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साढ़े आठ करोड़ की सड़क में ईआईसी को मिली खामी, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन-एसडीओ सहित दो जेई सस्पेंड
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
ईआईसी (इंजीनियर-इन-चीफ) के औचक निरीक्षण में नव निर्माणाधीन सड़क में खामी मिलने पर पीडब्ल्यूडी स्टाफ पर गाज गिरी की है। इस संबंध में विभाग ने एक्सईएन और एसडीओ सहित दो जेई को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। चरखी दादरी पीडब्ल्यूडी विभाग में पहली बर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। वहीं इस मामले में एक्सईएन का कहना है कि सड़क निर्माण में किसी तरह की कोताही नहीं की गई है, इसका अंदाजा सड़क की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है। अचीना से सांजरवास तक बनने वाली इस सड़क की लंबाई करीब 18.5 किलोमीटर है और इस पर करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी। एक्सईएन उदयवीर झांझड़िया के सस्पेंड होने के चलते भिवानी एक्सईएन को चरखी दादरी का अतिरिक्त कार्यभार विभाग के एसई एसपी सिंगला ने सौंपा है।
पीडब्ल्यूडी विभाग दादरी-दिल्ली रोड पर अचीना चौकी से लेकर सांजरवास गांव तक करीब 18.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए विभाग ने जुलाई माह में टेंडर कॉल की थी। इसके दस दिन बाद ही विभाग ने एजेंसी को टेंडर अलॉट कर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। करीब एक माह पहले चीफ-इन-इंजीनियर आरके मनोचा ने नव निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी इस प्रोजेक्ट की जानकारी ली। चीफ-इन-इंजीनियर ने इसके बाद अपनी निरीक्षण रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में उन्होंने सड़क निर्माण में बरम (सड़क किनारे मिट्टी की परत) न डलवाना विभागीय अधिकारियों की खामी बताया। उनकी रिपोर्ट में शामिल इस खामी पर एक्सईएन दयवीर झांझड़िया, एसडीओ आईसी गुप्ता, जेई कुलवीर और जेई नवीन को विभागीय उच्चाधिकारियों ने सस्पेंड कर दिया। वहीं मामले में एक्सईएन और अन्य अधिकारियों को कहना है कि सड़क निर्माण में कोई गड़बडी नहीं है, अगर उन्हें विभागीय उच्चाधिकारी बुलाते हैं तो वो अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। फिलहाल इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने की डेडलाइन में काफी समय बाकी है।
इन गांवों को जोड़ती है सड़क
अचीना से सांजरवास तक करीब साढ़े 18 किलोमीटर दूरी तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। यह सड़क अचीना, भागेश्वरी, रानीला और सांजरवास आदि गांवों से गुजरती है। इस प्रमुख सड़क के जरिए इन गांवों के करीब 20 हजार से अधिक ग्रामीणों का जुड़ावा दादरी-रोहतक और दादरी-दिल्ली रोड से होता है। सस्पेंड एक्सईएन उदयवीर झांझड़िया ने बताया कि सड़क निर्माण की डेडलाइन पूरी होने में अभी करीब चार माह बचे हैं और लगभग काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि सभी मानकों को ध्यान में रखकर ही सड़क निर्माण कराया गया है।
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एक्सपर्ट व्यू: क्यों पड़ती है बरम की जरूरत
नगर परिषद ठेकेदार सुरेंद्र मौड़ी ने बताया कि नव निर्मित सड़क बरसात या अन्य किसी कारण से कटने लगती है और जल्द ही सड़क कंडम हो जाती है। इस स्थिति से बचने के लिए विभाग द्वारा सड़क किनारे बरम डलवाया जाता है। हर विभाग के बरम डालने के अपने मानक होते हैं। इसके तहत एजेंसी को सड़क निर्माण के बाद किनारे पर मिट्टी डालनी होती है और बाद में यह मिट्टी जमा दी जाती है।
एक्सईएन सहित एसडीओ और दो जेई को सस्पेंड किया गया है। उनकी जगह भिवानी एक्सईएन को चरखी दादरी जिले का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
एसपी सिन्हा, एसई, पीडब्ल्यूडी विभाग
हमें अभी उच्चाधिकारियों ने इस संबंध में नोटिस नहीं भेजा है। और न हि सड़क निर्माण में कोई कोताही नहीं की है। नोटिस मिलने के बाद मैं उच्चाधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
उदयवीर झांझड़ियां, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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चरखी दादरी।
ईआईसी (इंजीनियर-इन-चीफ) के औचक निरीक्षण में नव निर्माणाधीन सड़क में खामी मिलने पर पीडब्ल्यूडी स्टाफ पर गाज गिरी की है। इस संबंध में विभाग ने एक्सईएन और एसडीओ सहित दो जेई को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। चरखी दादरी पीडब्ल्यूडी विभाग में पहली बर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। वहीं इस मामले में एक्सईएन का कहना है कि सड़क निर्माण में किसी तरह की कोताही नहीं की गई है, इसका अंदाजा सड़क की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है। अचीना से सांजरवास तक बनने वाली इस सड़क की लंबाई करीब 18.5 किलोमीटर है और इस पर करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी। एक्सईएन उदयवीर झांझड़िया के सस्पेंड होने के चलते भिवानी एक्सईएन को चरखी दादरी का अतिरिक्त कार्यभार विभाग के एसई एसपी सिंगला ने सौंपा है।
पीडब्ल्यूडी विभाग दादरी-दिल्ली रोड पर अचीना चौकी से लेकर सांजरवास गांव तक करीब 18.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए विभाग ने जुलाई माह में टेंडर कॉल की थी। इसके दस दिन बाद ही विभाग ने एजेंसी को टेंडर अलॉट कर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। करीब एक माह पहले चीफ-इन-इंजीनियर आरके मनोचा ने नव निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी इस प्रोजेक्ट की जानकारी ली। चीफ-इन-इंजीनियर ने इसके बाद अपनी निरीक्षण रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में उन्होंने सड़क निर्माण में बरम (सड़क किनारे मिट्टी की परत) न डलवाना विभागीय अधिकारियों की खामी बताया। उनकी रिपोर्ट में शामिल इस खामी पर एक्सईएन दयवीर झांझड़िया, एसडीओ आईसी गुप्ता, जेई कुलवीर और जेई नवीन को विभागीय उच्चाधिकारियों ने सस्पेंड कर दिया। वहीं मामले में एक्सईएन और अन्य अधिकारियों को कहना है कि सड़क निर्माण में कोई गड़बडी नहीं है, अगर उन्हें विभागीय उच्चाधिकारी बुलाते हैं तो वो अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। फिलहाल इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने की डेडलाइन में काफी समय बाकी है।
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इन गांवों को जोड़ती है सड़क
अचीना से सांजरवास तक करीब साढ़े 18 किलोमीटर दूरी तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। यह सड़क अचीना, भागेश्वरी, रानीला और सांजरवास आदि गांवों से गुजरती है। इस प्रमुख सड़क के जरिए इन गांवों के करीब 20 हजार से अधिक ग्रामीणों का जुड़ावा दादरी-रोहतक और दादरी-दिल्ली रोड से होता है। सस्पेंड एक्सईएन उदयवीर झांझड़िया ने बताया कि सड़क निर्माण की डेडलाइन पूरी होने में अभी करीब चार माह बचे हैं और लगभग काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि सभी मानकों को ध्यान में रखकर ही सड़क निर्माण कराया गया है।
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एक्सपर्ट व्यू: क्यों पड़ती है बरम की जरूरत
नगर परिषद ठेकेदार सुरेंद्र मौड़ी ने बताया कि नव निर्मित सड़क बरसात या अन्य किसी कारण से कटने लगती है और जल्द ही सड़क कंडम हो जाती है। इस स्थिति से बचने के लिए विभाग द्वारा सड़क किनारे बरम डलवाया जाता है। हर विभाग के बरम डालने के अपने मानक होते हैं। इसके तहत एजेंसी को सड़क निर्माण के बाद किनारे पर मिट्टी डालनी होती है और बाद में यह मिट्टी जमा दी जाती है।
एक्सईएन सहित एसडीओ और दो जेई को सस्पेंड किया गया है। उनकी जगह भिवानी एक्सईएन को चरखी दादरी जिले का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
एसपी सिन्हा, एसई, पीडब्ल्यूडी विभाग
हमें अभी उच्चाधिकारियों ने इस संबंध में नोटिस नहीं भेजा है। और न हि सड़क निर्माण में कोई कोताही नहीं की है। नोटिस मिलने के बाद मैं उच्चाधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
उदयवीर झांझड़ियां, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी