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महिलाओं को अपनी स्थिति सुधारने के लिए खुद बढ़ाने होंगे कदम : प्रो. गिल
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Women will have to take steps to improve their condition: Prof. Gill
- फोटो : Hisar
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राजनीति, सामाजिक व आर्थिक स्तर पर महिलाओं की बराबरी सुनिश्चित करने में अभी 95 से 250 साल लगने की संभावना है। महिलाएं ज्यादातर वो काम करती हैं, जिसके लिए उन्हें पैसा नहीं मिलता। बाल विवाह जैसी बुराइयां भी अभी खत्म नहीं हुई हैं। केवल कानून और सरकार कुछ नहीं कर सकते। महिलाओं को अपने स्तर पर अपनी स्थिति सुधारने के लिए कदम बढ़ाने होंगे।
यह बात गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर हुए सेमिनार में मुख्य वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के प्रो. राजेश गिल ने कही। उन्होंने विशेष चर्चा सत्र के दौरान कहा कि औरत गलती करने से डरती है। इसलिए जीवन में कुछ सीख नहीं पाती। औरत को गलती करने से डरना नहीं है। कार्यक्रम में हिसार की उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की व विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. हरभजन बंसल विशिष्ट अतिथि थे। वरिष्ठ अधिवक्ता किरण सिब्बल, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. संदीप राणा, विश्वविद्यालय के महिला सेल की अध्यक्ष प्रो. स्नहेलता गोयल, अमित शर्मा सेमीनार में विशेष चर्चा स्तर में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
महिलाओं के पास ही है महिलाओं की समस्या का हल : उपायुक्त
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि महिलाओं के साथ भेदभाव की शुरुआत उनके जन्म से पहले ही हो जाती है। हर महिला के लिए समानता के मापदंड भी अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्या का हल भी महिलाओं के पास ही है। महिलाएं अपने बच्चों में ऐसे संस्कार पैदा करें कि वो आगे चलकर महिलाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने का अधिकार देना होगा। इसकी शुरुआत भी घर से ही की जानी चाहिए।
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स्लोगन में सुमित और पोस्टर में निष्ठा प्रथम
इस दौरान स्लोगन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता में सुमित बंसल ने पहला, पिंकी ने दूसरा व मिनाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में निष्ठा, श्रेष्ठा व अंकित पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।
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यह बात गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर हुए सेमिनार में मुख्य वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के प्रो. राजेश गिल ने कही। उन्होंने विशेष चर्चा सत्र के दौरान कहा कि औरत गलती करने से डरती है। इसलिए जीवन में कुछ सीख नहीं पाती। औरत को गलती करने से डरना नहीं है। कार्यक्रम में हिसार की उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की व विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. हरभजन बंसल विशिष्ट अतिथि थे। वरिष्ठ अधिवक्ता किरण सिब्बल, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. संदीप राणा, विश्वविद्यालय के महिला सेल की अध्यक्ष प्रो. स्नहेलता गोयल, अमित शर्मा सेमीनार में विशेष चर्चा स्तर में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
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महिलाओं के पास ही है महिलाओं की समस्या का हल : उपायुक्त
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि महिलाओं के साथ भेदभाव की शुरुआत उनके जन्म से पहले ही हो जाती है। हर महिला के लिए समानता के मापदंड भी अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्या का हल भी महिलाओं के पास ही है। महिलाएं अपने बच्चों में ऐसे संस्कार पैदा करें कि वो आगे चलकर महिलाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने का अधिकार देना होगा। इसकी शुरुआत भी घर से ही की जानी चाहिए।
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स्लोगन में सुमित और पोस्टर में निष्ठा प्रथम
इस दौरान स्लोगन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता में सुमित बंसल ने पहला, पिंकी ने दूसरा व मिनाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में निष्ठा, श्रेष्ठा व अंकित पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।