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नया बनने तक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट होगा मोर्चरी कक्ष, पांच लाख का डी-फ्रिजर खरीदा
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:09 AM IST
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चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में नया पोस्टमार्टम रूम (मोर्चरी कक्ष) बनाया जाएगा। तब तक पोस्टमार्टम के लिए पुरानी बिल्डिंग में मोर्चरी कक्ष शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने शवों को रखने के लिए पांच लाख रुपये का डीप-फ्रिजर भी खरीद लिया है। इससे पहले मोर्चरी कक्ष में रखे शव को सड़ने से बचाने के लिए बर्फ में रखा जाता था। सीएमओ वीरेंद्र यादव का कहना है कि जल्द ही सिविल अस्पताल में आधुनिक मोर्चरी कक्ष तैयार करवा दिया जाएगा और इस पर कागजी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
शहीद उद्यम सिंह सिविल अस्पताल को 100 बेड का दर्जा मिल चुका है। इसके अनुरूप ही यहां सुविधाएं मुहैया कराने पर स्थानीय अधिकारियों का फोकस है। इसी कड़ी में अब सिविल अस्पताल में नया मोर्चरी कक्ष बनवाने की प्लानिंग अधिकारियों ने तैयार कर स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेज दी है। बता दें कि फिलहाल जो मोर्चरी कक्ष है वो कंडम हो चुका है। बारिश के दिनों में तो इसकी छत भी टपकती है। ऐसे में चिकित्सकों को यहां पोस्टमार्टम करते समय काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इसके अलावा मौजूदा मोर्चरी कक्ष का दायरा भी बहुत छोटा है और यहां केवल एक शव रखने की ही जगह है। अगर एकसाथ अस्पताल में दो तीन शव आ जाते हैं तो इन्हें जमीन पर या फिर नई बिल्डिंग में इमरजेंसी कक्ष के बाहर स्ट्रेचर पर रखा जाता है। इसके अलावा मोर्चरी कक्ष में डीप-फ्रिजर की सुविधा भी नहीं थी जिसके चलते शव के खराब होने का खतरा बना रहता था। शव को खराब होने से बचाने के लिए पुलिसकर्मी या फिर मृतक के परिजन बर्फ खरीदकर अस्पताल कर्मियों को देते हैं। मौजूदा मोर्चरी कक्ष में व्याप्त समस्याओं को देखकर सीएमओ वीरेंद्र यादव ने डिप्टी सिविल सर्जन को पुरानी बिल्डिंग में अस्थाई रूप से मोर्चरी कक्ष शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि शव रखने के लिए डीप-फ्रिजर भी खरीदा जा चुका है और इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि इसमें चार शव एकसाथ रखे जा सकते हैं।
जल्द ही नया मोर्चरी कक्ष हम तैयार करवा देंगे और तब तक अस्थाई तौर पर पुरानी बिल्डिंग में पोस्टमार्टम किए जाएंगें। नया डीप-फ्रिजर हमने खरीद लिया है और एक-दो दिन में ही इसे इंस्टॉल करवा देंगे। - वीरेंद्र यादव, सीएमओ
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शहीद उद्यम सिंह सिविल अस्पताल को 100 बेड का दर्जा मिल चुका है। इसके अनुरूप ही यहां सुविधाएं मुहैया कराने पर स्थानीय अधिकारियों का फोकस है। इसी कड़ी में अब सिविल अस्पताल में नया मोर्चरी कक्ष बनवाने की प्लानिंग अधिकारियों ने तैयार कर स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेज दी है। बता दें कि फिलहाल जो मोर्चरी कक्ष है वो कंडम हो चुका है। बारिश के दिनों में तो इसकी छत भी टपकती है। ऐसे में चिकित्सकों को यहां पोस्टमार्टम करते समय काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इसके अलावा मौजूदा मोर्चरी कक्ष का दायरा भी बहुत छोटा है और यहां केवल एक शव रखने की ही जगह है। अगर एकसाथ अस्पताल में दो तीन शव आ जाते हैं तो इन्हें जमीन पर या फिर नई बिल्डिंग में इमरजेंसी कक्ष के बाहर स्ट्रेचर पर रखा जाता है। इसके अलावा मोर्चरी कक्ष में डीप-फ्रिजर की सुविधा भी नहीं थी जिसके चलते शव के खराब होने का खतरा बना रहता था। शव को खराब होने से बचाने के लिए पुलिसकर्मी या फिर मृतक के परिजन बर्फ खरीदकर अस्पताल कर्मियों को देते हैं। मौजूदा मोर्चरी कक्ष में व्याप्त समस्याओं को देखकर सीएमओ वीरेंद्र यादव ने डिप्टी सिविल सर्जन को पुरानी बिल्डिंग में अस्थाई रूप से मोर्चरी कक्ष शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि शव रखने के लिए डीप-फ्रिजर भी खरीदा जा चुका है और इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि इसमें चार शव एकसाथ रखे जा सकते हैं।
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जल्द ही नया मोर्चरी कक्ष हम तैयार करवा देंगे और तब तक अस्थाई तौर पर पुरानी बिल्डिंग में पोस्टमार्टम किए जाएंगें। नया डीप-फ्रिजर हमने खरीद लिया है और एक-दो दिन में ही इसे इंस्टॉल करवा देंगे। - वीरेंद्र यादव, सीएमओ
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