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Hisar News: एसपी बोले -15 दिन दीजिए, बिटिया को ढूंढ लाएंगे...भारी मन से घर लौट गए परिजन
Wed, 25 Dec 2024 04:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 25 Dec 2024 04:47 AM IST
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हिसार। करीब तीन महीने से लापता बिटिया के लिए 14 दिन से लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे परिवार की आखिरकार पुलिस-प्रशासन ने सुध ली। मंगलवार को बिटिया के पिता को लेकर शहर के जनसंगठनों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन से मिला। एसपी ने परिवार को भरोसा दिया कि 15 दिन दीजिए, बिटिया को खोज लेंगे। इस आश्वासन के बाद परिवार ने भारी मन से धरना स्थगित कर दिया। साथ ही साफ किया, तय समयसीमा में बिटिया को नहीं खोजा तो वह फिर धरना शुरू कर देंगे।
इससे पहले शहर के प्रमुख जनसंगठनों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी की। जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान शकुंतला जाखड़, किसान नेता दिलबाग हुड्डा, शमशेर नंबरदार, इनसो के जिला अध्यक्ष राहुल, पूर्व प्राचार्य डीएस खर्ब, पूर्व पार्षद अमित ग्रोवर आदि ने कहा, एक परिवार 14 दिन से कड़ाके की सर्दी में मासूम बच्चों के साथ धरने पर बैठा है। ताज्जुब है कि पुलिस-प्रशासन ने इनकी सुध तक नहीं ली। इनकी बेटी को तलाशने के लिए क्या कार्रवाई की गई, सार्वजनिक तौर पर बताना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से न्याय मांगने का सभी को अधिकार है, लेकिन खोखले आश्वासन के सिवाय इस परिवार को कुछ नहीं मिला। यह तो हठधर्मिता है।
इस बीच एसडीएम ज्योति मित्तल और डीएसपी हरेंद्र ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी बेटी को तलाश लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सर्दी में बच्चों की सेहत का हवाला देते हुए धरना खत्म करने की मनुहार की। अफसरों के आश्वासन के बाद परिवार आंखों में आंसू लिए घर लौट गया। हालांकि, सुनील सोनी और उनकी पत्नी रागनी ने स्पष्ट कहा, 15 दिन में बेटी नहीं मिली तो वे फिर धरने पर आ डटेंगे। गौरतलब है कि आजाद नगर की गीता कॉलोनी निवासी हर्षिता 29 सितंबर से लापता है। उसकी तलाश के लिए परिजन थानों से लेकर विधायक और सीएम तक से गुहार लगा चुके हैं। इतना समय बीत जाने के बावजूद अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। हर तरफ से लाचार होकर परिवार ने लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू किया था।
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बिटिया न मिली तो फिर देंगे धरना
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द बेटी को खोज लिया जाएगा। अफसरों के भरोसे पर फिलहाल धरना स्थगित कर दिया है। 15 दिन में बेटी नहीं मिली तो हमारे पास धरने पर बैठने के सिवाय कोई चारा नहीं होगा। हमारी प्रार्थना है कि पुलिस जैसे भी हो, मेरी लाडो को हमसे मिला दे। न जाने वह किस हाल में होगी। - सुनील सोनी, पिता
पुलिस के प्रयास और तेज होंगे
किशोरी के लापता होने का मामला संज्ञान में है। पुलिस की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों की पुलिस से भी संपर्क किया है। पोर्टल पर जानकारी डाली गई है। परिवार की तरफ से चार-पांच नाम दिए गए हैं। पुलिस इस मामले में रोजाना उन्हें कार्रवाई से अवगत कराएगी। पुलिस के प्रयासों को और बढ़ाया जाएगा। इस आश्वसान पर परिवार ने धरना स्थगित कर दिया है। - ज्योमि मित्तल, एसडीएम, हिसार
गंभीरता से की जा रही किशोरी की तलाश
किशोरी की तलाश में पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणा की सीमा से लगते प्रदेशों की पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस की टीमें भी अपने स्तर पर तलाश में जुटी हुई हैं। उम्मीद है, जल्द सफलता मिलेगी। - हरेंद्र, डीएसपी, हिसार
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इससे पहले शहर के प्रमुख जनसंगठनों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी की। जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान शकुंतला जाखड़, किसान नेता दिलबाग हुड्डा, शमशेर नंबरदार, इनसो के जिला अध्यक्ष राहुल, पूर्व प्राचार्य डीएस खर्ब, पूर्व पार्षद अमित ग्रोवर आदि ने कहा, एक परिवार 14 दिन से कड़ाके की सर्दी में मासूम बच्चों के साथ धरने पर बैठा है। ताज्जुब है कि पुलिस-प्रशासन ने इनकी सुध तक नहीं ली। इनकी बेटी को तलाशने के लिए क्या कार्रवाई की गई, सार्वजनिक तौर पर बताना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से न्याय मांगने का सभी को अधिकार है, लेकिन खोखले आश्वासन के सिवाय इस परिवार को कुछ नहीं मिला। यह तो हठधर्मिता है।
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इस बीच एसडीएम ज्योति मित्तल और डीएसपी हरेंद्र ने धरनास्थल पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी बेटी को तलाश लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सर्दी में बच्चों की सेहत का हवाला देते हुए धरना खत्म करने की मनुहार की। अफसरों के आश्वासन के बाद परिवार आंखों में आंसू लिए घर लौट गया। हालांकि, सुनील सोनी और उनकी पत्नी रागनी ने स्पष्ट कहा, 15 दिन में बेटी नहीं मिली तो वे फिर धरने पर आ डटेंगे। गौरतलब है कि आजाद नगर की गीता कॉलोनी निवासी हर्षिता 29 सितंबर से लापता है। उसकी तलाश के लिए परिजन थानों से लेकर विधायक और सीएम तक से गुहार लगा चुके हैं। इतना समय बीत जाने के बावजूद अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। हर तरफ से लाचार होकर परिवार ने लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू किया था।
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बिटिया न मिली तो फिर देंगे धरना
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द बेटी को खोज लिया जाएगा। अफसरों के भरोसे पर फिलहाल धरना स्थगित कर दिया है। 15 दिन में बेटी नहीं मिली तो हमारे पास धरने पर बैठने के सिवाय कोई चारा नहीं होगा। हमारी प्रार्थना है कि पुलिस जैसे भी हो, मेरी लाडो को हमसे मिला दे। न जाने वह किस हाल में होगी। - सुनील सोनी, पिता
पुलिस के प्रयास और तेज होंगे
किशोरी के लापता होने का मामला संज्ञान में है। पुलिस की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों की पुलिस से भी संपर्क किया है। पोर्टल पर जानकारी डाली गई है। परिवार की तरफ से चार-पांच नाम दिए गए हैं। पुलिस इस मामले में रोजाना उन्हें कार्रवाई से अवगत कराएगी। पुलिस के प्रयासों को और बढ़ाया जाएगा। इस आश्वसान पर परिवार ने धरना स्थगित कर दिया है। - ज्योमि मित्तल, एसडीएम, हिसार
गंभीरता से की जा रही किशोरी की तलाश
किशोरी की तलाश में पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणा की सीमा से लगते प्रदेशों की पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस की टीमें भी अपने स्तर पर तलाश में जुटी हुई हैं। उम्मीद है, जल्द सफलता मिलेगी। - हरेंद्र, डीएसपी, हिसार