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रक्षा बंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण, गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ख्याल
Updated Sun, 30 Jul 2017 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रक्षाबंधन 7 अगस्त को है, लेकिन भाई-बहन के इस स्नेह पर्व पर भद्रा के साथ ही चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। करीब 12 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक भी लगेगा। बहादुरगढ़ के पंडित रजत की मानें तो यह चंद्र ग्रहण सात अगस्त की रात को 10 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगा और उसी रात एक घंटा 55 मिनट बाद 12 बजकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
इस चंद्र ग्रहण का मिथुन, तुला, वृश्चिक, मीन राशियों पर प्रभाव शुभ रहेगा तो वहीं मेष, वृष, कुंभ, कर्क, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशि पर अशुभ प्रभाव रहेगा।
इस प्रकार करें बचाव
पंडित रजत का कहना है कि ग्रहण काल में मंत्र, जप और साधना का स्वर्णिम समय होता है। इसके दुष्परिणमों से बचने के लिए सूखा नारियल काले कपड़े में रखे, सात जायफल, 21 जोड़े लौंग, 21 जोड़े छोटी इलायची, 20 ग्राम भूरी सरसों, 250 ग्राम काले उड़द, 250 ग्राम चाय पत्ती को काले कपड़े में बांधकर अपने ऊपर से 7 बार उतारकर दान करें।
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सिर्फ ईश्वर की आराधना करें
ज्योतिषी प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में एक नारियल अपने पास रखें। इससे गर्भवती महिला पर वायुमंडल से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं चाकू, कैंची और सूई का प्रयोग न करें। न ही कोई अन्य कार्य करें। ग्रहण से बचने के लिए सिर्फ भगवान की आराधना करें।
कुंवारों पर पड़ेगा असर
ज्योतिषी की मानें तो यह चंद्रग्रहण कुंवारों के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि सुंदरता का प्रतीक चंद्रमा तो श्रापित है और जो भी कुंवारा लड़का या लड़की उसे देखता है तो उसकी शादी या तो रुक जाती है या फिर मुश्किलों से तय होती है।
- 12 साल बाद संयोग, सात अगस्त की रात 10 बजकर 53 मिनट पर लगेगा ग्रहण
- 12 बजकर 48 मिनट पर होगा समाप्त
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बहादुरगढ़।
रक्षाबंधन 7 अगस्त को है, लेकिन भाई-बहन के इस स्नेह पर्व पर भद्रा के साथ ही चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। करीब 12 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक भी लगेगा। बहादुरगढ़ के पंडित रजत की मानें तो यह चंद्र ग्रहण सात अगस्त की रात को 10 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगा और उसी रात एक घंटा 55 मिनट बाद 12 बजकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
इस चंद्र ग्रहण का मिथुन, तुला, वृश्चिक, मीन राशियों पर प्रभाव शुभ रहेगा तो वहीं मेष, वृष, कुंभ, कर्क, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशि पर अशुभ प्रभाव रहेगा।
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इस प्रकार करें बचाव
पंडित रजत का कहना है कि ग्रहण काल में मंत्र, जप और साधना का स्वर्णिम समय होता है। इसके दुष्परिणमों से बचने के लिए सूखा नारियल काले कपड़े में रखे, सात जायफल, 21 जोड़े लौंग, 21 जोड़े छोटी इलायची, 20 ग्राम भूरी सरसों, 250 ग्राम काले उड़द, 250 ग्राम चाय पत्ती को काले कपड़े में बांधकर अपने ऊपर से 7 बार उतारकर दान करें।
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सिर्फ ईश्वर की आराधना करें
ज्योतिषी प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में एक नारियल अपने पास रखें। इससे गर्भवती महिला पर वायुमंडल से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं चाकू, कैंची और सूई का प्रयोग न करें। न ही कोई अन्य कार्य करें। ग्रहण से बचने के लिए सिर्फ भगवान की आराधना करें।
कुंवारों पर पड़ेगा असर
ज्योतिषी की मानें तो यह चंद्रग्रहण कुंवारों के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि सुंदरता का प्रतीक चंद्रमा तो श्रापित है और जो भी कुंवारा लड़का या लड़की उसे देखता है तो उसकी शादी या तो रुक जाती है या फिर मुश्किलों से तय होती है।
- 12 साल बाद संयोग, सात अगस्त की रात 10 बजकर 53 मिनट पर लगेगा ग्रहण
- 12 बजकर 48 मिनट पर होगा समाप्त