{"_id":"5a15d1f74f1c1b79548beec7","slug":"101511379447-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 लाख लगने के बाद भी शो-पीस बनी हैं शहर में लगी ट्रैफिक लाइटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 लाख लगने के बाद भी शो-पीस बनी हैं शहर में लगी ट्रैफिक लाइटें
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
30 लाख रुपये खर्च करके विभिन्न स्थानों पर लगाई गई रेड लाइटें मात्र शो-पीस बनी हुई हैं। इसके लिए नगर परिषद व ट्रैफिक पुलिस एक-दूसरे पर रेड लाइटें चालू न करने का आरोप लगा रहे हैं। कारण जो भी हो, इससे आम जनता परेशान हो रही है।
ट्रैफिक लाइटें नगर परिषद के इंजीनियर की लापरवाही के कारण वाहन चालकों के प्रयोग में नहीं आ रही है। रेड लाइटों के मोड को ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों द्वारा ब्लिंक मोड़ पर करने के कारण ये न तो रेड होती हैं और न ही ग्रीन। ये केवल ओरेंज रहती हैं और हर समय ब्लिंक करती रहती हैं। वाहन चालक रेड लाइटों के सिग्नल को देखकर इधर-उधर से वाहनों को दौड़ाते रहते हैं। जिससे अव्यवस्था बनी रहती है और दुर्घटना होने का खतरा भी रहता है।
कहां-कहां लगी हैं ट्रैफिक लाइटें
शहर के बीच से गुजरने वाले हाइवे पर झज्जर मोड़ पर, नाहरा-नाहरी मोड़ पर, रेलवे रोड मोड़ पर, बादली चुंगी पर झज्जर रोड पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुई हैं। महीनों पहले ये लाइटें 30 लाख रुपये खर्च करके लगवाई थी। मगर आज तक भी व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं बन पाई है।
विज्ञापन
एक-दूसरे के आरोप-प्रत्यारोप
नगर परिषद के एमई रमेश शर्मा जहां ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों पर लाइटों को ब्लिंक मोड पर डालने की बात कह रहे हैं तो वहीं ट्रैफिक पुलिस के एसएचओ अशोक कुमार ट्रैफिक लाइटों के समय में गड़बड़ी होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में दोनों के आरोप-प्रत्यारोप के चलते जनता को समस्या हो रही है। जबकि दोनों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और ट्रैफिक लाइटों सुचारु ढंग से चलाना चाहिए। ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
सेक्टर-6 और 9 मोड़ पर भी ट्रैफिक लाइटों की दरकार
बहादुरगढ़ में ट्रैफिक लाइटों की जरूरत सेक्टर-6 और 9 के मोड़ पर भी है। यहां पर लाइटें लगाने के लिए ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार की ओर से संबंधित विभाग से पत्र व्यवहार भी लिखा गया है। मगर अभी तक पहले से लगी लाइटों को ही चालू नहीं करवाया जा रहा। ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार ने कहा कि अगले दो दिनों में ट्रैफिक लाइटों को जरूर चालू करवाया जाएगा।
- ब्लिंक मोड पर रखते हैं पुलिस कर्मचारी ट्रैफिक लाइटों के सिग्नल : नप
- टाइम सेट नहीं, इसलिए चलती हैं ब्लिंक मोड पर : ट्रैफिक एसएचओ
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
30 लाख रुपये खर्च करके विभिन्न स्थानों पर लगाई गई रेड लाइटें मात्र शो-पीस बनी हुई हैं। इसके लिए नगर परिषद व ट्रैफिक पुलिस एक-दूसरे पर रेड लाइटें चालू न करने का आरोप लगा रहे हैं। कारण जो भी हो, इससे आम जनता परेशान हो रही है।
ट्रैफिक लाइटें नगर परिषद के इंजीनियर की लापरवाही के कारण वाहन चालकों के प्रयोग में नहीं आ रही है। रेड लाइटों के मोड को ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों द्वारा ब्लिंक मोड़ पर करने के कारण ये न तो रेड होती हैं और न ही ग्रीन। ये केवल ओरेंज रहती हैं और हर समय ब्लिंक करती रहती हैं। वाहन चालक रेड लाइटों के सिग्नल को देखकर इधर-उधर से वाहनों को दौड़ाते रहते हैं। जिससे अव्यवस्था बनी रहती है और दुर्घटना होने का खतरा भी रहता है।
विज्ञापन
कहां-कहां लगी हैं ट्रैफिक लाइटें
शहर के बीच से गुजरने वाले हाइवे पर झज्जर मोड़ पर, नाहरा-नाहरी मोड़ पर, रेलवे रोड मोड़ पर, बादली चुंगी पर झज्जर रोड पर ट्रैफिक लाइटें लगी हुई हैं। महीनों पहले ये लाइटें 30 लाख रुपये खर्च करके लगवाई थी। मगर आज तक भी व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं बन पाई है।
विज्ञापन
एक-दूसरे के आरोप-प्रत्यारोप
नगर परिषद के एमई रमेश शर्मा जहां ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों पर लाइटों को ब्लिंक मोड पर डालने की बात कह रहे हैं तो वहीं ट्रैफिक पुलिस के एसएचओ अशोक कुमार ट्रैफिक लाइटों के समय में गड़बड़ी होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में दोनों के आरोप-प्रत्यारोप के चलते जनता को समस्या हो रही है। जबकि दोनों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और ट्रैफिक लाइटों सुचारु ढंग से चलाना चाहिए। ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
सेक्टर-6 और 9 मोड़ पर भी ट्रैफिक लाइटों की दरकार
बहादुरगढ़ में ट्रैफिक लाइटों की जरूरत सेक्टर-6 और 9 के मोड़ पर भी है। यहां पर लाइटें लगाने के लिए ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार की ओर से संबंधित विभाग से पत्र व्यवहार भी लिखा गया है। मगर अभी तक पहले से लगी लाइटों को ही चालू नहीं करवाया जा रहा। ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार ने कहा कि अगले दो दिनों में ट्रैफिक लाइटों को जरूर चालू करवाया जाएगा।
- ब्लिंक मोड पर रखते हैं पुलिस कर्मचारी ट्रैफिक लाइटों के सिग्नल : नप
- टाइम सेट नहीं, इसलिए चलती हैं ब्लिंक मोड पर : ट्रैफिक एसएचओ