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बिना वैक्सीन के सरकारी कार्यालयों में प्रवेश वर्जित क्यों, जवाब मांगेंगे शहरवासी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 11:42 PM IST
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Why is it forbidden to enter government offices without vaccine, the citizens will ask for answers
हिसार। कोरोना की तीसरी लहर के चलते सरकारी कार्यालयों में प्रवेश के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना व वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करने के विरोध में शहरवासी एकजुट होना शुरू गए हैं। रविवार को हिसार शहर के नागरिकों ने कैंप चौक के पास बैठक आयोजित की। बैठक में मौजूद विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वैक्सीन लगाने व सरकारी कार्यालयों में वैक्सीन सर्टिफिकेट के बिना प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को गैर कानूनी बताया व इसके विरोध में रोष जाहिर किया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन की इन गतिविधियों का विरोध करने की रूपरेखा बनाने पर विस्तार से चर्चा की व आंदोलन की रणनीति बनाई। रणनीति के तहत शहर के लोगों ने एक मोर्चा का गठन किया है।
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उपायुक्त से लेकर हर अधिकारी से लिखित में जवाब लेंगे शहरवासी -
सोमवार से मोर्चा के सदस्य जिला के सभी विभागों के आला अधिकारियों से मिलने की मुहिम शुरू करेंगे व कोरोना वैक्सीनेशन करवाना कितना अनिवार्य है, इस बारे में लिखित में जवाब लेंगे। इस मुहिम की शुरुआत उपायुक्त से मिलकर की जाएगी। इसके बाद सीएमओ, पीएमओ, जिला शिक्षा अधिकारी, निगमायुक्त सहित अन्य विभागों के आला अधिकारियों से मिलेंगे व लिखित में जवाब लेने के लिए अपना मांग पत्र देंगे। अगर जिला प्रशासनिक अधिकारी लिखित में जवाब नहीं दे पाए तो मोर्चा के सभी सदस्य शहरवासियों के साथ बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
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बैठक में मौजूद राजीव सरदाना ने बताया कि एक तरफ तो भारत की केंद्र सरकार सर्वोच्च न्यायालय में एफिडेविट देकर यह बताती है कि देश के किसी भी नागरिक को जबरदस्ती कोविड वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है, वैक्सीनेशन स्वैच्छिक रूप से लोगों द्वारा करवाया जा रहा है। एफिडेविट में यह भी बताया गया है कि सरकार ने किसी भी कार्य के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य नहीं किया है। वहीं, दूसरी तरफ जिला प्रशासन लोगों पर तरह-तरह से दबाव बनाकर वैक्सीन के लिए मजबूर कर रहा है। हर रोज स्कूलों में बच्चों पर वैक्सीनेशन के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी प्रकार हर सरकारी कार्यालय यहां तक कि रेलवे स्टेशन पर भी बिना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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ये किए जाएंगे अधिकारियों से सवाल -
बैठक में निर्णय किया गया कि उपायुक्त, डीईओ, निगमायुक्त और सीएमओ व पीएमओ से इस संबंध में सवाल पूछे जाएंगे कि क्या कोरोना वैक्सीनेशन अनिवार्य है। यदि हां, तो उस नियम की प्रति उपलब्ध करवाएं तथा यह बताया जाए कि वैक्सिनेशन के बाद होने वाली किसी भी दिक्कत की जिम्मेवारी वैक्सीन कंपनी या सरकार कौन ले रहा है। यदि कोविड वैक्सीनेशन अनिवार्य नहीं है व स्वैच्छिक है तो किस आधार पर नागरिकों को वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाए बिना सरकारी संस्थानों में प्रवेश पर रोका जा रहा है।

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बैठक में ये लोग रहे मौजूद -
- बैठक में ललित भाटिया, चरण जीत, राजीव सरदाना, मान सिंह चौहान, संजीव भोजराज, अनिल सैनी, जगदीश राय, राधा सहगल, सुमन जाखड़, अनिल पाणिकर, मृणाल, रूमन, और प्रशांत सहित अनेक शहरवासी शामिल थे।
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