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डीसी की मियाद खत्म, दुकानदारों ने नहीं हटाया स्वेच्छा से अतिक्रमण
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:34 AM IST
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डीसी की मियाद खत्म, दुकानदारों ने नहीं हटाया स्वेच्छा से अतिक्रमण
चरखी दादरी।
उपायुक्त विजय सिद्प्पा द्वारा दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने व रोडवेज चालकों को मुख्य चौराहों पर बसें न रोकने की हिदायतें बेअसर रही। वीरवार को उपायुक्त की मियाद खत्म हो गई लेकिन बाजारों में अतिक्रमण जस का तस बरकरार है। परशुराम चौक पर भी रोडवेज बसें दिनभर रुकी और इसके चलते अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानियां हुई। दुकानदारों व रोडवेज चालकों के हिदायतों को हल्के में लेने पर आज जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान दुकानों के बाहर रखे सामान को प्रशासनिक टीम सीधा जब्त करेंगी और अगर कोई कार्रवाई का विरोध करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई भी अमल में ला सकता है।
शहर में इन दिनों अतिक्रमण पांव पसारे हुए हैं। रात के समय खुली नजर आने वाली बाजारों की सड़कें दिन में अतिक्रमण के चलते सिकुड़कर आधी रह जाती हैं। वहीं, नगर परिषद का अतिक्रमण हटाओ अभियान भी पिछले छह माह से ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसका फायदा दुकानदार व रेहड़ीधारक जमकर उठा रहे हैं। करीब छह माह पहले अतिक्रमणमुक्त कराए गए रेलवे रोड, बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, पुरानी अनाज मंडी सड़क पर फिर से हालात पहले जैसे बन गए हैं। इससे इन सड़कों की ट्रैफिक व्यवस्था काफी प्रभावित है। इस संबंध में जिला प्रशासन के पास लगातार शिकायतें भी पहुंच रही हैं। इन्हीं शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने दुकानदारों को स्वेच्छा से बाहर रखा सामान उठाकर अंदर रखने के लिए 23 नवंबर तक का समय दिया था। यह डेडलाइन पूरी हो चुकी है और अतिक्रमण जस का तस सड़कों पर बरकरार है।
शहर की इन सड़कों पर रेंगकर चलते हैं वाहन
बस स्टैंड रोड:-
बस स्टैंड से लकर परशुराम चौक की दूरी करीब 400 मीटर है। दिन के समय यह दूरी तय करने में वाहन चालकों को 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है। सड़क के दोनों दुकानदारों ने बाहर नालों पर सामान रख रखा है जबकि हर दुकान के सामने पार्किंग जोन में रेहड़ियां लग रही हैं। इससे लोग अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा करने को मजबूर हैं। इस सड़क पर नगर परिषद पिछले डेढ़ साल में तीन-चार दफा अभियान चला चुकी है लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
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कोर्ट रोड:-
परशुराम चौक से वाया अंबेडकर चौक होते हुए लाजपतराय चौक तक भी सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। यहां भी दुकानदारों ने बाहर सामान रखा हुआ है और इस सामान से आगे वो रेहड़ियां भी खड़ी करवा रहे हैं। परशुराम चौक से लाजपतराय चौक तक की दूरी करीब 550 मीटर मीटर है और यह दूरी 20 से 25 मिनट में वाहन चालक तय कर रहे हैं। इस सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था का हाल सबसे बुरा है। यहां नप टीम के साथ कई दफा दुकानदारों की झड़प भी हो चुकी है।
रेलवे रोड:-
रेलवे रोड पर वाहनों के पहिये अक्सर ठहरे नजर आते हैं। स्टेशन परिसर के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी राहगीरों पर भारी पड़ती है। ट्रेनों के आवागमन के समय यहां जाम लगा रहता है। इसके अलावा दुकानदारों ने भी साइन बोर्ड व सामान सड़क पर ही रखा हुआ है। रेलवे रोड पर एक वाहन भी पार्क करते ही यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। यहां भी नगर परिषद टीम अभियान चलाने पहुंची लेकिन विरोध के चलते बैरंग ही लौटी है। यहां पर भी कार्रवाई की जरूरत है।
वर्जन::
प्रशासन ने स्वेच्छा से सामान उठाने के लिए 23 नवंबर तक का दुकानदारों को समय दिया था। शुक्रवार को शहर में अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जाएगा। रोडवेज चालकों को भी मुख्य चौराहों पर बसें न रोकने की हिदायतें प्रशासन ने दे रखी हैं अगर कोई चालक अमल नहीं कर रहा तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जीएम को निर्देश दिए जाएंगे।
विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
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चरखी दादरी।
उपायुक्त विजय सिद्प्पा द्वारा दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने व रोडवेज चालकों को मुख्य चौराहों पर बसें न रोकने की हिदायतें बेअसर रही। वीरवार को उपायुक्त की मियाद खत्म हो गई लेकिन बाजारों में अतिक्रमण जस का तस बरकरार है। परशुराम चौक पर भी रोडवेज बसें दिनभर रुकी और इसके चलते अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानियां हुई। दुकानदारों व रोडवेज चालकों के हिदायतों को हल्के में लेने पर आज जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान दुकानों के बाहर रखे सामान को प्रशासनिक टीम सीधा जब्त करेंगी और अगर कोई कार्रवाई का विरोध करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई भी अमल में ला सकता है।
शहर में इन दिनों अतिक्रमण पांव पसारे हुए हैं। रात के समय खुली नजर आने वाली बाजारों की सड़कें दिन में अतिक्रमण के चलते सिकुड़कर आधी रह जाती हैं। वहीं, नगर परिषद का अतिक्रमण हटाओ अभियान भी पिछले छह माह से ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसका फायदा दुकानदार व रेहड़ीधारक जमकर उठा रहे हैं। करीब छह माह पहले अतिक्रमणमुक्त कराए गए रेलवे रोड, बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, पुरानी अनाज मंडी सड़क पर फिर से हालात पहले जैसे बन गए हैं। इससे इन सड़कों की ट्रैफिक व्यवस्था काफी प्रभावित है। इस संबंध में जिला प्रशासन के पास लगातार शिकायतें भी पहुंच रही हैं। इन्हीं शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने दुकानदारों को स्वेच्छा से बाहर रखा सामान उठाकर अंदर रखने के लिए 23 नवंबर तक का समय दिया था। यह डेडलाइन पूरी हो चुकी है और अतिक्रमण जस का तस सड़कों पर बरकरार है।
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शहर की इन सड़कों पर रेंगकर चलते हैं वाहन
बस स्टैंड रोड:-
बस स्टैंड से लकर परशुराम चौक की दूरी करीब 400 मीटर है। दिन के समय यह दूरी तय करने में वाहन चालकों को 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है। सड़क के दोनों दुकानदारों ने बाहर नालों पर सामान रख रखा है जबकि हर दुकान के सामने पार्किंग जोन में रेहड़ियां लग रही हैं। इससे लोग अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा करने को मजबूर हैं। इस सड़क पर नगर परिषद पिछले डेढ़ साल में तीन-चार दफा अभियान चला चुकी है लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
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कोर्ट रोड:-
परशुराम चौक से वाया अंबेडकर चौक होते हुए लाजपतराय चौक तक भी सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। यहां भी दुकानदारों ने बाहर सामान रखा हुआ है और इस सामान से आगे वो रेहड़ियां भी खड़ी करवा रहे हैं। परशुराम चौक से लाजपतराय चौक तक की दूरी करीब 550 मीटर मीटर है और यह दूरी 20 से 25 मिनट में वाहन चालक तय कर रहे हैं। इस सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था का हाल सबसे बुरा है। यहां नप टीम के साथ कई दफा दुकानदारों की झड़प भी हो चुकी है।
रेलवे रोड:-
रेलवे रोड पर वाहनों के पहिये अक्सर ठहरे नजर आते हैं। स्टेशन परिसर के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी राहगीरों पर भारी पड़ती है। ट्रेनों के आवागमन के समय यहां जाम लगा रहता है। इसके अलावा दुकानदारों ने भी साइन बोर्ड व सामान सड़क पर ही रखा हुआ है। रेलवे रोड पर एक वाहन भी पार्क करते ही यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। यहां भी नगर परिषद टीम अभियान चलाने पहुंची लेकिन विरोध के चलते बैरंग ही लौटी है। यहां पर भी कार्रवाई की जरूरत है।
वर्जन::
प्रशासन ने स्वेच्छा से सामान उठाने के लिए 23 नवंबर तक का दुकानदारों को समय दिया था। शुक्रवार को शहर में अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जाएगा। रोडवेज चालकों को भी मुख्य चौराहों पर बसें न रोकने की हिदायतें प्रशासन ने दे रखी हैं अगर कोई चालक अमल नहीं कर रहा तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जीएम को निर्देश दिए जाएंगे।
विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी