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रोहतक-रेवाड़ी ट्रैक पर अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में दौड़ेगी पहली इलैक्ट्रिक टेन
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:56 AM IST
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झज्जर। रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रेल मार्ग के विद्युतीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। रेलवे लाइन के साथ लगाए गए खंभों पर तार बिछाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अब रेलवे स्टेशनों पर बिछाई गई लाइनों पर लगाए गए खंभों पर तार लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस माह के अंत तक रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं बिजली की लाइनें पूरी तरह से तैयार होने के बाद इन्हें रेलवे स्टेशनों के साथ बनाए गए पॉवर हाउसों से जोड़ दिया जाएगा। उसके बाद इस लाइन का निरीक्षण करने के लिए रेलवे के उच्च अधिकारी आएंगे और उनकी रिपोर्ट के बाद इस लाइन पर बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियां दौड़ने लगेंगी। हालांकि सितंबर में मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के निरीक्षण करने की संभावनाएं थीं। लेकिन कार्य पूरा न होने के कारण उनका दौरा नहीं हो पाया था।
पैसेंजर गाड़ियां बढ़ने की उम्मीद
बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियां चलने के बाद इस मार्ग पर पैसेंजर गाड़ियों के बढ़ाए जाने की संभावनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्योंकि फिलहाल इस मार्ग पर सुबह शाम ही रेलगाड़ियां चलती हैं। जिनसे लोगों को फायदा कम मिल रहा है। दिन के समय भी दो से तीन राउंड पैसेंजर गाड़ियों के होने चाहिए।
100 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां
रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के बाद इस मार्ग पर सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रेलगाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी। इसके लिए पिछले साल ही रेलवे ट्रैक को सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां चलाने के लिए तैयार किया जा चुका है। इससे पहले इस ट्रैक की क्षमता 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के लिए तैयार की गई थी। अब रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के बाद गाड़ियां और अधिक स्पीड से दौड़ेंगी तो लोगों को रेल से आवागमन करने में कम समय लगेगा। वहीं रेलगाड़ियों के बिजली और डीजल से चलने वाले इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हो जाएगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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24 घंटे के लिए ओपन हो चुके हैं रेलवे स्टेशन
जनवरी 2013 में झज्जर के लोगों का रेल की सिटी सुनने का सपना पूरा हुआ था। उसके बाद से चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम को रेलगाड़ियां चलती थीं और उस समय नाम मात्र का स्टाफ था। इस साल मार्च में इस रेल मार्ग पर लगने वाले सभी स्टेशनों पर पूरा स्टाफ नियुक्त करते हुए 24 घंटे के लिए खोला जा चुका है। ताकि 24 घंटे गाड़ियां चलाई जा सकें। फिलहाल जयपुर-चंडीगढ़ के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, एक पैसेंजर और दो डेमू गाड़ियां ही चलती हैं। इनके अलावा इस लाइन पर मालगाड़ियां अधिक दौड़ती हैं।
इस माह के अंत तक रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने की संभावना है। फिलहाल तार लगाने का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। कार्य पूरा होने के बाद सीएसआर दौरा करेंगे। उसके बाद लाइन पर बिजली से चलने वाली गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
- केपी मीणा, स्टेशन अधीक्षक झज्झर।
पैसेंजर गाड़ियां बढ़ने की उम्मीद
बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियां चलने के बाद इस मार्ग पर पैसेंजर गाड़ियों के बढ़ाए जाने की संभावनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्योंकि फिलहाल इस मार्ग पर सुबह शाम ही रेलगाड़ियां चलती हैं। जिनसे लोगों को फायदा कम मिल रहा है। दिन के समय भी दो से तीन राउंड पैसेंजर गाड़ियों के होने चाहिए।
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100 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां
रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के बाद इस मार्ग पर सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रेलगाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी। इसके लिए पिछले साल ही रेलवे ट्रैक को सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां चलाने के लिए तैयार किया जा चुका है। इससे पहले इस ट्रैक की क्षमता 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के लिए तैयार की गई थी। अब रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के बाद गाड़ियां और अधिक स्पीड से दौड़ेंगी तो लोगों को रेल से आवागमन करने में कम समय लगेगा। वहीं रेलगाड़ियों के बिजली और डीजल से चलने वाले इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हो जाएगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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24 घंटे के लिए ओपन हो चुके हैं रेलवे स्टेशन
जनवरी 2013 में झज्जर के लोगों का रेल की सिटी सुनने का सपना पूरा हुआ था। उसके बाद से चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम को रेलगाड़ियां चलती थीं और उस समय नाम मात्र का स्टाफ था। इस साल मार्च में इस रेल मार्ग पर लगने वाले सभी स्टेशनों पर पूरा स्टाफ नियुक्त करते हुए 24 घंटे के लिए खोला जा चुका है। ताकि 24 घंटे गाड़ियां चलाई जा सकें। फिलहाल जयपुर-चंडीगढ़ के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, एक पैसेंजर और दो डेमू गाड़ियां ही चलती हैं। इनके अलावा इस लाइन पर मालगाड़ियां अधिक दौड़ती हैं।
इस माह के अंत तक रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने की संभावना है। फिलहाल तार लगाने का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। कार्य पूरा होने के बाद सीएसआर दौरा करेंगे। उसके बाद लाइन पर बिजली से चलने वाली गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
- केपी मीणा, स्टेशन अधीक्षक झज्झर।