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नई पेयजल लाइन डालने पर भी प्रोफेसर कॉलोनी में नहीं पहुंचा पानी, लोगों ने की नारेबाजी
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चरखी दादरी। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा वार्ड चार की प्रोफेसर कॉलोनी में नई पेयजल लाइन डाले दो माह हो चुके हैं लेकिन अब तक इससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। इसके चलते यहां पेयजल संकट गहराया हुआ है। वार्डवासियों ने शनिवार को जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। लोगों ने विभाग के इस प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ दिन पहले नई लाइन डालने के बाद वार्ड-12 में भी पेयजल सप्लाई शुरू न होने का मामला सामने आया था। वार्ड चार के बाशिंदों ने जनस्वास्थ्य विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है।
शनिवार को दादरी नगर के वार्ड चार प्रोफेसर कालोनी के लोगों ने पेयजल आपूर्ति न होने पर रोष जताय और जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि पिछले दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वार्ड के लोगों ने बताया की करीब दो माह पहले यहां 500 फीट लंबी पेयजल लाइन डाली गई थी । पिछली लाइन की गहराई छह फीट थी और उनकी गली में नई पाइन लाइन महज तीन फीट की गहराई पर ही डाल दी गई जिसके चलते पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग पीने का पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो लोग कड़े कदम उठाने को विवश होंगे। लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम पानी की जरूरत अधिक होती है लेकिन उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सीधे तौर पर विभाग जिम्मेदार है। वार्ड निवासी देवली, पार्वती, पूजा, मीना, सुनिता, प्रमीला और मांगेराम आदि ने कहा कि दो माह से उनके यहां घरों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। लोग विभाग के चक्कर काटकर थक चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। कॉलोनी की महिलाओं ने कहा कि घरों में लगे नल सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। विभाग की ओर से पेयजल बिल जरूर समय पर भेज दिए जाते हैं। यदि यही रवैया रहा तो लोग और कड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। नारेबाजी कर रहे वार्ड के लोगों ने कहा कि उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वार्ड की महिलाएं दूरदराज हैंडपंपों से भी पानी लाने को मजबूर हैं।
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दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया गया है लेकिन इस ओर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा।
देवकी
नई पेयजल लाइन डालने के बाद भी विभाग पेयजल संकट दूर नहीं कर पाया। समस्या की जानकारी देने के बावजूद अब तक समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
माया देवी
हमें तो पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। वार्ड की महिलाएं दूरदराज हैंडपंपों से भी पानी लाने को मजबूर हैं। पूरा दिन सिर पर पानी ढोने में ही महिलाओं का गुजर जाता है।
मुकेश
पिछले दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। कॉलोनी के लोग पानी के टैंकर खरीदकर काम चला रह हैं। एक टैंकर के बदले 300 से 350 रुपये देने पड़ रहे हैं।
बिमला
लाइन दो माह पहले ही डाली गई थी लेकिन इसमें पानी आज तक नही पहुंच पाया है। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिल चुका लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
दिनेश जांगड़ा, पार्षद, वार्ड-4
प्रोफेसर कॉलोनी में पेयजल सप्लाई न होने की शिकायत हमें मिली है। जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
पीके बंसल, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग
शनिवार को दादरी नगर के वार्ड चार प्रोफेसर कालोनी के लोगों ने पेयजल आपूर्ति न होने पर रोष जताय और जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि पिछले दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वार्ड के लोगों ने बताया की करीब दो माह पहले यहां 500 फीट लंबी पेयजल लाइन डाली गई थी । पिछली लाइन की गहराई छह फीट थी और उनकी गली में नई पाइन लाइन महज तीन फीट की गहराई पर ही डाल दी गई जिसके चलते पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग पीने का पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो लोग कड़े कदम उठाने को विवश होंगे। लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम पानी की जरूरत अधिक होती है लेकिन उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सीधे तौर पर विभाग जिम्मेदार है। वार्ड निवासी देवली, पार्वती, पूजा, मीना, सुनिता, प्रमीला और मांगेराम आदि ने कहा कि दो माह से उनके यहां घरों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। लोग विभाग के चक्कर काटकर थक चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। कॉलोनी की महिलाओं ने कहा कि घरों में लगे नल सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। विभाग की ओर से पेयजल बिल जरूर समय पर भेज दिए जाते हैं। यदि यही रवैया रहा तो लोग और कड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। नारेबाजी कर रहे वार्ड के लोगों ने कहा कि उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वार्ड की महिलाएं दूरदराज हैंडपंपों से भी पानी लाने को मजबूर हैं।
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दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया गया है लेकिन इस ओर विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा।
देवकी
नई पेयजल लाइन डालने के बाद भी विभाग पेयजल संकट दूर नहीं कर पाया। समस्या की जानकारी देने के बावजूद अब तक समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
माया देवी
हमें तो पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। वार्ड की महिलाएं दूरदराज हैंडपंपों से भी पानी लाने को मजबूर हैं। पूरा दिन सिर पर पानी ढोने में ही महिलाओं का गुजर जाता है।
मुकेश
पिछले दो माह से वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। कॉलोनी के लोग पानी के टैंकर खरीदकर काम चला रह हैं। एक टैंकर के बदले 300 से 350 रुपये देने पड़ रहे हैं।
बिमला
लाइन दो माह पहले ही डाली गई थी लेकिन इसमें पानी आज तक नही पहुंच पाया है। कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिल चुका लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
दिनेश जांगड़ा, पार्षद, वार्ड-4
प्रोफेसर कॉलोनी में पेयजल सप्लाई न होने की शिकायत हमें मिली है। जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
पीके बंसल, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग