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बारिश का कहर: शहर में जलभराव तो गांवों में मचाई तबाही
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी/बाढड़ा।
जिले के विभिन्न भागों में पिछले तीन तीन दिन से जारी बारिश के सिलसिले से हालात विकट बनने लगे हैं। शहर में जहां जलभराव की स्थिति है तो वहीं गांवों में बारिश ने तबाही मचाई है। शहर में जलभराव से जहां दिनचर्या कुछ हद तक गांवों में पूर्णतया प्रभावित है। जिले में कपास की करीब छह हजार एकड़ में खड़ी फसलों में 80 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। शहर का एसटीपी ओवरफ्लो होने से हालात बेहद खराब बने हुए हैं। करीब 10 से ज्यादा गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। सोमवार को भी दादरी शहर में 41 तो बाढड़ा उपमंडल में 20 एमएम बारिश दोपहर चार बजे तक रिकॉर्ड की गई।
चरखी दादरी शहर व गांवों में पिछले तीन दिनों से बारिश का कहर जारी है। बारिश ने शहर के साथ-साथ गांवों में भी तबाही मचा दी है। प्रशासन व विभाग के नाकाफी प्रबंधों की वजह से यह विकट हालात बने हैं। इस मानसून सीजन की प्रशासन व विभाग ने शुरू से ही तैयारियां व होमवर्क नहीं किया था इसी का यह दुष्परिणाम लोगों का झेलना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान चरखी दादरी शहर में 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार शाम चार बजे से सुबह आठ बजे 38 एमएम बारिश दर्ज की गई और इसी प्रकार सोमवार सुबह आठ बजे के बाद से दोपहर चार बजे तक तीन एमएम बारिश दर्ज की गई।
बारिश की झड़ी के बीच गलियों में छाया अंधेरा
बारिश की लगातार हो रही झड़ी से स्ट्रीट लाइटें फ्यूज हो जाने की वजह से शहर की कालोनियों व बाजारों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है। दुकानदारों को सूरज ढलने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान व दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। रात के समय चोरी की घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। पिछले तीन दिनों में शहर की करीब 50 स्ट्रीट लाइटें खराब हुई हैं और नगर परिषद ने इन्हें बदलने की कवायद शुरू कर दी है।
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10 से ज्यादा गांवों में मचाई तबाही
बारिश ने जिले के 10 से ज्यादा गांवों में तबाही मचा दी हैै। इन गांवों में जलभराव से जहां मेन रास्ते बंद हो गए हैं वहीं कई गांवों में तो घरों में भी पानी घुसने लगा है। गांव पांडवान में करीब 30 से ज्यादा मकानों में बारिश का पानी जमा है। गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। इसी प्रकार गांव चरखी व बिरहीं कलां में भी रास्ते बंद होने पर लोग परेशान हैं। गांव पांडवान व चरखी के चारों ओर पानी जमा है।
किस गांव की कितनी फसल हुई बर्बाद
बारिश से कपास की फसल में 85 प्रतिशत तक नुकसान का आंकलन है। गांव पांडवान में करीब 500 एकड़ जमीन में खड़ी कपास की फसल तबाह हो गई है। इसी प्रकार गांव चरखी में भी करीब 800 एकड़ से ज्यादा कपास की फसल खराब हो गई है। इसी प्रकार गांव बिरही कलां में करीब 300 एकड़ में कपास की फसल नष्ट हो गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कपास का यह पकाव का समय है इस मौसम में बारिश होने पर कपास में फल टिंडा नहीं खिल पाता। ज्यादा मात्रा में पानी का जमाव होने की वजह से कपास के पौधे मुरझा कर खत्म होने लगे हैं। इसी प्रकार गांव झिंझर, लोहरवाड़ा, मोरवाला, अचिना, इमलोटा, भागवी, बौंद कलां आदि गांवों में भी भारी नुकसान है। इमलोटा में करीब 500 एकड़ धान की फसल खत्म हो चुकी है। जिले में इस बार कपास का कुल बिजित रकबा 27 हजार 605 हैक्टेयर क्षेत्र है।
उनके गांव के चारों ओर बारिश का पानी जमा है। करीब 30 से ज्यादा मकानों में पानी घुस गया है। कपास की फसल खत्म हो चुकी है। प्रशासन को पानी निकासी का प्रंबध करना चाहिए। बिजली की किल्लत होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
- राजकरण, सरपंच पांडवान
गांव के चारों ओर पानी का जमाव होने पर रास्ते बंद हो गए हैं। कपास व बाजरे की फसल खत्म हो चुकी है। जल्द ही पानी की निकासी की व्यवस्था होने पर मकानों में पानी घुसने से रोका जा सकता है।
-गुलजारी, सरपंच चरखी
गांव में भारी मात्रा में पानी का जमाव बना हुआ है। जलभराव से गांवों के चारों ओर के मार्ग बाधित हो गए हैं। चव्वे की समस्या बढ़ रही है। कपास व बाजरे की फसलों में भारी नुकसान है।
- पृथ्वी सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, बिरही कलां
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चरखी दादरी/बाढड़ा।
जिले के विभिन्न भागों में पिछले तीन तीन दिन से जारी बारिश के सिलसिले से हालात विकट बनने लगे हैं। शहर में जहां जलभराव की स्थिति है तो वहीं गांवों में बारिश ने तबाही मचाई है। शहर में जलभराव से जहां दिनचर्या कुछ हद तक गांवों में पूर्णतया प्रभावित है। जिले में कपास की करीब छह हजार एकड़ में खड़ी फसलों में 80 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। शहर का एसटीपी ओवरफ्लो होने से हालात बेहद खराब बने हुए हैं। करीब 10 से ज्यादा गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। सोमवार को भी दादरी शहर में 41 तो बाढड़ा उपमंडल में 20 एमएम बारिश दोपहर चार बजे तक रिकॉर्ड की गई।
चरखी दादरी शहर व गांवों में पिछले तीन दिनों से बारिश का कहर जारी है। बारिश ने शहर के साथ-साथ गांवों में भी तबाही मचा दी है। प्रशासन व विभाग के नाकाफी प्रबंधों की वजह से यह विकट हालात बने हैं। इस मानसून सीजन की प्रशासन व विभाग ने शुरू से ही तैयारियां व होमवर्क नहीं किया था इसी का यह दुष्परिणाम लोगों का झेलना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान चरखी दादरी शहर में 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार शाम चार बजे से सुबह आठ बजे 38 एमएम बारिश दर्ज की गई और इसी प्रकार सोमवार सुबह आठ बजे के बाद से दोपहर चार बजे तक तीन एमएम बारिश दर्ज की गई।
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बारिश की झड़ी के बीच गलियों में छाया अंधेरा
बारिश की लगातार हो रही झड़ी से स्ट्रीट लाइटें फ्यूज हो जाने की वजह से शहर की कालोनियों व बाजारों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है। दुकानदारों को सूरज ढलने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान व दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। रात के समय चोरी की घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। पिछले तीन दिनों में शहर की करीब 50 स्ट्रीट लाइटें खराब हुई हैं और नगर परिषद ने इन्हें बदलने की कवायद शुरू कर दी है।
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10 से ज्यादा गांवों में मचाई तबाही
बारिश ने जिले के 10 से ज्यादा गांवों में तबाही मचा दी हैै। इन गांवों में जलभराव से जहां मेन रास्ते बंद हो गए हैं वहीं कई गांवों में तो घरों में भी पानी घुसने लगा है। गांव पांडवान में करीब 30 से ज्यादा मकानों में बारिश का पानी जमा है। गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। इसी प्रकार गांव चरखी व बिरहीं कलां में भी रास्ते बंद होने पर लोग परेशान हैं। गांव पांडवान व चरखी के चारों ओर पानी जमा है।
किस गांव की कितनी फसल हुई बर्बाद
बारिश से कपास की फसल में 85 प्रतिशत तक नुकसान का आंकलन है। गांव पांडवान में करीब 500 एकड़ जमीन में खड़ी कपास की फसल तबाह हो गई है। इसी प्रकार गांव चरखी में भी करीब 800 एकड़ से ज्यादा कपास की फसल खराब हो गई है। इसी प्रकार गांव बिरही कलां में करीब 300 एकड़ में कपास की फसल नष्ट हो गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कपास का यह पकाव का समय है इस मौसम में बारिश होने पर कपास में फल टिंडा नहीं खिल पाता। ज्यादा मात्रा में पानी का जमाव होने की वजह से कपास के पौधे मुरझा कर खत्म होने लगे हैं। इसी प्रकार गांव झिंझर, लोहरवाड़ा, मोरवाला, अचिना, इमलोटा, भागवी, बौंद कलां आदि गांवों में भी भारी नुकसान है। इमलोटा में करीब 500 एकड़ धान की फसल खत्म हो चुकी है। जिले में इस बार कपास का कुल बिजित रकबा 27 हजार 605 हैक्टेयर क्षेत्र है।
उनके गांव के चारों ओर बारिश का पानी जमा है। करीब 30 से ज्यादा मकानों में पानी घुस गया है। कपास की फसल खत्म हो चुकी है। प्रशासन को पानी निकासी का प्रंबध करना चाहिए। बिजली की किल्लत होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
- राजकरण, सरपंच पांडवान
गांव के चारों ओर पानी का जमाव होने पर रास्ते बंद हो गए हैं। कपास व बाजरे की फसल खत्म हो चुकी है। जल्द ही पानी की निकासी की व्यवस्था होने पर मकानों में पानी घुसने से रोका जा सकता है।
-गुलजारी, सरपंच चरखी
गांव में भारी मात्रा में पानी का जमाव बना हुआ है। जलभराव से गांवों के चारों ओर के मार्ग बाधित हो गए हैं। चव्वे की समस्या बढ़ रही है। कपास व बाजरे की फसलों में भारी नुकसान है।
- पृथ्वी सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, बिरही कलां