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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग, सामाजिक संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
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चरखी दादरी। आधा दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों ने जिले में स्वास्थ्य सेेवाओं में विस्तार की मांग के लिए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। एक सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नजर नहीं आने पर सिविल अस्पताल से डीसी ऑफिस तक पैदल मार्च करने की चेतावनी दी है।
सामाजिक संगठनों ने सोमवार को तहसीलदार कंवल सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। लोगों को जिला स्तर की सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि सरकार ने जिला मुख्यालय पर 100 बेड के सिविल अस्पताल की सुविधा तो दे दी, लेकिन पूरा जिला चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा है। जिले में 98 में से महज 22 ही चिकित्सक तैनात हैं। गांव गोपी, बौंद कलां व झोझू कलां सीएचसी केंद्रों का तो और भी बुरा हाल है। इन सीएचसी केंद्रों से मरीज को दादरी सिविल अस्पताल और दादरी से रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते होने वाली भागदौड़ से जहां कभी मरीज के प्राण संकट में पड़ जाते हैं तो वहीं मरीज और तीमारदारों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
ज्ञापन में बताया कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े अनुसार जिले में 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों की संख्या एक लाख 20 हजार है लेकिन यहां एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में परिजन बच्चों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने को विवश हैं और एक माह में अनुमानित उनकी जेब पर 60 लाख का बोझ पड़ता है। जिले में इस समय सरकारी अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं हैं जिसके चलते गर्भवती महिलाएं बेहद परेशान हैं। इस समय जिले में चिकित्सकों के 84 फीसदी पद खाली पड़े हैं जिसके चलते साढ़े पांच लाख की आबादी को ज्यादातर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में जल्द से जल्द सुधार कराने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि अगर एक सप्ताह में धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आया तो सामाजिक संगठन सिविल अस्पताल से डीसी ऑफिस तक पैदल मार्च करेंगे और इस विषय में जल्द आंदोलन भी खड़ा कर सकते हैं। तहसीलदार कंवल सिंह ने इन लोगों को आश्वस्त कर वापस भेजा। ज्ञापन सौैंपने वालों में बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ सचिव रिंपी फौगाट, प्रयास वेलफेयर गु्रप से सुमित सुहाग, राजेश सोनी, रोहित, बंटी, राजदीप, रामकुमार आदि मौजूद थे।
सामाजिक संगठनों ने सोमवार को तहसीलदार कंवल सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। लोगों को जिला स्तर की सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि सरकार ने जिला मुख्यालय पर 100 बेड के सिविल अस्पताल की सुविधा तो दे दी, लेकिन पूरा जिला चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा है। जिले में 98 में से महज 22 ही चिकित्सक तैनात हैं। गांव गोपी, बौंद कलां व झोझू कलां सीएचसी केंद्रों का तो और भी बुरा हाल है। इन सीएचसी केंद्रों से मरीज को दादरी सिविल अस्पताल और दादरी से रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते होने वाली भागदौड़ से जहां कभी मरीज के प्राण संकट में पड़ जाते हैं तो वहीं मरीज और तीमारदारों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
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ज्ञापन में बताया कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े अनुसार जिले में 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों की संख्या एक लाख 20 हजार है लेकिन यहां एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में परिजन बच्चों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने को विवश हैं और एक माह में अनुमानित उनकी जेब पर 60 लाख का बोझ पड़ता है। जिले में इस समय सरकारी अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं हैं जिसके चलते गर्भवती महिलाएं बेहद परेशान हैं। इस समय जिले में चिकित्सकों के 84 फीसदी पद खाली पड़े हैं जिसके चलते साढ़े पांच लाख की आबादी को ज्यादातर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में जल्द से जल्द सुधार कराने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि अगर एक सप्ताह में धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आया तो सामाजिक संगठन सिविल अस्पताल से डीसी ऑफिस तक पैदल मार्च करेंगे और इस विषय में जल्द आंदोलन भी खड़ा कर सकते हैं। तहसीलदार कंवल सिंह ने इन लोगों को आश्वस्त कर वापस भेजा। ज्ञापन सौैंपने वालों में बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ सचिव रिंपी फौगाट, प्रयास वेलफेयर गु्रप से सुमित सुहाग, राजेश सोनी, रोहित, बंटी, राजदीप, रामकुमार आदि मौजूद थे।