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32 घंटे की जदोजहद के बाद निगम ने मानी आठ मांगें, 32 घंटे बाद तीनन सब स्टेशनों से जुड़े 29 गांवों की बिजली सप्लाई बहाल
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
झोझूकलां 133 केवी सब स्टेशन पर सोमवार से शुरू किया धरना 20 गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार शाम मांग पूरी होने पर समाप्त कर दिया। जिला प्रशासन की मौजूदगी में बिजली निगम के एसई ने आठ मांगें और पुलिस विभाग ने एक मांग पूरी करने का आश्वासन देकर सात जन प्रतिनिधियों के आमरण अनशन और ग्रामीणों के धरना को खत्म करा दिया। ग्रामीणों की कमेटी और जिला प्रशासन के बीच झोझूकलां पुलिस चौकी में डेढ़ घंटे के गहन मंथन के बाद वार्ता सिरे चढ़ी। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के आश्वासन पर कमेटी ने धरना और आमरण अनशन दोनों समाप्त कर दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने तीनों सब स्टेशनों से जुड़े 29 गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी।
सुबह करीब 10 बजे लोग धरनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। करीब 11 बजे जिला पार्षद अजय झोझू, बादल सरपंच संजय, पूर्व सरपंच राजेश, झोझू खुर्द सरपंच मनोज, शीशवाला सरपंच अशोक, बलाली सरपंच अमित व गुडाना सरपंच रमेश आमरण अनशन पर बैठ गए। वहीं, धरने के समर्थन में मंगलवार को झोझूकलां व्यापार मंडल भी उतर आया और पूरे बाजार को बंद कर दिया। वहीं, मंगलवार को कई खापों के प्रतिनिधियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपनी खाप की तरफ से समर्थन दिया। दोपहर करीब ढाई बजे एसडीएम ओमप्रकाश देवराला, डीएसपी प्रदीप नैन, बिजली निगम एसई एसएस सांगवान, एक्सईएन ओमवीर सहित धरनास्थल पर पहुंचे।
इसके बाद 11 सदस्यीय कमेटी को वार्ता के लिए अधिकारियों ने झोझूकलां पुलिस चौकी परिसर बुलाया। बता दें कि मंच से बार-बार हो रही रोड जाम के फैसले की घोषणा को देखते हुए पुलिस विभाग ने भी एक कंपनी को मौके पर भेज दिया। इसके बाद पुलिस चौकी में ग्रामीणों की कमेटी ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा जबकि सोमवार को ग्रामीणों ने बिजली निगम से जुड़ी छह मांगें रखी थी जिन पर शाम तक सहमति नहीं बनी थी। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने कमेटी के मांगपत्र में शामिल आठ बिंदुओं पर बिजली निगम एसई और एक्सईएन से आश्वासन दिलाया और एक मांग पर डीएसपी प्रदीप नैन ने कमेटी को आश्वस्त किया। इसके बाद सभी धरनास्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन ने मंच के माध्यम से मांगें मानने की घोषणा कर दी। इसके बाद कमेटी ने धरना और आमरण अनशन समाप्ति का एलान कर दिया और 133 केवी सब स्टेशन की बिजली सप्लाई को बहाल करा दिया।
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एक की पावर सप्लाई काटी, दो 33 केवी सब स्टेशन भी 32 घंटे रहे ठप
20 गांवों के करीब 300 ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे झोझूकलां 133 केवी सब स्टेशन के कर्मचारियों को बहाल निकालकर सप्लाई बाधित कर दी थी। इसके चलते 33 केवी शीशवाला और 33 केवी कादमा सब स्टेशन ने भी बिजली न मिलने से काम करना बंद कर दिया। इन तीनों सब स्टेशनों की बिजली सप्लाई बाधित होने के चलते 29 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार शाम करीब पांच बजे 32 घंटे बाद ही तीनों सब स्टेशनों की बिजली सप्लाई बहाल हो पाई।
एक घंटे की बैठक में ये चला वार्ता का दौर
मांग: झोझूकलां सब स्टेशन में 132/ 11 केवीएम का हब ट्रांसफार्मर रखवाया जाए। इस समय 8 एमवीए का ट्रांसफार्मर से एक समय में केवल एक फीडर में करंट दौड़ता है।
आश्वासन:- निगम के एसई एसएस सांगवान ने बताया कि 15 दिन के अंदर बड़ा ट्रांसफार्मर पहुंच जाएगा। इसके लिए डिमांड उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं और यहां 132/ 11 केवीएम का ट्रांसफार्मर ही रखा जाएगा।
मांग: बिजली शेड्यूल से भी कम बिजली सप्लाई मिल रही है। इसे बढ़ाकर 18 से 20 घंटे किया जाए।
आश्वासन: एसई ने निगम उच्चाधिकारियों और डीसी से टेलीफोन पर बात करने के बाद ही इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया। निगम ने कमेटी से मीटरों को बदलवाने व चोरी रोकने में सहयोग देने की शर्त भी रखी।
मांग:-शीशवाला 33 केवी सब स्टेशन की ओसीबी रिले ढाई साल से खराब है, इसे बदला जाए।
आश्वासन: निगम एक्सईएन ओमवीर ने एक सप्ताह में रिले बदलवाने का आश्वासन कमेटी को दिया।
मांग: 20 गांवों में 900 लोहे के पोल खड़े हैं, इन्हें बदला जाए।
आश्वासन: यह काम दो दिन के अंदर ही शुरू कर दिया जाएगा और पहले जर्जर हाल के बिजली पोल को बदला जाएगा।
मांग: रामबास में बिजली किल्लत पर रोड जाम करने वाले 20 किसानों पर केस दर्ज है, इसे रद्द किया जाए।
आश्वासन: डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप नैन ने एसडीएम से बातचीत कर इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।
वर्जन:
लोगों की कमेटी को निगम अधिकारियों ने आश्वासन दे दिया और इसके बाद उन्होंने धरना और आमरण अनशन खत्म कर दिए। बिजली चोरी रोकने में सहयोग का आश्वासन कमेटी ने भी निगम अधिकारियों को दिया है।
-ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
अधिकारियों के आश्वासन मानने के बाद हमने धरना और आमरण अनशन खत्म कर सब स्टेशन की बिजली सप्लाई बहाल करवा दी है। कमेटी बिजली चोरी रोकने में निगम अधिकारियों का सहयोग करेगी।
-सूरजभान, कन्नी प्रधान
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चरखी दादरी।
झोझूकलां 133 केवी सब स्टेशन पर सोमवार से शुरू किया धरना 20 गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार शाम मांग पूरी होने पर समाप्त कर दिया। जिला प्रशासन की मौजूदगी में बिजली निगम के एसई ने आठ मांगें और पुलिस विभाग ने एक मांग पूरी करने का आश्वासन देकर सात जन प्रतिनिधियों के आमरण अनशन और ग्रामीणों के धरना को खत्म करा दिया। ग्रामीणों की कमेटी और जिला प्रशासन के बीच झोझूकलां पुलिस चौकी में डेढ़ घंटे के गहन मंथन के बाद वार्ता सिरे चढ़ी। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के आश्वासन पर कमेटी ने धरना और आमरण अनशन दोनों समाप्त कर दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने तीनों सब स्टेशनों से जुड़े 29 गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी।
सुबह करीब 10 बजे लोग धरनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। करीब 11 बजे जिला पार्षद अजय झोझू, बादल सरपंच संजय, पूर्व सरपंच राजेश, झोझू खुर्द सरपंच मनोज, शीशवाला सरपंच अशोक, बलाली सरपंच अमित व गुडाना सरपंच रमेश आमरण अनशन पर बैठ गए। वहीं, धरने के समर्थन में मंगलवार को झोझूकलां व्यापार मंडल भी उतर आया और पूरे बाजार को बंद कर दिया। वहीं, मंगलवार को कई खापों के प्रतिनिधियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपनी खाप की तरफ से समर्थन दिया। दोपहर करीब ढाई बजे एसडीएम ओमप्रकाश देवराला, डीएसपी प्रदीप नैन, बिजली निगम एसई एसएस सांगवान, एक्सईएन ओमवीर सहित धरनास्थल पर पहुंचे।
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इसके बाद 11 सदस्यीय कमेटी को वार्ता के लिए अधिकारियों ने झोझूकलां पुलिस चौकी परिसर बुलाया। बता दें कि मंच से बार-बार हो रही रोड जाम के फैसले की घोषणा को देखते हुए पुलिस विभाग ने भी एक कंपनी को मौके पर भेज दिया। इसके बाद पुलिस चौकी में ग्रामीणों की कमेटी ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा जबकि सोमवार को ग्रामीणों ने बिजली निगम से जुड़ी छह मांगें रखी थी जिन पर शाम तक सहमति नहीं बनी थी। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने कमेटी के मांगपत्र में शामिल आठ बिंदुओं पर बिजली निगम एसई और एक्सईएन से आश्वासन दिलाया और एक मांग पर डीएसपी प्रदीप नैन ने कमेटी को आश्वस्त किया। इसके बाद सभी धरनास्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन ने मंच के माध्यम से मांगें मानने की घोषणा कर दी। इसके बाद कमेटी ने धरना और आमरण अनशन समाप्ति का एलान कर दिया और 133 केवी सब स्टेशन की बिजली सप्लाई को बहाल करा दिया।
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एक की पावर सप्लाई काटी, दो 33 केवी सब स्टेशन भी 32 घंटे रहे ठप
20 गांवों के करीब 300 ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे झोझूकलां 133 केवी सब स्टेशन के कर्मचारियों को बहाल निकालकर सप्लाई बाधित कर दी थी। इसके चलते 33 केवी शीशवाला और 33 केवी कादमा सब स्टेशन ने भी बिजली न मिलने से काम करना बंद कर दिया। इन तीनों सब स्टेशनों की बिजली सप्लाई बाधित होने के चलते 29 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार शाम करीब पांच बजे 32 घंटे बाद ही तीनों सब स्टेशनों की बिजली सप्लाई बहाल हो पाई।
एक घंटे की बैठक में ये चला वार्ता का दौर
मांग: झोझूकलां सब स्टेशन में 132/ 11 केवीएम का हब ट्रांसफार्मर रखवाया जाए। इस समय 8 एमवीए का ट्रांसफार्मर से एक समय में केवल एक फीडर में करंट दौड़ता है।
आश्वासन:- निगम के एसई एसएस सांगवान ने बताया कि 15 दिन के अंदर बड़ा ट्रांसफार्मर पहुंच जाएगा। इसके लिए डिमांड उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं और यहां 132/ 11 केवीएम का ट्रांसफार्मर ही रखा जाएगा।
मांग: बिजली शेड्यूल से भी कम बिजली सप्लाई मिल रही है। इसे बढ़ाकर 18 से 20 घंटे किया जाए।
आश्वासन: एसई ने निगम उच्चाधिकारियों और डीसी से टेलीफोन पर बात करने के बाद ही इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया। निगम ने कमेटी से मीटरों को बदलवाने व चोरी रोकने में सहयोग देने की शर्त भी रखी।
मांग:-शीशवाला 33 केवी सब स्टेशन की ओसीबी रिले ढाई साल से खराब है, इसे बदला जाए।
आश्वासन: निगम एक्सईएन ओमवीर ने एक सप्ताह में रिले बदलवाने का आश्वासन कमेटी को दिया।
मांग: 20 गांवों में 900 लोहे के पोल खड़े हैं, इन्हें बदला जाए।
आश्वासन: यह काम दो दिन के अंदर ही शुरू कर दिया जाएगा और पहले जर्जर हाल के बिजली पोल को बदला जाएगा।
मांग: रामबास में बिजली किल्लत पर रोड जाम करने वाले 20 किसानों पर केस दर्ज है, इसे रद्द किया जाए।
आश्वासन: डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप नैन ने एसडीएम से बातचीत कर इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।
वर्जन:
लोगों की कमेटी को निगम अधिकारियों ने आश्वासन दे दिया और इसके बाद उन्होंने धरना और आमरण अनशन खत्म कर दिए। बिजली चोरी रोकने में सहयोग का आश्वासन कमेटी ने भी निगम अधिकारियों को दिया है।
-ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
अधिकारियों के आश्वासन मानने के बाद हमने धरना और आमरण अनशन खत्म कर सब स्टेशन की बिजली सप्लाई बहाल करवा दी है। कमेटी बिजली चोरी रोकने में निगम अधिकारियों का सहयोग करेगी।
-सूरजभान, कन्नी प्रधान