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अतिक्रमण के मामले में मिल रही तारीख पर तारीख
Updated Wed, 23 May 2018 01:44 AM IST
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अब तीन जुलाई को होगी अतिक्रमण मामले पर सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रेलवे रोड पर व्याप्त अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। न तो दुकानदार खुद कब्जों को हटा रहे हैं और न ही प्रशासन इन्हें हटवा पा रहा। इस मामले में कोर्ट में चले केस का मंगलवार को भी फैसला नहीं हो पाया। पिछली आठ तारीखों की तरह नौवीं तारीख भी बिना निर्णय के चली गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
सरकारी जमीन पर बने हैं पक्के चबूतरे
दरअसल, रेलवे रोड और नाहरा-नाहरी रोड पर लगने वाले बाजार बुरी तरह अतिक्रमण का शिकार हैं। सड़कों पर तो सामान रखा जाता ही है, कुछ दुकानदारों ने तो दुकान के काफी बाहर तक सरकारी जमीन पर चबूतरे बनाकर पक्के कब्जे किए हैं। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार इसकी शिकायत प्रशासन को दी। बाजार में छोटे दुकानदारों पर तो कार्यवाही हो जाती है, मगर पक्के कब्जे आज नहीं टूटे। इन पक्के चबूतरों और पगडंडी तक दुकानदारों का सामान रखा रहता है। इससे आम लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। तारीख पर दोनों पक्ष एसडीएम कोर्ट में पेश हुए और अपने-अपने बयान दर्ज कराए। मगर हर बार की तरह इस बार भी कोई निर्णय नहीं हो पाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रेलवे रोड पर व्याप्त अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। न तो दुकानदार खुद कब्जों को हटा रहे हैं और न ही प्रशासन इन्हें हटवा पा रहा। इस मामले में कोर्ट में चले केस का मंगलवार को भी फैसला नहीं हो पाया। पिछली आठ तारीखों की तरह नौवीं तारीख भी बिना निर्णय के चली गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
सरकारी जमीन पर बने हैं पक्के चबूतरे
दरअसल, रेलवे रोड और नाहरा-नाहरी रोड पर लगने वाले बाजार बुरी तरह अतिक्रमण का शिकार हैं। सड़कों पर तो सामान रखा जाता ही है, कुछ दुकानदारों ने तो दुकान के काफी बाहर तक सरकारी जमीन पर चबूतरे बनाकर पक्के कब्जे किए हैं। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार इसकी शिकायत प्रशासन को दी। बाजार में छोटे दुकानदारों पर तो कार्यवाही हो जाती है, मगर पक्के कब्जे आज नहीं टूटे। इन पक्के चबूतरों और पगडंडी तक दुकानदारों का सामान रखा रहता है। इससे आम लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। तारीख पर दोनों पक्ष एसडीएम कोर्ट में पेश हुए और अपने-अपने बयान दर्ज कराए। मगर हर बार की तरह इस बार भी कोई निर्णय नहीं हो पाया।
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