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15 दिन बाद भी शेड्यूल नहीं बना पाया नपा, कालोनियों में नहीं उठ रहा डोर टू डोर कूड़ा
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
नपा के द्वारा जिस मकसद से डोर टू डोर कूड़ा उठान योजना शुरू की गई थी, वो पूरा होता नहीं दिख रहा है। डोर टू डोर योजना के तहत लगाए गए ठेकेदार के ट्रैक्टर कालोनियों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे लोगों को इस योजना का कोई फायदा नहीं मिल रहा तथा नपा के प्रतिमाह साढे़ नौ लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। शहर के आमजन की शिकायत है कि नपा के द्वारा शुरू किए ट्रैक्टर उन्होंने आज तक देखे ही नहीं हैं। जिसका प्रमाण है कि शहर की कॉलोनियों के द्वार पर रखे हुए बड़े डस्टबिन ओवरफ्लो चल रहे हैं। अगर घर-घर कूड़ा उठान योजना सही ढंग से लागू होती तो इन डस्टबिन में कूड़ा नहीं होना चाहिए थे।
ये हैं कूड़ा उठान के संसाधन
कूड़ा उठाने के लिए ठेकेदार के द्वारा सात ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक जेसीबी तथा आठ छोटी रिक्शा शहर में लगाई गई हैं। इनसे इस समय पूरा शहर कवर नहीं हो पा रहा है। एक ट्रैक्टर के जिम्मे इस समय तीन वार्ड हैं, जोकि अधिक हैं। नपा के द्वारा कूड़ा उठान योजना में संसाधनों की इस समय बढ़ाने की आवश्यकता है। नपा रिकॉर्ड के अनुसार शहर के 19 वार्ड में 10 हजार घर हैं। औसतन एक वार्ड में 500 हैं तो एक ट्रैक्टर के जिम्मे 1500 घरों लगाए हैं।
नहीं हो पाई डस्टबिनों की खरीद
शहर में डस्टबिन बांटने के लिए नपा के द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसमें हर घर को गीले व सूखे कचरे के लिए एक-एक डस्टबिन दिए जाने थे। नपा के द्वारा डस्टबिन खरीद के लिए अभी तक टेंडर भी नहीं लगाया गया है, जबकि डोर टू डोर कूड़ा योजना को शुरू किए 15 दिन हो चुके हैं। ऐसे में लोग गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं रख पा रहे हैं।
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ये बोले शहरवासी
1. लालचंद कॉलोनी निवासी संगीता नेहरा के अनुसार नपा के द्वारा लगाए गए ट्रैक्टर उनके घर की तरफ नहीं आते। वे तो अब भी डस्टबिन में ही कूड़ा डालने के लिए जाते हैं। नपा को सही शेड्यूल बनाना चाहिए, जिससे कि नपा के द्वारा शुरू किए गए ट्रैक्टरों की पहुंच हर घर तक हो सके।
2. देशवाल कॉम्पलेक्स निवासी अरविंद ने बताया कि कूड़ा उठान के लिए नपा के ट्रैक्टर नहीं आते। ट्रैक्टरों की मॉनिटरिंग नपा के अधिकारियों के द्वारा सही तरीके से की जानी चाहिए। इसके अलावा नपा के द्वारा शेड्यूल भी जारी किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को भी इसके बारे में पता लग सके।
वर्जन
कूड़ा उठान के लिए नए सिरे से मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। डस्टबिन खरीद का टेंडर लगाने की अप्रूवल लेने के लिए फाइल डीसी ऑफिस भेजी गई है। वहां से अप्रूवल मिलते ही टेंडर लगा दिया जाएगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
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झज्जर।
नपा के द्वारा जिस मकसद से डोर टू डोर कूड़ा उठान योजना शुरू की गई थी, वो पूरा होता नहीं दिख रहा है। डोर टू डोर योजना के तहत लगाए गए ठेकेदार के ट्रैक्टर कालोनियों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे लोगों को इस योजना का कोई फायदा नहीं मिल रहा तथा नपा के प्रतिमाह साढे़ नौ लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। शहर के आमजन की शिकायत है कि नपा के द्वारा शुरू किए ट्रैक्टर उन्होंने आज तक देखे ही नहीं हैं। जिसका प्रमाण है कि शहर की कॉलोनियों के द्वार पर रखे हुए बड़े डस्टबिन ओवरफ्लो चल रहे हैं। अगर घर-घर कूड़ा उठान योजना सही ढंग से लागू होती तो इन डस्टबिन में कूड़ा नहीं होना चाहिए थे।
ये हैं कूड़ा उठान के संसाधन
कूड़ा उठाने के लिए ठेकेदार के द्वारा सात ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक जेसीबी तथा आठ छोटी रिक्शा शहर में लगाई गई हैं। इनसे इस समय पूरा शहर कवर नहीं हो पा रहा है। एक ट्रैक्टर के जिम्मे इस समय तीन वार्ड हैं, जोकि अधिक हैं। नपा के द्वारा कूड़ा उठान योजना में संसाधनों की इस समय बढ़ाने की आवश्यकता है। नपा रिकॉर्ड के अनुसार शहर के 19 वार्ड में 10 हजार घर हैं। औसतन एक वार्ड में 500 हैं तो एक ट्रैक्टर के जिम्मे 1500 घरों लगाए हैं।
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नहीं हो पाई डस्टबिनों की खरीद
शहर में डस्टबिन बांटने के लिए नपा के द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसमें हर घर को गीले व सूखे कचरे के लिए एक-एक डस्टबिन दिए जाने थे। नपा के द्वारा डस्टबिन खरीद के लिए अभी तक टेंडर भी नहीं लगाया गया है, जबकि डोर टू डोर कूड़ा योजना को शुरू किए 15 दिन हो चुके हैं। ऐसे में लोग गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं रख पा रहे हैं।
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ये बोले शहरवासी
1. लालचंद कॉलोनी निवासी संगीता नेहरा के अनुसार नपा के द्वारा लगाए गए ट्रैक्टर उनके घर की तरफ नहीं आते। वे तो अब भी डस्टबिन में ही कूड़ा डालने के लिए जाते हैं। नपा को सही शेड्यूल बनाना चाहिए, जिससे कि नपा के द्वारा शुरू किए गए ट्रैक्टरों की पहुंच हर घर तक हो सके।
2. देशवाल कॉम्पलेक्स निवासी अरविंद ने बताया कि कूड़ा उठान के लिए नपा के ट्रैक्टर नहीं आते। ट्रैक्टरों की मॉनिटरिंग नपा के अधिकारियों के द्वारा सही तरीके से की जानी चाहिए। इसके अलावा नपा के द्वारा शेड्यूल भी जारी किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को भी इसके बारे में पता लग सके।
वर्जन
कूड़ा उठान के लिए नए सिरे से मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। डस्टबिन खरीद का टेंडर लगाने की अप्रूवल लेने के लिए फाइल डीसी ऑफिस भेजी गई है। वहां से अप्रूवल मिलते ही टेंडर लगा दिया जाएगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।