{"_id":"5bba60e6867a5514c70a784a","slug":"111538941158-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोर-टू-डोर कबाड़ लेकर युवाओं ने तैयार किए 1100 डस्टबिन, स्वच्छता के लिए रेहड़ीधारकों को बांट रहे निशुल्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोर-टू-डोर कबाड़ लेकर युवाओं ने तैयार किए 1100 डस्टबिन, स्वच्छता के लिए रेहड़ीधारकों को बांट रहे निशुल्क
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरखी दादरी। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 15 युवाओं की टीम लोगों के घरों के कबाड़ को डस्टबिन का रूप देकर पिछले दो माह से रेहड़ीधारकों और दुकानदारों को निशुल्क वितरित कर रही है। ‘खुशरंग शहर’ मुहिम के तहत इन युवाओं ने डोर-टू-डोर कर करीब 1100 लोहे और प्लास्टिक के टीन एकत्र कर इन्हें डस्टबिन का रूप दिया था और इसके बाद से यह मुहिम जारी है। मुहिम संचालक और सामाजिक युवा कार्यकर्ता संजय रामफल ने बताया कि एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने इस मुहिम की शुरूआत की थी और इसी कड़ी में अब तक 600 डस्टबिन वो शहर में वितरित कर चुके हैं। इसी कड़ी में रविवार को भी शहर में अभियान चलाकर 40 डस्टबिन वितरित किए गए।
चरखी दादरी शहर में इस समय डस्टबिनों की भारी कमी है। नगर परिषद की 24 हजार नए प्लास्टिक डस्टबिन खरीदने की योजना भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। इस योजना के मुताबिक तरल और ठोस कचरे के लिए पूरे शहर में हर एक प्रतिष्ठान पर दो डस्टबिन रखवाए जाने प्रस्तावित है। अब तक डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। दूसरी तरफ युवाओं की एक टीम ने इस कमी को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। इन युवाओं ने करीब चार माह पहले घर-घर जाकर लोगों से कबाड़ एकत्र किया था। मुहिम संचालक संजय रामफल और वसीम खान ने बताया कि इसके तहत विशेष तौर पर घरों से लोहे और प्लास्टिक के खाली टीम ही लिए गए थे। इसके बाद इन पर हाथ से बनाए गए पोस्टर चिपकाकर डस्टबिन का रूप दिया गया और शहर में इनका वितरण शुरू किया गया।
संजय रामफल ने बताया कि अगस्त माह के पहले सप्ताह में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के हाथों इस मुहिम का शुभारंभ कराया गया था। उन्होंने बताया कि अभी भी करीब 500 तैयार डस्टबिन उनके पास हैं और कोई भी जरूरतमंद खुशियों की दीवार टीम से संपर्क कर इन्हें निशुल्क ले सकता है। वसीम खान ने कहा कि जो रेहड़ियां लगाते हैं वो कूड़ादान नहीं खरीद सकते इसलिए उन्हें डस्टबिन निशुल्क मुहैया कराने का उनकी टीम ने बीड़ा उठाया है। सोनू शर्मा ने बताया कि वितरण के समय दुकानदारों व गरीब तबके के लोगों को इसके प्रयोग करने और अपने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
शहर को स्वच्छ और लोगों को जागरूक करने के लिए चलाई जा रही ‘खुशरंग शहर’ नामक मुहिम में युवाओं का योगदान है। इस 15 सदस्यीय टीम में पांच दुकानदार हैं बाकी कालेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी हैं। इस अभियान में पंकज, नरेश, रूपेश, मुंशी, अमित, सीटू, महेश, भगवती व वसीम आदि युवा सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
चरखी दादरी शहर में इस समय डस्टबिनों की भारी कमी है। नगर परिषद की 24 हजार नए प्लास्टिक डस्टबिन खरीदने की योजना भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। इस योजना के मुताबिक तरल और ठोस कचरे के लिए पूरे शहर में हर एक प्रतिष्ठान पर दो डस्टबिन रखवाए जाने प्रस्तावित है। अब तक डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। दूसरी तरफ युवाओं की एक टीम ने इस कमी को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। इन युवाओं ने करीब चार माह पहले घर-घर जाकर लोगों से कबाड़ एकत्र किया था। मुहिम संचालक संजय रामफल और वसीम खान ने बताया कि इसके तहत विशेष तौर पर घरों से लोहे और प्लास्टिक के खाली टीम ही लिए गए थे। इसके बाद इन पर हाथ से बनाए गए पोस्टर चिपकाकर डस्टबिन का रूप दिया गया और शहर में इनका वितरण शुरू किया गया।
विज्ञापन
संजय रामफल ने बताया कि अगस्त माह के पहले सप्ताह में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला के हाथों इस मुहिम का शुभारंभ कराया गया था। उन्होंने बताया कि अभी भी करीब 500 तैयार डस्टबिन उनके पास हैं और कोई भी जरूरतमंद खुशियों की दीवार टीम से संपर्क कर इन्हें निशुल्क ले सकता है। वसीम खान ने कहा कि जो रेहड़ियां लगाते हैं वो कूड़ादान नहीं खरीद सकते इसलिए उन्हें डस्टबिन निशुल्क मुहैया कराने का उनकी टीम ने बीड़ा उठाया है। सोनू शर्मा ने बताया कि वितरण के समय दुकानदारों व गरीब तबके के लोगों को इसके प्रयोग करने और अपने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
शहर को स्वच्छ और लोगों को जागरूक करने के लिए चलाई जा रही ‘खुशरंग शहर’ नामक मुहिम में युवाओं का योगदान है। इस 15 सदस्यीय टीम में पांच दुकानदार हैं बाकी कालेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी हैं। इस अभियान में पंकज, नरेश, रूपेश, मुंशी, अमित, सीटू, महेश, भगवती व वसीम आदि युवा सहयोग कर रहे हैं।