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ऐतिहासिक स्मारकों व प्राचीन काल की वस्तुओं का संरक्षण करेगा प्रशासन
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:46 PM IST
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ऐतिहासिक स्मारकों और प्राचीन काल की वस्तुओं का संरक्षण करेगा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले के ऐतिहासिक स्मारकों और प्राचीन काल की वस्तुओं का जिला प्रशासन अब संरक्षण करेगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार के निर्देश जिला प्रशासन के पास पहुंचे हैं। इनकी पालना कर जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने इस संबंध में जिला अधिकारियों की बैठक भी ली है। बैठक में उन्होंने ऐसे भवनों, धरोहरों और प्राचीन सिक्कों सहित पांडुलिपियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इस काम में पुरातत्व विभाग भी शामिल होगा। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो एक दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थलों या प्राचीन इमारतों की सूची उपायुक्त के पास पहुंच चुकी है।
उपायुक्त विजय कुमार सिदप्पा ने कहा है कि पुरातत्व विभाग के सहयोग से दादरी के ऐतिहासिक स्मारकों, पांडुलिपियों, सिक्कों व प्राचीन काल की वस्तुओं का संरक्षण किया जाएगा। इस दिशा में पुरातत्व विभाग के अधिकारी जिला का सर्वेक्षण करेंगे। लघु सचिवालय परिसर में ऐतिहासिक स्मारकों संरक्षण के लिए बुलाई गई बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए। उपायुक्त सिदप्पा दादरी जिला के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण अधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग पहले जिला में 100 साल से पुराने प्राचीन स्थलों का चयन कर लें। इसमें निजी संपत्ति को भी शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दादरी का इतिहास करीब 1000 साल पुराना है। यहां अभी भी पुराने धार्मिक स्मारक, कुएं, बावडी व भवन मौजूद हैं। बैठक में पुरातत्व विभाग की उप निदेश डॉ. बनानी भट्टाचार्य ने बताया कि हरियाणा सरकार के नियम अनुसार किसी भी ऐतिहासिक स्थल के चारों ओर 15 मीटर की दूरी तक कोई भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। पुराने भवनों व स्थानों की विरासत को जिंदा रखने के लिए उनकी देखभाल विशेषज्ञों की निगरानी में की जानी चाहिए। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार प्राचीन स्मारकों के संरक्षण की दिशा में सक्रिय पहल की है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम ओमप्रकाश देवराला, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, डीएसपी प्रदीप कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी धर्मबीर यादव, नगर परिषद सचिव संजय यादव व बीडीपीओ ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले के ऐतिहासिक स्मारकों और प्राचीन काल की वस्तुओं का जिला प्रशासन अब संरक्षण करेगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार के निर्देश जिला प्रशासन के पास पहुंचे हैं। इनकी पालना कर जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने इस संबंध में जिला अधिकारियों की बैठक भी ली है। बैठक में उन्होंने ऐसे भवनों, धरोहरों और प्राचीन सिक्कों सहित पांडुलिपियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इस काम में पुरातत्व विभाग भी शामिल होगा। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो एक दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थलों या प्राचीन इमारतों की सूची उपायुक्त के पास पहुंच चुकी है।
उपायुक्त विजय कुमार सिदप्पा ने कहा है कि पुरातत्व विभाग के सहयोग से दादरी के ऐतिहासिक स्मारकों, पांडुलिपियों, सिक्कों व प्राचीन काल की वस्तुओं का संरक्षण किया जाएगा। इस दिशा में पुरातत्व विभाग के अधिकारी जिला का सर्वेक्षण करेंगे। लघु सचिवालय परिसर में ऐतिहासिक स्मारकों संरक्षण के लिए बुलाई गई बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए। उपायुक्त सिदप्पा दादरी जिला के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण अधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग पहले जिला में 100 साल से पुराने प्राचीन स्थलों का चयन कर लें। इसमें निजी संपत्ति को भी शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दादरी का इतिहास करीब 1000 साल पुराना है। यहां अभी भी पुराने धार्मिक स्मारक, कुएं, बावडी व भवन मौजूद हैं। बैठक में पुरातत्व विभाग की उप निदेश डॉ. बनानी भट्टाचार्य ने बताया कि हरियाणा सरकार के नियम अनुसार किसी भी ऐतिहासिक स्थल के चारों ओर 15 मीटर की दूरी तक कोई भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। पुराने भवनों व स्थानों की विरासत को जिंदा रखने के लिए उनकी देखभाल विशेषज्ञों की निगरानी में की जानी चाहिए। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार प्राचीन स्मारकों के संरक्षण की दिशा में सक्रिय पहल की है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम ओमप्रकाश देवराला, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, डीएसपी प्रदीप कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी धर्मबीर यादव, नगर परिषद सचिव संजय यादव व बीडीपीओ ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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