{"_id":"5a1329564f1c1b8d698bcbcd","slug":"101511205206-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदेश : अगले सत्र से कालेज के विद्यार्थी टीचरों को देंगे पढ़ाने के नंबर ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदेश : अगले सत्र से कालेज के विद्यार्थी टीचरों को देंगे पढ़ाने के नंबर ़
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
आमतौर पर कॉलेजों में ये होता है कि बच्चे पूरा साल पढ़ाई करते हैं और साल के आखिर में कॉलेज के प्रोफेसर उन्हें उनकी परफार्मेंस के आधार पर नंबर देते हैं। अगले सत्र से कॉलेज की इस प्रक्रिया में ट्विस्ट आने वाला है। सत्र के आखिर में अगले सत्र में भी नंबर मिलेंगे लेकिन नंबर देने और लेने वाले किरदार बदल जाएंगे। नहीं समझे, आइये आपको सीधे शब्दों में समझाते हैं। प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पत्र की मानें तो अगले सत्र से विद्यार्थी अध्यापकों को पूरे साल में उनके द्वारा पढ़ाई गई थ्योरी के आधार पर उन्हें बकायदा नंबर देंगे। एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिये कक्षा के अंदर मौजूद सभी विद्यार्थी प्राध्यापकों को नंबर देंगे तो इसकी एक प्रति उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंचेगी। कॉलेज प्रध्यापकों को पूरे सेमेस्टर की कार्य योजना करवानी होगी।
जमा उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स को अगले सत्र से पूरे सेमेस्टर की कार्य योजना पहले ही कॉलेज पोर्टल के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं, इस पोर्टल से प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले लेक्चर की डिटेल और समय भी नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। इससे कॉलेज के विद्यार्थियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले ही पता चल जाएगा कि आज कॉलेज में उन्हें क्या पढ़ाया जाना है। ऐसे में वो उसकी घर से भी तैयारी करके जाएंगे और टीचर से संबंधित विषय पर अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
अगले सत्र के लिए 25 दिसंबर से पहले जमा करवानी होगी कार्य योजना
अगले सत्र के प्रथम सेमेस्टर को लेकर लेक्चरर को अपनी प्लानिंग 25 दिसंबर से पहले अपने-अपने कॉलेज के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसमें लेक्चरर को बाकायदा प्रतिदिन के लिहाज से पढ़ाए जाने वाले लेक्चरर्स की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अगले सत्र की शुरुआत से जारी होने वाले मोबाइल ऐप से यह कार्य योजना कनेक्ट की जाएगी और सत्र के आखिर में इसी मोबाइल ऐप से विद्यार्थी अपने प्रोफेसर्स को नंबर भी देंगे। इसकी एक रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
योजना में ये खामी
फिलहाल कार्य योजना को लेकर खामी ये नजर आ रही है कि अगर कोई लेक्चरर दो कॉलेज में वैकल्पिक दिवस पर ड्यूटी दे रहा है या फिर किसी लेक्चरर का तबादला सत्र के बीच में हो जाता है तो दिक्कत खड़ी हो जाएगी। वहीं, किसी लेक्चरर के बीमार पड़ने या फिर लंबी छुट्टी पर जाने की स्थिति में भी कार्ययोजना पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी। विभाग के अधिकारियों के द्वारा जो योजना तैयार की गई है, इसे अगर कुछ संशोधन कर लागू किया जाए तो कारगर साबित हो सकती है।
वर्जन
पिछले दिनों उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक ली थी। इस नये कांसेप्ट के बारे में बताया गया था। इस बारे में औपचारिक पत्र भी आ गया और अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
- रामरति कटारिया, राजकीय पीजी कॉलेज, दुजाना।
- कॉलेज प्राध्यापकों को सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही करवानी होगी सबमिट
- उच्चतर शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र
- सत्र के आखिर में विशेष मोबाइल ऐप के जरिये बच्चे देंगे अपनी प्रतिक्रिया
विज्ञापन
झज्जर।
आमतौर पर कॉलेजों में ये होता है कि बच्चे पूरा साल पढ़ाई करते हैं और साल के आखिर में कॉलेज के प्रोफेसर उन्हें उनकी परफार्मेंस के आधार पर नंबर देते हैं। अगले सत्र से कॉलेज की इस प्रक्रिया में ट्विस्ट आने वाला है। सत्र के आखिर में अगले सत्र में भी नंबर मिलेंगे लेकिन नंबर देने और लेने वाले किरदार बदल जाएंगे। नहीं समझे, आइये आपको सीधे शब्दों में समझाते हैं। प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पत्र की मानें तो अगले सत्र से विद्यार्थी अध्यापकों को पूरे साल में उनके द्वारा पढ़ाई गई थ्योरी के आधार पर उन्हें बकायदा नंबर देंगे। एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिये कक्षा के अंदर मौजूद सभी विद्यार्थी प्राध्यापकों को नंबर देंगे तो इसकी एक प्रति उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंचेगी। कॉलेज प्रध्यापकों को पूरे सेमेस्टर की कार्य योजना करवानी होगी।
जमा उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स को अगले सत्र से पूरे सेमेस्टर की कार्य योजना पहले ही कॉलेज पोर्टल के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं, इस पोर्टल से प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले लेक्चर की डिटेल और समय भी नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। इससे कॉलेज के विद्यार्थियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले ही पता चल जाएगा कि आज कॉलेज में उन्हें क्या पढ़ाया जाना है। ऐसे में वो उसकी घर से भी तैयारी करके जाएंगे और टीचर से संबंधित विषय पर अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
विज्ञापन
अगले सत्र के लिए 25 दिसंबर से पहले जमा करवानी होगी कार्य योजना
अगले सत्र के प्रथम सेमेस्टर को लेकर लेक्चरर को अपनी प्लानिंग 25 दिसंबर से पहले अपने-अपने कॉलेज के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसमें लेक्चरर को बाकायदा प्रतिदिन के लिहाज से पढ़ाए जाने वाले लेक्चरर्स की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अगले सत्र की शुरुआत से जारी होने वाले मोबाइल ऐप से यह कार्य योजना कनेक्ट की जाएगी और सत्र के आखिर में इसी मोबाइल ऐप से विद्यार्थी अपने प्रोफेसर्स को नंबर भी देंगे। इसकी एक रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
योजना में ये खामी
फिलहाल कार्य योजना को लेकर खामी ये नजर आ रही है कि अगर कोई लेक्चरर दो कॉलेज में वैकल्पिक दिवस पर ड्यूटी दे रहा है या फिर किसी लेक्चरर का तबादला सत्र के बीच में हो जाता है तो दिक्कत खड़ी हो जाएगी। वहीं, किसी लेक्चरर के बीमार पड़ने या फिर लंबी छुट्टी पर जाने की स्थिति में भी कार्ययोजना पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी। विभाग के अधिकारियों के द्वारा जो योजना तैयार की गई है, इसे अगर कुछ संशोधन कर लागू किया जाए तो कारगर साबित हो सकती है।
वर्जन
पिछले दिनों उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक ली थी। इस नये कांसेप्ट के बारे में बताया गया था। इस बारे में औपचारिक पत्र भी आ गया और अगले सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
- रामरति कटारिया, राजकीय पीजी कॉलेज, दुजाना।
- कॉलेज प्राध्यापकों को सेमेस्टर की कार्ययोजना पहले ही करवानी होगी सबमिट
- उच्चतर शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र
- सत्र के आखिर में विशेष मोबाइल ऐप के जरिये बच्चे देंगे अपनी प्रतिक्रिया