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बीएसएफ व सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए गृहमंत्री से मिले दीपेंद्र 21-53-02
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिल कर अर्धसैनिक बलों की मांगों को उनके समक्ष रखा। सांसद ने जारी किए गए बयान में बताया कि अर्धसैनिक बलों के जवान, अधिकारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिये दिल्ली या दूसरे जिलों में जाना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने सूरा कलोई और उखलचना कोट में बीएसएफ व सीआरपीएफ का ग्रुप सेंटर मंजूर करवाया था।
इसमें अस्पताल और बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय का प्रावधान रखा गया था। 3 मार्च 2014 को तत्कालीन केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने सुरा कलोई में बीएसएफ ग्रुप सेंटर का शिलान्यास भी कर दिया था। मगर सरकार बदलने के बाद मौजूदा भाजपा सरकार ने इन दोनों ग्रुप सेंटर को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने मांग का समर्थन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल ग्रुप सेंटर तक सीमित न रहें, इसलिए सरकार हरियाणा समेत पूरे देश के हर जिले में पैनल अस्पताल और सीजीएचएस डिस्पेंसरी की सुविधा का विस्तार करे।
इन मुद्दों को उठाया
उन्होंने बताया कि वे सेना एवं अर्धसैनिक बलों के सैनिकों से संबंधित मुद्दों से व्यक्तिगत रूप से भी जुड़े हुए हैं और बतौर सांसद भी उनकी मांगों, जैसे वन रैंक-वन पेंशन, 2004 के बाद भर्ती हुए जवानों के लिये पेंशन का प्रावधान, शहीद का दर्जा दिये जाने, सैनिकों को पेंशन स्कीम चुनने के अधिकार, हर जिले में सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोले जाने, सीपीएस को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने और लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में अलग से पैरामिलिट्री बोगी की व्यवस्था करने की मांगों पर जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिये हम पुरजोर प्रयास करते रहेंगे।
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झज्जर।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिल कर अर्धसैनिक बलों की मांगों को उनके समक्ष रखा। सांसद ने जारी किए गए बयान में बताया कि अर्धसैनिक बलों के जवान, अधिकारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिये दिल्ली या दूसरे जिलों में जाना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने सूरा कलोई और उखलचना कोट में बीएसएफ व सीआरपीएफ का ग्रुप सेंटर मंजूर करवाया था।
इसमें अस्पताल और बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय का प्रावधान रखा गया था। 3 मार्च 2014 को तत्कालीन केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने सुरा कलोई में बीएसएफ ग्रुप सेंटर का शिलान्यास भी कर दिया था। मगर सरकार बदलने के बाद मौजूदा भाजपा सरकार ने इन दोनों ग्रुप सेंटर को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने मांग का समर्थन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल ग्रुप सेंटर तक सीमित न रहें, इसलिए सरकार हरियाणा समेत पूरे देश के हर जिले में पैनल अस्पताल और सीजीएचएस डिस्पेंसरी की सुविधा का विस्तार करे।
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इन मुद्दों को उठाया
उन्होंने बताया कि वे सेना एवं अर्धसैनिक बलों के सैनिकों से संबंधित मुद्दों से व्यक्तिगत रूप से भी जुड़े हुए हैं और बतौर सांसद भी उनकी मांगों, जैसे वन रैंक-वन पेंशन, 2004 के बाद भर्ती हुए जवानों के लिये पेंशन का प्रावधान, शहीद का दर्जा दिये जाने, सैनिकों को पेंशन स्कीम चुनने के अधिकार, हर जिले में सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोले जाने, सीपीएस को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने और लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में अलग से पैरामिलिट्री बोगी की व्यवस्था करने की मांगों पर जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिये हम पुरजोर प्रयास करते रहेंगे।
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