{"_id":"5bc646b9bdec226974556a4b","slug":"141539720889-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झज्जर में पूरी तरह से फेल रही रोडवेज यूनियनों की हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर में पूरी तरह से फेल रही रोडवेज यूनियनों की हड़ताल
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:48 AM IST
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झज्जर। कर्मचारी यूनियनों के आपसी तालमेल की कमी के कारण रोडवेज यूनियनों की हड़ताल झज्जर में पूरी तरह से फेल रही। मात्र
31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे जिसकी वजह से बस सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द होने के कारण वे भी वापस ड्यूटी आ गए थे और वे बसों को लेकर रूटों पर चलते रहे। हड़ताल के दौरान झज्जर डिपो में 112 बसों में से 104 बसें अपने रूटों पर चलती रहीं। जबकि 8 बसेें सर्विस आदि के लिए खड़ी होने की वजह से रूटों पर नहीं जा पाई। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलने की वजह से यात्री सामान्य दिनों की तरह यात्रा करते रहे।
कर्मचारी यूनियनों ने पहले ही हड़ताल की घोषणा की हुई थी जिसमें ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, इंटक, एसकेएस,
महासंघ आदि शामिल थी, लेकिन तालमेल कमी की वजह से हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब नहीं हुई और मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिनमें 14 चालक व 17 कंडेक्टर शामिल थे। इन कर्मचारियों ने सुबह सामान्य बस स्टैंड पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार पलड़ा, महासंघ के प्रधान विक्रम, इंटक के प्रधान प्रवीन छारा आदि का कहना है कि उनकी सरकार से मांग है कि 720 प्राइवेट बसों को सड़कों पर न उतारा जाए और जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। झज्जर 150 चालक 138 कंडक्टर जिनमें से मात्र 31 चालक व कंडेक्टर हड़ताल पर रहे हैं। वहीं बुधवार को भी कर्मचारियों हड़ताल जारी रहेगी।
पुलिस बल रहा तैनात
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सुबह ही सामान्य बस स्टैंड और कर्मशाला में पुलिस के जवानों
को तैनात कर दिया गया था। दिन भर काफी संख्या में पुलिस कर्मचारी दोनों स्थानों तैनात रहे। लेकिन हड़ताल पर गए कर्मचारियों की
संख्या कम होने के कारण पुलिस के जवानों ने भी राहत की सांस ली।
आपसी तालमेल की कमी
कर्मचारियों के आपसी तालमेल की कमी की वजह से हड़ताल सफल नहीं हो पाई। जबकि प्रदेश की तालमेट कमेटी का आह्वान था कि ये सभी यूनियन हड़ताल में शामिल रहेंगी।
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- सुरेश पलड़ा, प्रधान आल हरियाणा वर्कर यूनियन, झज्जर।
झज्जर डिपो में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। सभी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और किलोमीटर भी सामान्य दिनों की तरह ही पूरे किए गए हैं। मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर होने के कारण छुट्टी पर गए कर्मचारियों को वापस बुलाया गया था। जिसकी वजह से बस सेवाओं पर असर नहीं पड़ा।
- जय सिंह दुजाना, डीआई, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, झज्जर।
--फोटो 3 : सामान्य बस स्टैंड पर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते कर्मचारी।
--फोटो 4 : हड़ताल के चलते सामान्य बस स्टैंड पर खड़ी बसें।
--फोटो 5 : हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस जवान।
--फोटो 6 : सामान्य बस स्टैंड पर बूथों पर लगी बस व अपने रुटों पर रवाना होती बसें।
31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे जिसकी वजह से बस सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द होने के कारण वे भी वापस ड्यूटी आ गए थे और वे बसों को लेकर रूटों पर चलते रहे। हड़ताल के दौरान झज्जर डिपो में 112 बसों में से 104 बसें अपने रूटों पर चलती रहीं। जबकि 8 बसेें सर्विस आदि के लिए खड़ी होने की वजह से रूटों पर नहीं जा पाई। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलने की वजह से यात्री सामान्य दिनों की तरह यात्रा करते रहे।
कर्मचारी यूनियनों ने पहले ही हड़ताल की घोषणा की हुई थी जिसमें ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, इंटक, एसकेएस,
महासंघ आदि शामिल थी, लेकिन तालमेल कमी की वजह से हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब नहीं हुई और मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिनमें 14 चालक व 17 कंडेक्टर शामिल थे। इन कर्मचारियों ने सुबह सामान्य बस स्टैंड पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार पलड़ा, महासंघ के प्रधान विक्रम, इंटक के प्रधान प्रवीन छारा आदि का कहना है कि उनकी सरकार से मांग है कि 720 प्राइवेट बसों को सड़कों पर न उतारा जाए और जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। झज्जर 150 चालक 138 कंडक्टर जिनमें से मात्र 31 चालक व कंडेक्टर हड़ताल पर रहे हैं। वहीं बुधवार को भी कर्मचारियों हड़ताल जारी रहेगी।
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पुलिस बल रहा तैनात
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सुबह ही सामान्य बस स्टैंड और कर्मशाला में पुलिस के जवानों
को तैनात कर दिया गया था। दिन भर काफी संख्या में पुलिस कर्मचारी दोनों स्थानों तैनात रहे। लेकिन हड़ताल पर गए कर्मचारियों की
संख्या कम होने के कारण पुलिस के जवानों ने भी राहत की सांस ली।
आपसी तालमेल की कमी
कर्मचारियों के आपसी तालमेल की कमी की वजह से हड़ताल सफल नहीं हो पाई। जबकि प्रदेश की तालमेट कमेटी का आह्वान था कि ये सभी यूनियन हड़ताल में शामिल रहेंगी।
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- सुरेश पलड़ा, प्रधान आल हरियाणा वर्कर यूनियन, झज्जर।
झज्जर डिपो में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। सभी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और किलोमीटर भी सामान्य दिनों की तरह ही पूरे किए गए हैं। मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर होने के कारण छुट्टी पर गए कर्मचारियों को वापस बुलाया गया था। जिसकी वजह से बस सेवाओं पर असर नहीं पड़ा।
- जय सिंह दुजाना, डीआई, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, झज्जर।
--फोटो 3 : सामान्य बस स्टैंड पर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते कर्मचारी।
--फोटो 4 : हड़ताल के चलते सामान्य बस स्टैंड पर खड़ी बसें।
--फोटो 5 : हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस जवान।
--फोटो 6 : सामान्य बस स्टैंड पर बूथों पर लगी बस व अपने रुटों पर रवाना होती बसें।