 फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इससे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हुई। रोहतक-दिल्ली और झज्जर रोड पर यातायात व्यवस्था ढीली हो गई। वाहन रेंग-रेंग कर चलते दिखाई दिए। करीब नौ बजे तक चालकों को अपने वाहनों की लाइटें चालू रखनी पड़ी। समस्या तो उस वक्त बढ़ गई जब सूर्य देव ने दर्शन नहीं दिए। एकाध बार तो हल्की धूप निकली। लेकिन शाम पांच बजे तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। धूप न निकलने और हवा कम चलने के कारण दोपहर को भी काफी स्मॉग रहा। इससे आमजन को भी परेशानी हुई। हवा में प्रदूषण की मात्रा अचानक कई गुणा बढ़ जाने से उन लोगों की तकलीफें अधिक बढ़ गई जिन्हें सांस लेने में परेशानी है। यही नहीं आंखों में भी जलन की शिकायत लेकर लोग अस्पतालों की शरण लेने लगे हैं। डॉक्टरों ने वाहन चालकों से हेलमेट और चश्मा लगाकर वाहन चलाने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों की मानें तो पराली जलाने व ईंट भट्ठों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं से स्मॉग बढ़ता है। उद्योग नगरी होने के चलते बहादुरगढ़ में यह समस्या और बढ़ जाती है। उधर, प्रशासन की ओर से किसानों को खेतों में फसलों के अवशेष न जलाने व वातावरण की शुद्धता में सहयोग देने की अपील की जा रही है।
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स्कूलों का बदला समय
ठंड के मौसम व स्मॉग को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब सरकारी स्कूलों का समय 9 बजे से लेकर दोपहर बाद साढ़े 3 बजे तक किया गया है। बच्चों की सेहत पर ध्यान देने के लिए अभिभावक भी अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं बढ़ते कोहरे व स्मॉग के चलते दृश्यता कम होने के चलते सड़क दुर्घटनाएं बढ़ने की आशंका भी लोगों को घेर रही है।
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बहादुरगढ़।
कोहरे के साथ आसमान में छाया स्मॉग लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी क्षेत्र में घना स्मॉग छाया रहा। सुबह के वक्त विजिबिलिटी बेहद कम थी, तो दोपहर के वक्त भी स्मॉग का असर देखने को मिला। यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों को काफी परेशानी हुई।
बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा ज्यादा स्मॉग रहा। सुबह के वक्त हालात बेहद खराब थे। 15 फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इससे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हुई। रोहतक-दिल्ली और झज्जर रोड पर यातायात व्यवस्था ढीली हो गई। वाहन रेंग-रेंग कर चलते दिखाई दिए। करीब नौ बजे तक चालकों को अपने वाहनों की लाइटें चालू रखनी पड़ी। समस्या तो उस वक्त बढ़ गई जब सूर्य देव ने दर्शन नहीं दिए। एकाध बार तो हल्की धूप निकली। लेकिन शाम पांच बजे तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। धूप न निकलने और हवा कम चलने के कारण दोपहर को भी काफी स्मॉग रहा। इससे आमजन को भी परेशानी हुई। हवा में प्रदूषण की मात्रा अचानक कई गुणा बढ़ जाने से उन लोगों की तकलीफें अधिक बढ़ गई जिन्हें सांस लेने में परेशानी है। यही नहीं आंखों में भी जलन की शिकायत लेकर लोग अस्पतालों की शरण लेने लगे हैं। डॉक्टरों ने वाहन चालकों से हेलमेट और चश्मा लगाकर वाहन चलाने की सलाह दी है।
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विशेषज्ञों की मानें तो पराली जलाने व ईंट भट्ठों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं से स्मॉग बढ़ता है। उद्योग नगरी होने के चलते बहादुरगढ़ में यह समस्या और बढ़ जाती है। उधर, प्रशासन की ओर से किसानों को खेतों में फसलों के अवशेष न जलाने व वातावरण की शुद्धता में सहयोग देने की अपील की जा रही है।
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स्कूलों का बदला समय
ठंड के मौसम व स्मॉग को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब सरकारी स्कूलों का समय 9 बजे से लेकर दोपहर बाद साढ़े 3 बजे तक किया गया है। बच्चों की सेहत पर ध्यान देने के लिए अभिभावक भी अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं बढ़ते कोहरे व स्मॉग के चलते दृश्यता कम होने के चलते सड़क दुर्घटनाएं बढ़ने की आशंका भी लोगों को घेर रही है।