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फाइलों में ही दफन हो गई टाइल घोटाले की जांच

Mon, 03 Jul 2017 12:55 AM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:55 AM IST
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फाइलों में ही दफन हो गई टाइल घोटाले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
सिलानी गेट से लघु सचिवालय के सामने से गुजर रहे गुरुग्राम रोड से उखाड़ी गई टाइलों पर मचाई गई लूट की जांच अब फाइलों में ही दफन होकर रह गई है। अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से मामला उठाए जाने के बाद डीसी ने नपा सचिव को मामले की जांच के आदेश दिए थे। डीसी ने 19 अप्रैल को ये आदेश दस दिन के समय के साथ दिए थे। इसको दो माह से भी अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी तक यह जांच पूरी नहीं हुई है। जांच अधिकारी एमई रमेश शर्मा ने जांच रिपोर्ट अभी तक पूरी नहीं की है। अमर उजाला ने मामला उठाते हुए पूरे प्रकरण में एक जनप्रतिनिधि की भूमिका को भी संदिग्ध बताया था। इससे साफ भी हो रहा है कि आखिर किस प्रकार से जांच रिपोर्ट में देरी करवाते हुए मामले को रफा-दफा करवाने का प्रयास चल रहा है।
85 लाख रुपये में बिछाई गई थी डेढ़ लाख टाइल
जिन टाइलों को लेकर जांच करवाई जा रही है, वो कांग्रेस सरकार के समय पूर्व चेयरमैन ईश्वर के कार्यकाल में लगी थी। इन टाइलों को लगवाने में नपा ने 85 लाख रुपये खर्च किए थे। टाइलें लगवाने का कार्य वित्त वर्ष 2014-15 में किया गया था। टाइलें सड़क के दोनों साइड करीब 12-12 फीट की दूरी तक सौंदर्यीकरण के लिए लगाई गई थी।
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50 हजार टाइलें हुई थी गायब
सिलानी गेट से लेकर गुरुग्राम रोड पर लगी इन टाइलों को नई सड़क के निर्माण के दौरान उखाड़ा गया था। टाइलें उखाड़ने के बाद अधिकारियों द्वारा नपा को सूचित किया गया था। जिस पर नपा के अधिकारियों की जानकारी के बिना ही नपा के ट्रैक्टरों से ही अनाधिकृत कॉलोनियों की गलियों में व कुछ निजी प्लॉटों में डलवा दिया गया। इसमें करीब 50 हजार टाइलें गायब हो गई। लोगों द्वारा मचाई गई इस लूट पर नपा अधिकारी आंखें बंद कर बैठे रहे तो अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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जनता के पैसे का देना होगा हिसाब : यादव
पार्षद व्याख्या दिनेश यादव का कहना है कि जनता के खून पसीने से लगाई टाइलों को जिस प्रकार से गायब किया गया है, उस पर जल्द जांच होनी चाहिए थी लेकिन इसे जानबूझकर लटकाया जा रहा है। जनता प्रतिनिधि होने के नाते वे नपा की बैठक में मामला उठाकर अधिकारियों से बारे में जवाब मांगेंगी कि आखिर 50 हजार टाइलें कहां गायब हुई।
वर्जन
अभी तबादला होकर आने के चलते उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। एमई से इस बारे में जवाब तलबी की जाएगी। जांच रिपोर्ट जल्द पूरी कर डीसी को सौंपा जाएगा।
-नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
वर्जन
जांच को लेकर फिर से नपा सचिव को आदेश दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट जल्द पूरी कर सबमिट की जाए। जांच में जो दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-आरसी बिढाण, डीसी झज्जर।
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फाइलों मेें ही दफन हो गई टाइल घोटाले की जांच
-85 लाख की लागत से लगी थी डेढ़ लाख टाइलें
-10 दिन का दिया था समय, 2 माह बाद भी जांच रिपोर्ट अधूरी

फोटो संख्या-2 से 4
19, 20 व 25 अप्रैल के मायसिटी फ्रंट पेज पर प्रकाशित समाचार से कैरीकेचर लगाएं।
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