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वातावरण सही न होने से बेटे को सांस लेने में हुई दिक्कत तो छह साल में लगा दिए दस हजार पौधे
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झज्जर। आर्य नगर निवासी शिक्षक नवींद्र कुमार को पर्यावरण बचाने का जुनून इतना है कि वो अब तक करीब दस हजार पौधे लगा चुके हैं। रवींद्र कुमार के जुनून के पीछे का रहस्य है कि आज से करीब छह साल पहले डॉक्टर ने एक बार उनके बेटे को सांस लेने में तकलीफ की वजह आसपास का वातावरण सही नहीं होना बता दिया। बस फिर क्या था नवींद्र ने पौधरोपण कर पर्यावरण को बचाने की जिद ठान ली। इसके बाद से उन पर पेड़ लगाने की धुन सवार हो गई है। निजी स्कूल चलाने वाले नवींद्र हर साल वे अपने स्कूल के पहले दिन बच्चों को पौधे गिफ्ट करते हैं। बच्चों से स्कूल के आसपास के क्षेत्र में पौधे लगवाते हैं तथा उन्हें पौधों की पेड़ बनने तक रखवाली करने की जिम्मेदारी देते हैं। उन्होंने बताया कि उनके लगाए पौधे जब पेड़ बनते हैं तो उन्हें बड़े गर्व की अनुभूति होती है। पौधे लगाने की शुरुआत के पीछे चाहे वजह कोई भी रही हो लेकिन अब उन्हें इस कार्य में आनंद आता है। बच्चों को प्रेरित करने के पीछे हमारा मकसद पर्यावरण प्रेमी तैयार करना है।
चला चुके हैं सेल्फी विद ट्री अभियान
बच्चों को बांटे गए पौधे उन्होंने लगाए या नहीं, इसकी तसल्ली करने के लिए वे सेल्फी विद ट्री अभियान चलाते हैं। बच्चे अपने लगाए पौधे के साथ सेल्फी भेजते हैं तो उन्हें स्कूल में सम्मानित किया जाता है। अभियान की सफलता के लिए वे इस प्रकार के तरीके अपना कर पर्यावरण संरक्षित करने की अपनी धुन में लीन रहते हैं।
गिफ्ट में मिलता है पौधा
बच्चों के द्वारा बेहतर कार्य करने पर उन्हें वे पारितोषिक के साथ पौधे भी भेंट करते हैं। इतना ही नहीं हर साल बारिश का सीजन शुरू होने पर बच्चों को पौधे लगाने की शपथ दिलवाई जाती है तथा उन्हें पौधे लगाने के लिए उपलब्ध भी करवाए जाते हैं। इसी का परिणाम है कि खुडन गांव में उनके स्कूल दी हाइट के आसपास के क्षेत्र में काफी हरियाली हो गई है।
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चला चुके हैं सेल्फी विद ट्री अभियान
बच्चों को बांटे गए पौधे उन्होंने लगाए या नहीं, इसकी तसल्ली करने के लिए वे सेल्फी विद ट्री अभियान चलाते हैं। बच्चे अपने लगाए पौधे के साथ सेल्फी भेजते हैं तो उन्हें स्कूल में सम्मानित किया जाता है। अभियान की सफलता के लिए वे इस प्रकार के तरीके अपना कर पर्यावरण संरक्षित करने की अपनी धुन में लीन रहते हैं।
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गिफ्ट में मिलता है पौधा
बच्चों के द्वारा बेहतर कार्य करने पर उन्हें वे पारितोषिक के साथ पौधे भी भेंट करते हैं। इतना ही नहीं हर साल बारिश का सीजन शुरू होने पर बच्चों को पौधे लगाने की शपथ दिलवाई जाती है तथा उन्हें पौधे लगाने के लिए उपलब्ध भी करवाए जाते हैं। इसी का परिणाम है कि खुडन गांव में उनके स्कूल दी हाइट के आसपास के क्षेत्र में काफी हरियाली हो गई है।
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