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खेल महाकुंभ में घमासान: टीम चयन को लेकर विवाद, चार घंटे रूका रहा खेल
Updated Tue, 03 Oct 2017 01:27 AM IST
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टीम चयन को लेकर विवाद, चार घंटे अफरा- तफरी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
गांव आदमपुर दाढ़ी में खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की टीम की एंट्री को लेकर सोमवार दोपहर बवाल हो गया। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों को जब ग्राउंड में एंट्री नहीं मिली तो उन्होंने खफा होकर कोच पर भेदभाव बरतने के आरोप जड़कर जमकर बवाल काटा। गहमागहमी बढ़ने से नौबत पुलिस बुलाने तक आ पहुंची और जिला खेल अधिकारी को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। जिला खेल अधिकारी ने मामला शांत करवाया लेकिन तब तक करीब चार घंटे तक खेल रुका रहा।
राजकीय खेल महाकुंभ के तहत जिले के गांव आदमपुर दाढ़ी में कबड्डी खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों में जिले की करीब डेढ़ दर्जन टीमें भाग ले रही हैं। सोमवार को कबड्डी टीम में खिलाड़ियों के चयन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इन खेलों में टीम खिलाड़ियों का किसी एक संस्था या गांव से होना जरूरी है। इस नियम की पालना कर टीम का चयन करना होता है। इसी बीच जब गांव दाढ़ी बाना और द्रोणाचार्य अकादमी दादरी के बीच कबड्डी मैच करवाने की घोषणा की गई तो एक टीम की तरफ से इस तर्क के साथ आपत्ति दर्ज करवाई गई कि उक्त टीम में एक गांव व एक संस्था के खिलाड़ी नहीं है। उक्त टीम में दूसरे गांव के खिलाड़ी भी शामिल कर रखे हैं। इस पर विवाद गहरा गया तथा मामला बढ़ गया। मामला बढ़ जाने पर यह मैच शुरू नहीं हो सका। कोच व खिलाड़ी मैच शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन मामला पेचीदा होने पर जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह को सूचित किया गया। करीब चार घंटे तक कोई भी मैच नहीं खेला जा सका। कुछ खिलाड़ी इन खेलों को भिवानी में करवाए जाने की भी मांग करने लगे। तत्पश्चात जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी कोच खिलाड़ियों की बैठक कर दोनो पक्षों को सुना और मामले को शांत करवाया लेकिन जिन टीमों को लेकर विवाद पैदा हुआ था उनके बीच मैच नहीं हो सका। इन खेलों में सभी प्रकार के कोच उपलब्ध न होने पर भी खेल आयोजन में दिक्कतें आ रही थीं। कुछ खिलाड़ी कुछ कोच पर भी भेदभाव का आरोप लगा रहे थे। बाद में जिला खेल अधिकारी ने भिवानी से दो कोच बुलाए।
बाक्स: ये लगाए खिलाड़ियों ने कोच पर आरोप
रविवार को मैदान में खेलने के लिए आए तो उन्हें खेलने से रोका गया। खिलाड़ियों की एंट्री करने से भी मना कर दिया गया। जब दोबारा वापस आए तो कोच ने बाहर खड़ा रखा लेकिन खेलने नहीं दिया। - योगेश, आदमपुर दाड़ी
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खिलाड़ियों के साथ पहले भेदभाव किया जा चुका है। खेलों में कोच भी आपसी भेदभाव करते हैं जिससे खिलाड़ियों को न्याय नहीं मिल पाता। - राकेश, आदमपुर दाड़ी
रविवार को दो बार मैच खेलने आए लेकिन उनकी एंट्री नहीं करवाई गई। इस कारण उनके मैच नहीं हो पाए। हर टीम को नियमानुसार खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। - अजय, आदमपुर दाड़ी
कोच की ओर से भेदभाव की वजह से खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। कोच खिलाड़ियों के साथ भेदभाव करते हैं जिससे खेलों में बाधा पहुंचती है तथा खेल में न्याय नहीं मिल पाता। - सुरजीत, आदमपुर दाड़ी
वर्सन---
यह कोई खास बात नहीं थी। एक टीम में कुछ खिलाड़ी बाहर के खिलाए जाने की शिकायत थी उसे दूर कर दिया है। अब यहां भिवानी से दो कोच और भिजवाए गए हैं ताकि खेल सुचारु रूप से करवाए जा सके। - जिला खेल अधिकारी, राजबीर सिंह
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
गांव आदमपुर दाढ़ी में खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की टीम की एंट्री को लेकर सोमवार दोपहर बवाल हो गया। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों को जब ग्राउंड में एंट्री नहीं मिली तो उन्होंने खफा होकर कोच पर भेदभाव बरतने के आरोप जड़कर जमकर बवाल काटा। गहमागहमी बढ़ने से नौबत पुलिस बुलाने तक आ पहुंची और जिला खेल अधिकारी को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। जिला खेल अधिकारी ने मामला शांत करवाया लेकिन तब तक करीब चार घंटे तक खेल रुका रहा।
राजकीय खेल महाकुंभ के तहत जिले के गांव आदमपुर दाढ़ी में कबड्डी खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों में जिले की करीब डेढ़ दर्जन टीमें भाग ले रही हैं। सोमवार को कबड्डी टीम में खिलाड़ियों के चयन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इन खेलों में टीम खिलाड़ियों का किसी एक संस्था या गांव से होना जरूरी है। इस नियम की पालना कर टीम का चयन करना होता है। इसी बीच जब गांव दाढ़ी बाना और द्रोणाचार्य अकादमी दादरी के बीच कबड्डी मैच करवाने की घोषणा की गई तो एक टीम की तरफ से इस तर्क के साथ आपत्ति दर्ज करवाई गई कि उक्त टीम में एक गांव व एक संस्था के खिलाड़ी नहीं है। उक्त टीम में दूसरे गांव के खिलाड़ी भी शामिल कर रखे हैं। इस पर विवाद गहरा गया तथा मामला बढ़ गया। मामला बढ़ जाने पर यह मैच शुरू नहीं हो सका। कोच व खिलाड़ी मैच शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन मामला पेचीदा होने पर जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह को सूचित किया गया। करीब चार घंटे तक कोई भी मैच नहीं खेला जा सका। कुछ खिलाड़ी इन खेलों को भिवानी में करवाए जाने की भी मांग करने लगे। तत्पश्चात जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी कोच खिलाड़ियों की बैठक कर दोनो पक्षों को सुना और मामले को शांत करवाया लेकिन जिन टीमों को लेकर विवाद पैदा हुआ था उनके बीच मैच नहीं हो सका। इन खेलों में सभी प्रकार के कोच उपलब्ध न होने पर भी खेल आयोजन में दिक्कतें आ रही थीं। कुछ खिलाड़ी कुछ कोच पर भी भेदभाव का आरोप लगा रहे थे। बाद में जिला खेल अधिकारी ने भिवानी से दो कोच बुलाए।
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बाक्स: ये लगाए खिलाड़ियों ने कोच पर आरोप
रविवार को मैदान में खेलने के लिए आए तो उन्हें खेलने से रोका गया। खिलाड़ियों की एंट्री करने से भी मना कर दिया गया। जब दोबारा वापस आए तो कोच ने बाहर खड़ा रखा लेकिन खेलने नहीं दिया। - योगेश, आदमपुर दाड़ी
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खिलाड़ियों के साथ पहले भेदभाव किया जा चुका है। खेलों में कोच भी आपसी भेदभाव करते हैं जिससे खिलाड़ियों को न्याय नहीं मिल पाता। - राकेश, आदमपुर दाड़ी
रविवार को दो बार मैच खेलने आए लेकिन उनकी एंट्री नहीं करवाई गई। इस कारण उनके मैच नहीं हो पाए। हर टीम को नियमानुसार खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। - अजय, आदमपुर दाड़ी
कोच की ओर से भेदभाव की वजह से खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। कोच खिलाड़ियों के साथ भेदभाव करते हैं जिससे खेलों में बाधा पहुंचती है तथा खेल में न्याय नहीं मिल पाता। - सुरजीत, आदमपुर दाड़ी
वर्सन---
यह कोई खास बात नहीं थी। एक टीम में कुछ खिलाड़ी बाहर के खिलाए जाने की शिकायत थी उसे दूर कर दिया है। अब यहां भिवानी से दो कोच और भिजवाए गए हैं ताकि खेल सुचारु रूप से करवाए जा सके। - जिला खेल अधिकारी, राजबीर सिंह