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प्रदेश से मानसून की वापसी एक अक्तूबर तक संभावित
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हिसार। प्रदेश से मानसून की वापसी एक अक्तूबर तक होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो प्रदेश में मानसून की वापसी के लिए आने वाले दो तीन दिनों के बाद परिस्थितियां और अनुकूल भी हो जाएंगी। उधर एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को प्रदेश के पश्चिमी जिलों में हल्की बिखराव वाली बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मानसून ने विदाई से पहले प्रदेश में अपनी सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज कराई है। बंगाली की खाड़ी पर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में जबरदस्त बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर 100 से 200 मिलीमीटर और उससे अधिक बारिश हुई है। 26 सितंबर तक प्रदेश में 465.3 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि इस दौरान 428.7 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान समय में सिर्फ 6 जिलों अंबाला, भिवानी, फरीदाबाद, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत व यमुनानगर में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है जबकि शेष 16 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ के असर से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी व महेंद्रगढ़ जिले में हल्की बिखराव वाली बारिश हुई, जबकि अधिकतर स्थानों मौसम साफ व शुष्क रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 30.0 से 34.0 और न्यूनतम तापमान 21.0 से 24.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
ऐसा रहेगा आगे का मौसम
अगले 24 घंटे के बाद दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में प्रति चक्रवात बनेगा, जिसकी वजह से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी। इससे वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट भी आएगी और साथ ही साथ संपूर्ण इलाके में हल्की ठंड का आगाज होगा। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा खाजूवाला, बीकानेर, जोधपुर व नलिया जिले से होकर गुजर रही है। आने वाले दिनों में हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मानसून ने विदाई से पहले प्रदेश में अपनी सम्मानजनक उपस्थिति दर्ज कराई है। बंगाली की खाड़ी पर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में जबरदस्त बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर 100 से 200 मिलीमीटर और उससे अधिक बारिश हुई है। 26 सितंबर तक प्रदेश में 465.3 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि इस दौरान 428.7 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान समय में सिर्फ 6 जिलों अंबाला, भिवानी, फरीदाबाद, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत व यमुनानगर में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है जबकि शेष 16 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ के असर से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी व महेंद्रगढ़ जिले में हल्की बिखराव वाली बारिश हुई, जबकि अधिकतर स्थानों मौसम साफ व शुष्क रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 30.0 से 34.0 और न्यूनतम तापमान 21.0 से 24.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
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ऐसा रहेगा आगे का मौसम
अगले 24 घंटे के बाद दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में प्रति चक्रवात बनेगा, जिसकी वजह से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी। इससे वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट भी आएगी और साथ ही साथ संपूर्ण इलाके में हल्की ठंड का आगाज होगा। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा खाजूवाला, बीकानेर, जोधपुर व नलिया जिले से होकर गुजर रही है। आने वाले दिनों में हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है।
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