{"_id":"5a0352794f1c1bc45b8b4de4","slug":"141510167161-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायु प्रदूषण ने बढ़ाई कैंसर व अस्थमा रोगियों के लिए समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायु प्रदूषण ने बढ़ाई कैंसर व अस्थमा रोगियों के लिए समस्या
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पिछले दो-तीन दिनों से जिस तरह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे कई बीमारियों के रोगियों के लिए समस्या बढ़ गई है। ऐसे में उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। सबसे ज्यादा खतरा कैंसर, अस्थमा से ग्रस्त मरीजों को है। उन्हें इस मौसम में घर से बाहर निकलने से भी परहेज करना चाहिए। इस मौसम में लंग्स (फेफड़े) का कैंसर होने का खतरा भी ज्यादा बना हुआ है। चिकित्सकों ने भी बढ़ते वायु प्रदूषण के मौसम में रोगियों को घर में ही आराम करने की सलाह दी है।
प्रदूषण से बढ़ रहा लंग्स कैंसर का खतरा
बढ़ते वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। शहर के ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष वाजपेयी व डॉ. बीएन मिश्रा के मुताबिक वायु प्रदूषण से लंग्स (फेफड़े) कैंसर भी हो सकता है। उनका कहना है कि पहले बीड़ी-सिगरेट व तंबाकू का सेवन करने से लंग्स कैंसर होता था। अब वायु प्रदूषण भी इसका बड़ा कारण है। उनके पास ऐसे मरीज भी आ रहे हैं जिनको लंग्स मेें प्रदूषण के कारण दिक्कत हुई है। अक्सर माना जाता है कि शाकाहारी लोगों को कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा बहुत ही कम होता है लेकिन अब शाकाहारी लोगों को भी कैंसर का खतरा बढ़ रहा है।
ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार स्मॉग से बचाव के उपाय :
- सर्दियों के आरंभ में ही स्मॉग खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इस माहौल में हृदय रोगी अपना ख्याल रखें तो ही बड़ी परेशानी से बच सकते हैं।
- हृदय रोगियों का हृदय कमजोर होता है इसलिए ऐसे माहौल में उनके फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत आ सकती है और वायरल संक्रमण के संपर्क में आते ही उनसे संक्रमित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए वायरल संक्रमण से बचाव के लिए टीके लगवाने चाहिए।
विज्ञापन
- ऐसे मौसम में हृदय आघात अथवा हार्ट अटैक की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए समय पर दवा का सेवन करें। विशेषज्ञ चिकित्सकों के संपर्क में रहे।
- सुबह के समय यह स्मॉग हवा में अधिक मात्रा में होता है इसलिए मरीजों को सुबह बाहर सैर पर जाने से परहेज करना चाहिए।
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
पिछले दो-तीन दिनों से जिस तरह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे कई बीमारियों के रोगियों के लिए समस्या बढ़ गई है। ऐसे में उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। सबसे ज्यादा खतरा कैंसर, अस्थमा से ग्रस्त मरीजों को है। उन्हें इस मौसम में घर से बाहर निकलने से भी परहेज करना चाहिए। इस मौसम में लंग्स (फेफड़े) का कैंसर होने का खतरा भी ज्यादा बना हुआ है। चिकित्सकों ने भी बढ़ते वायु प्रदूषण के मौसम में रोगियों को घर में ही आराम करने की सलाह दी है।
प्रदूषण से बढ़ रहा लंग्स कैंसर का खतरा
बढ़ते वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। शहर के ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष वाजपेयी व डॉ. बीएन मिश्रा के मुताबिक वायु प्रदूषण से लंग्स (फेफड़े) कैंसर भी हो सकता है। उनका कहना है कि पहले बीड़ी-सिगरेट व तंबाकू का सेवन करने से लंग्स कैंसर होता था। अब वायु प्रदूषण भी इसका बड़ा कारण है। उनके पास ऐसे मरीज भी आ रहे हैं जिनको लंग्स मेें प्रदूषण के कारण दिक्कत हुई है। अक्सर माना जाता है कि शाकाहारी लोगों को कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा बहुत ही कम होता है लेकिन अब शाकाहारी लोगों को भी कैंसर का खतरा बढ़ रहा है।
विज्ञापन
ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार स्मॉग से बचाव के उपाय :
- सर्दियों के आरंभ में ही स्मॉग खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इस माहौल में हृदय रोगी अपना ख्याल रखें तो ही बड़ी परेशानी से बच सकते हैं।
- हृदय रोगियों का हृदय कमजोर होता है इसलिए ऐसे माहौल में उनके फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत आ सकती है और वायरल संक्रमण के संपर्क में आते ही उनसे संक्रमित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए वायरल संक्रमण से बचाव के लिए टीके लगवाने चाहिए।
विज्ञापन
- ऐसे मौसम में हृदय आघात अथवा हार्ट अटैक की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए समय पर दवा का सेवन करें। विशेषज्ञ चिकित्सकों के संपर्क में रहे।
- सुबह के समय यह स्मॉग हवा में अधिक मात्रा में होता है इसलिए मरीजों को सुबह बाहर सैर पर जाने से परहेज करना चाहिए।