{"_id":"5ba699e0867a557e84649aa8","slug":"111537645024-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सक कक्ष के जंगलों पर लटकती मिली चद्दरें, पंखों पर जमी थी धूल, दुरुस्त नहीं मिली पूरे अस्पताल की सफाई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सक कक्ष के जंगलों पर लटकती मिली चद्दरें, पंखों पर जमी थी धूल, दुरुस्त नहीं मिली पूरे अस्पताल की सफाई व्यवस्था
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:07 AM IST
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चरखी दादरी। दो दिन पहले ही चरखी दादरी सीएमओ का पदभार संभालने वाले डॉ. वीरेंद्र यादव ने शनिवार दोपहर सिविल अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान यहां मिली खामियों से सीएमओ खासा नजर आए। बदहाल सफाई व्यवस्था और विभिन्न कक्षों की अव्यवस्थाओं पर तो सीएमओ ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों को लताड़ा। उन्होंने तुरंत प्रभाव से इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में बंद पड़ी लाइटों और छतों पर लगे जालों पर सीएमओ ने सुपरवाइजर को चेतावनी दी। इमरजेंसी में रोस्टर के मुताबिक चद्दरें न बिछी होने पर नर्सिंग सिस्टर व धोबी को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया। इतना ही नहीं निरीक्षण का पता होने पर प्रयोगशाला, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे कक्ष व आईसीटीसी कक्ष का ताला देखकर उन्होंने पूरे ब्लॉक के स्टाफ को ही तलब कर लिया।
सीएमओ ने सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में सभी पीएचसी और सीएचसी के चिकित्सकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों की रिपोर्ट तैयार कर उन्हें भेजने के आदेश दिए। इसके बाद दोपहर 12 बजे सीएमओ ने जिला मुख्यालय सिविल अस्पताल का जायजा लिया। इसकी शुरूआत उन्होंने सीएमओ कार्यालय से ही की। इस दौरान सीएमओ खिड़की का कांच टूटने पर लगाए कपड़े को देखकर भड़क उठे। उन्होंने तुरंत प्रभाव से यहां नया शीशा लगाने के आदेश दिए। इस दौरान अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी के एंगल से भी सीएमओ संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने इनकी लोकेशन बदलने के भी आदेश दिए।
इसके बाद सीएमओ ग्राउंड फ्लोर पर मैन गेट के सामने चिकित्सक के केबिन में पहुंचे। वहां खिड़कियों पर चद्दरें टंगी और फाइलें फैली देखकर सीएमओ हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत प्रभाव से कक्ष की व्यवस्था में सुधार करने के आदेश स्टाफ को दिए। इस दौरान प्रतीक्षालय कक्ष में पोस्टरों की भरमार देखकर सीएमओ भड़क उठे और उन्होंने स्टाफ सदस्यों की क्लास लगा ली। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि अगले वर्किंग-डे में उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं भी पुराने पोस्टर नजर नहीं आने चाहिए। अगर ऐसा मामला दोबारा सामने आया तो संबंधित कर्मचारी पर इसकी गाज गिरेगी। करीब साढ़े तीन घंटे के निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सिविल अस्पताल के सभी ब्लॉक व वार्डों की जांच की और खामियों से स्टाफ को अवगत करवाकर इन्हें दूर करने के आदेश दिए।
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धोबी के चद्दर न धोने और रोस्टर में आडू रंग देखकर पिलाई डांट
इमरजेंसी कक्ष में पहुंचने पर सीएमओ को हरी चद्दरें बिछी मिली। इस पर उन्होंने नर्सिंग सिस्टर से रोस्टर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि शनिवार को सफेद चद्दरें बिछाई जाती है। इस पर सीएमओ ने हरी चद्दर बिछाने का कारण पूछा तो नर्सिंग स्टाफ ने बताया सफेद चद्दर की धोबी ने धुलडाई नहीं की। इस पर उन्होंने नर्सिंग सिस्टर व धोबी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस दौरान जब सीएमओ की नजर रोस्टर चार्ट पर पड़ी तो रविवार को आडू रंग की चद्दर लिखी देखकर उन्होंने फटकार पिला दी।
छतों और पंखों पर लगे मिले जाले, ट्यूबलाइट व पंखे भी खराब
निरीक्षण के दौरान सीएमओ को सिविल अस्पताल परिसर की छतों और पंखों पर जाले लगे मिले। इतना ही नहीं अस्पताल परिसर के अंदर बने रैंप की ट्यूबलाइटें भी खराब मिलीं। इसके बाद सीएमओ जब इमरजेंसी कक्ष के पास पहुंचे तो उन्होंने वहां पंखे भी खराब मिले। इस पर उन्होंने सुपरवाइजर को 10 दिन के अंदर सब कुछ दुरुस्त नहीं होने पर ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी।
डस्ट कंट्रोलर की जगह झाड़ू प्रयोग की तो खैर नहीं
सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि सिविल अस्पताल परिसर की सफाई के लिए झाड़ू का प्रयोग नहीं किया जाए। इसके लिए तुरंत प्रभाव से डस्ट कंट्रोलर मंगवाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में डस्ट कंट्रोलर की जगह झाड़ू प्रयोग हुई तो सुपरवाइजर की खैर नहीं।
बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की विधि पर स्टाफ सदस्य नहीं दे पाए जवाब
निरीक्षण के दौरान सीएमओ इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे और यहां बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए रखे लाल, पीले, काले और हरे रंग के डस्टबिनों के प्रयोग की विधि पूछी। इस दौरान जब सीएमओ ने काले रंग के डस्टबिन में पड़े बायो मेडिकल वेस्ट के उठान संबंधी सवाल किए तो स्टाफ सदस्य जवाब नहीं दे पाए और इससे सीएमओ काफी खफा नजर आए।
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सीएमओ ने सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में सभी पीएचसी और सीएचसी के चिकित्सकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों की रिपोर्ट तैयार कर उन्हें भेजने के आदेश दिए। इसके बाद दोपहर 12 बजे सीएमओ ने जिला मुख्यालय सिविल अस्पताल का जायजा लिया। इसकी शुरूआत उन्होंने सीएमओ कार्यालय से ही की। इस दौरान सीएमओ खिड़की का कांच टूटने पर लगाए कपड़े को देखकर भड़क उठे। उन्होंने तुरंत प्रभाव से यहां नया शीशा लगाने के आदेश दिए। इस दौरान अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी के एंगल से भी सीएमओ संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने इनकी लोकेशन बदलने के भी आदेश दिए।
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इसके बाद सीएमओ ग्राउंड फ्लोर पर मैन गेट के सामने चिकित्सक के केबिन में पहुंचे। वहां खिड़कियों पर चद्दरें टंगी और फाइलें फैली देखकर सीएमओ हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत प्रभाव से कक्ष की व्यवस्था में सुधार करने के आदेश स्टाफ को दिए। इस दौरान प्रतीक्षालय कक्ष में पोस्टरों की भरमार देखकर सीएमओ भड़क उठे और उन्होंने स्टाफ सदस्यों की क्लास लगा ली। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि अगले वर्किंग-डे में उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं भी पुराने पोस्टर नजर नहीं आने चाहिए। अगर ऐसा मामला दोबारा सामने आया तो संबंधित कर्मचारी पर इसकी गाज गिरेगी। करीब साढ़े तीन घंटे के निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सिविल अस्पताल के सभी ब्लॉक व वार्डों की जांच की और खामियों से स्टाफ को अवगत करवाकर इन्हें दूर करने के आदेश दिए।
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धोबी के चद्दर न धोने और रोस्टर में आडू रंग देखकर पिलाई डांट
इमरजेंसी कक्ष में पहुंचने पर सीएमओ को हरी चद्दरें बिछी मिली। इस पर उन्होंने नर्सिंग सिस्टर से रोस्टर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि शनिवार को सफेद चद्दरें बिछाई जाती है। इस पर सीएमओ ने हरी चद्दर बिछाने का कारण पूछा तो नर्सिंग स्टाफ ने बताया सफेद चद्दर की धोबी ने धुलडाई नहीं की। इस पर उन्होंने नर्सिंग सिस्टर व धोबी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस दौरान जब सीएमओ की नजर रोस्टर चार्ट पर पड़ी तो रविवार को आडू रंग की चद्दर लिखी देखकर उन्होंने फटकार पिला दी।
छतों और पंखों पर लगे मिले जाले, ट्यूबलाइट व पंखे भी खराब
निरीक्षण के दौरान सीएमओ को सिविल अस्पताल परिसर की छतों और पंखों पर जाले लगे मिले। इतना ही नहीं अस्पताल परिसर के अंदर बने रैंप की ट्यूबलाइटें भी खराब मिलीं। इसके बाद सीएमओ जब इमरजेंसी कक्ष के पास पहुंचे तो उन्होंने वहां पंखे भी खराब मिले। इस पर उन्होंने सुपरवाइजर को 10 दिन के अंदर सब कुछ दुरुस्त नहीं होने पर ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी।
डस्ट कंट्रोलर की जगह झाड़ू प्रयोग की तो खैर नहीं
सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि सिविल अस्पताल परिसर की सफाई के लिए झाड़ू का प्रयोग नहीं किया जाए। इसके लिए तुरंत प्रभाव से डस्ट कंट्रोलर मंगवाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में डस्ट कंट्रोलर की जगह झाड़ू प्रयोग हुई तो सुपरवाइजर की खैर नहीं।
बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की विधि पर स्टाफ सदस्य नहीं दे पाए जवाब
निरीक्षण के दौरान सीएमओ इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे और यहां बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए रखे लाल, पीले, काले और हरे रंग के डस्टबिनों के प्रयोग की विधि पूछी। इस दौरान जब सीएमओ ने काले रंग के डस्टबिन में पड़े बायो मेडिकल वेस्ट के उठान संबंधी सवाल किए तो स्टाफ सदस्य जवाब नहीं दे पाए और इससे सीएमओ काफी खफा नजर आए।