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ओवर ड्राफ्ट लिमिट बढ़ाने के बहाने खाते से उड़ाए 3 लाख 95 हजार
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेने का प्रयास कर रहा एक व्यक्ति ठगी का शिकार हो गया। एक शातिर ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर व्यक्ति से छह कैंसल चेक ले लिए। तीन चेक को क्लीयर कराकर उक्त शातिर ने व्यक्ति के दो खातों से 3 लाख 95 हजार की राशि पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुड़गांव निवासी जयंत ने बताया कि उसको प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन पास कराना था। इस संबंध में उसकी बैंक अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही थी। कुछ दिन पहले उसके पास किसी राकेश नाम के शख्स का फोन आया। उसने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताया और कहा कि लोन के लिए ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ानी पड़ेगी। इसके लिए आपको दस्तावेज जमा करवाने पड़ेंगे। इसके उपरांत राकेश नाम का वह शख्स उसके घर आया और छह ब्लैंक चेक (3 एचडीएफसी और 3 बैंक ऑफ इंडिया) ले लिए। इतना ही नहीं शातिर ने सभी चेकों पर लाइन मारकर उन्हें कैंसल करके (जयंत के) हस्ताक्षर ले लिए। इसके बाद शामिर उसे शुक्रवार तक ओवरड्राफ्ट लिमिट बनने का आश्वासन देकर चला गया।
खातों से उड़ाए 3 लाख 95 हजार
गत 30 अगस्त को वह किसी काम के सिलसिले में एचडीएफसी बैंक गया तो पता चला कि चेक नंबर-186 व 187 के जरिये उसके खाते से क्रमश: 25 हजार और एक लाख 50 हजार निकाल लिए गए हैं। यह देखकर वह हैरान हो गया। 22 हजार बहादुरगढ़ के श्याम जी कांप्लेक्स स्थित एचडीएफसी की शाखा से और डेढ़ लाख पीतमपुरा दिल्ली स्थित एचडीएफसी ब्रांच से निकाले गए हैं। इसके बाद उसने अपने बैंक आफ इंडिया में जाकर जांच की तो उक्त खाते से भी एक चेक क्लीयर करके 2 लाख 20 हजार निकाले जा चुके थे। यह चेक एमआइई स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से क्लीयर किया गया है।
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चेक पर फंसा पेंच
पुलिस के मुताबिक, जब वे बैंक में गए तो उक्त चेकों पर कोई क्रास लाइन या कैंसिल करने के निशान नहीं थे। चेक बिलकुल साफ मिले और उन पर जयंत के हस्ताक्षर भी मिले। वहीं, जयंत का कहना है कि उसकी आंखों के सामने राकेश ने चेक कैंसेल्ड लिखा और क्रास लाइन मारी। हो सकता है किसी के मिकल के जरिये पेन की स्याही मिटा दी गई हो।
शामिर ने नंबर कराया बंद
जयंत ने बताया कि उसका 9034595007... नंबर दोनों खातों से रजिस्टर्ड था। शायद राकेश को इस बात का पता चल गया था और उसने बड़े ही शातिराना ढंग से फोन खोने की शिकायत दर्ज करा उसका नंबर बंद करा दिया। नंबर बंद होने के कारण उसके पास ट्रांजेक्शन के संदेश नहीं आए।
अधिकारी बोले
जांच अधिकारी एएसआई विनोद कुमार ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तीनों चेकों पर क्रास लाइन या कैंसेल्ड नहीं पाया गया है। राकेश नाम के व्यक्ति के मोबाइल व ईमेल आईडी के जरिये भी उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार करके मामला सुलझा लिया जाएगा।
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बहादुरगढ़।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेने का प्रयास कर रहा एक व्यक्ति ठगी का शिकार हो गया। एक शातिर ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर व्यक्ति से छह कैंसल चेक ले लिए। तीन चेक को क्लीयर कराकर उक्त शातिर ने व्यक्ति के दो खातों से 3 लाख 95 हजार की राशि पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुड़गांव निवासी जयंत ने बताया कि उसको प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन पास कराना था। इस संबंध में उसकी बैंक अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही थी। कुछ दिन पहले उसके पास किसी राकेश नाम के शख्स का फोन आया। उसने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताया और कहा कि लोन के लिए ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ानी पड़ेगी। इसके लिए आपको दस्तावेज जमा करवाने पड़ेंगे। इसके उपरांत राकेश नाम का वह शख्स उसके घर आया और छह ब्लैंक चेक (3 एचडीएफसी और 3 बैंक ऑफ इंडिया) ले लिए। इतना ही नहीं शातिर ने सभी चेकों पर लाइन मारकर उन्हें कैंसल करके (जयंत के) हस्ताक्षर ले लिए। इसके बाद शामिर उसे शुक्रवार तक ओवरड्राफ्ट लिमिट बनने का आश्वासन देकर चला गया।
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खातों से उड़ाए 3 लाख 95 हजार
गत 30 अगस्त को वह किसी काम के सिलसिले में एचडीएफसी बैंक गया तो पता चला कि चेक नंबर-186 व 187 के जरिये उसके खाते से क्रमश: 25 हजार और एक लाख 50 हजार निकाल लिए गए हैं। यह देखकर वह हैरान हो गया। 22 हजार बहादुरगढ़ के श्याम जी कांप्लेक्स स्थित एचडीएफसी की शाखा से और डेढ़ लाख पीतमपुरा दिल्ली स्थित एचडीएफसी ब्रांच से निकाले गए हैं। इसके बाद उसने अपने बैंक आफ इंडिया में जाकर जांच की तो उक्त खाते से भी एक चेक क्लीयर करके 2 लाख 20 हजार निकाले जा चुके थे। यह चेक एमआइई स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से क्लीयर किया गया है।
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चेक पर फंसा पेंच
पुलिस के मुताबिक, जब वे बैंक में गए तो उक्त चेकों पर कोई क्रास लाइन या कैंसिल करने के निशान नहीं थे। चेक बिलकुल साफ मिले और उन पर जयंत के हस्ताक्षर भी मिले। वहीं, जयंत का कहना है कि उसकी आंखों के सामने राकेश ने चेक कैंसेल्ड लिखा और क्रास लाइन मारी। हो सकता है किसी के मिकल के जरिये पेन की स्याही मिटा दी गई हो।
शामिर ने नंबर कराया बंद
जयंत ने बताया कि उसका 9034595007... नंबर दोनों खातों से रजिस्टर्ड था। शायद राकेश को इस बात का पता चल गया था और उसने बड़े ही शातिराना ढंग से फोन खोने की शिकायत दर्ज करा उसका नंबर बंद करा दिया। नंबर बंद होने के कारण उसके पास ट्रांजेक्शन के संदेश नहीं आए।
अधिकारी बोले
जांच अधिकारी एएसआई विनोद कुमार ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तीनों चेकों पर क्रास लाइन या कैंसेल्ड नहीं पाया गया है। राकेश नाम के व्यक्ति के मोबाइल व ईमेल आईडी के जरिये भी उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार करके मामला सुलझा लिया जाएगा।