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आर-पार की लड़ाई भी लडेंगे, संयम के साथ डटे रहेंगे : अभिमन्यु कोहाड़
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डीएसपी जुगल किशोर को शिकायत देते किसान। संवाद
- फोटो : hisar
नारनौंद। तीन प्रमुख मांगों को लेकर किसानों का प्रतिनिधि मंडल रविवार को हांसी पुलिस अधीक्षक से मिलेगा। आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंड में सुरेश कोथ, जोगिंदर नैन, रवि आजाद, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, इंद्रजीत कामरेड, बलवान लोहान, कृष्ण लोहान शामिल रहेंगे। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि आर-पार की लड़ाई भी लडे़ंगे और संयम के साथ डटे रहेंगे।
उन्होंने कहा कि हम अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम खुद ही नहीं बचेंगे तो जमीन का क्या करेंगे। हमारा आंदोलन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार बौखला कर लगातार ओछे हथकंडे अपना रही है। हमें सरकार की साजिशों में फंसना नहीं है। तीन काले कानूनों को रद्द कराने, एमएसपी का कानून बनवाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेेगा। किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि आठ नवंबर को पुलिस अधीक्षक का घेराव किया जाएगा। सभी किसान संगठन अपनी पूरी ताकत लगा देना।
किसान नेता राकेश टिकैत के भतीजे गौरव टिकैत ने कहा कि प्रशासन या पुलिस किसानों पर केस दर्ज करती है तो ये किसानों के लिए आभूषण हैं। नेताओं गुंडों की आड़ लेकर किसानों से मारपीट करना गलत है। सरकार गलतफहमी में है कि ये आंदोलन कुछ दिन में खत्म हो जाएगा। जब आंदोलन शुरू हुआ तब ये कुछ लोगों का आंदोलन था लेकिन आज पूरे देश के लोगों को समझ आ चुका है कि सरकार किसानों को उद्योगपतियों के चुंगल में फंसाने का काम कर रही है। सरकार बताए कि वो कौन सी ताकतें हैं जो सरकार को कानून वापस लेने से रोक रही हैं। 2014 से पहले तक ये नारा देते थे कि बहुत हुआ किसान पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार। अब सरकार में आने के बाद ये किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी, मुट्ठीभर किसान बता रहे हैं। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि किसानों पर झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस प्रशासन उनको निरस्त करें और रामचंद्र जांगड़ा व उनके पीए के खिलाफ मामला दर्ज करें।
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सांसद जांगड़ा और एक सहयोगी के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत
नारनौंद घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है। किसानों का आरोप राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के इशारे पर किसान कुलदीप राणा पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया है। उन्होंने सांसद रामचंद्र जांगड़ा व उसके सहयोगी के खिलाफ नारनौंद पुलिस को शिकायत दी है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप खरड़ ने कहा कि 5 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर नारनौंद के बुडाना रोड पर काले झंडे लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का विरोध करने के लिए खड़े थे। उसी दौरान सांसद का काफिला आया तो किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। सांसद ने अपनी गाड़ी में बैठे अपने निजी व्यक्ति से कहा कि यह कुलदीप राणा बड़ा आंदोलनकारी बनता है। तुम इसको जान से मार दो। इसके बाद गाड़ी से उतर कर उनके साथी ने कुलदीप राणा के सिर में जोर-जोर से मुक्के मारे। उन्हें नारनौंद के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उन्हें रेफर कर दिया। आज कुलदीप निजी अस्पताल में मौत से जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
किसानों की तरफ से सांसद और उनके एक सहयोगी के खिलाफ शिकायत मिल चुकी है। फिलहाल शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। - जुगल किशोर, डीएसपी, नारनौंद
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उन्होंने कहा कि हम अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम खुद ही नहीं बचेंगे तो जमीन का क्या करेंगे। हमारा आंदोलन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार बौखला कर लगातार ओछे हथकंडे अपना रही है। हमें सरकार की साजिशों में फंसना नहीं है। तीन काले कानूनों को रद्द कराने, एमएसपी का कानून बनवाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेेगा। किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि आठ नवंबर को पुलिस अधीक्षक का घेराव किया जाएगा। सभी किसान संगठन अपनी पूरी ताकत लगा देना।
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किसान नेता राकेश टिकैत के भतीजे गौरव टिकैत ने कहा कि प्रशासन या पुलिस किसानों पर केस दर्ज करती है तो ये किसानों के लिए आभूषण हैं। नेताओं गुंडों की आड़ लेकर किसानों से मारपीट करना गलत है। सरकार गलतफहमी में है कि ये आंदोलन कुछ दिन में खत्म हो जाएगा। जब आंदोलन शुरू हुआ तब ये कुछ लोगों का आंदोलन था लेकिन आज पूरे देश के लोगों को समझ आ चुका है कि सरकार किसानों को उद्योगपतियों के चुंगल में फंसाने का काम कर रही है। सरकार बताए कि वो कौन सी ताकतें हैं जो सरकार को कानून वापस लेने से रोक रही हैं। 2014 से पहले तक ये नारा देते थे कि बहुत हुआ किसान पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार। अब सरकार में आने के बाद ये किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी, मुट्ठीभर किसान बता रहे हैं। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि किसानों पर झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस प्रशासन उनको निरस्त करें और रामचंद्र जांगड़ा व उनके पीए के खिलाफ मामला दर्ज करें।
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सांसद जांगड़ा और एक सहयोगी के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत
नारनौंद घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है। किसानों का आरोप राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के इशारे पर किसान कुलदीप राणा पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया है। उन्होंने सांसद रामचंद्र जांगड़ा व उसके सहयोगी के खिलाफ नारनौंद पुलिस को शिकायत दी है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप खरड़ ने कहा कि 5 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर नारनौंद के बुडाना रोड पर काले झंडे लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का विरोध करने के लिए खड़े थे। उसी दौरान सांसद का काफिला आया तो किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। सांसद ने अपनी गाड़ी में बैठे अपने निजी व्यक्ति से कहा कि यह कुलदीप राणा बड़ा आंदोलनकारी बनता है। तुम इसको जान से मार दो। इसके बाद गाड़ी से उतर कर उनके साथी ने कुलदीप राणा के सिर में जोर-जोर से मुक्के मारे। उन्हें नारनौंद के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उन्हें रेफर कर दिया। आज कुलदीप निजी अस्पताल में मौत से जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
किसानों की तरफ से सांसद और उनके एक सहयोगी के खिलाफ शिकायत मिल चुकी है। फिलहाल शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। - जुगल किशोर, डीएसपी, नारनौंद

नारनौंद थाने में चल रही किसान महापंचायत में पहुंचे किसान- फोटो : Hisar