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Hisar News: चिकित्सकों के जाने पर गेट बंद किए तो भड़के युवाओं ने की नारेबाजी, रात 8 बजे दोबारा शुरू कराई ओपीडी

Sun, 10 Mar 2024 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 10 Mar 2024 02:15 AM IST
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When the gates were closed after the doctors left, the youth got angry and raised slogans, OPD was reopened at 8 pm
हिसार। ग्रुप डी में चयनित युवक अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। ओपीडी स्लिप कटवाने के बाद अलग-अलग चिकित्सकों के कक्ष के बाहर लाइन में लगे रहे। शाम पांच बजे तक मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बने। करीब 5 बजे चिकित्सक ओपीडी खत्म कर चले गए। जिसके बाद मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाए आए युवकों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। शाम करीब 7.30 बजे डीएसपी सत्यपाल यादव युवाओं को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे। सीएमओ डॉ. सपना गहलावत, पीएमओ डॉ. रत्ना भारती भी मौके पर पहुंची। रात 8 बजे दोबारा से ओपीड़ी शुरू कराई तो युवा शांत हुए।
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नागरिक अस्पताल के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे युवाओं ने बताया कि ग्रुप डी में चयनित होने के बाद शनिवार सुबह मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अस्पताल आए थे। सुबह ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए लाइन में लगे। भीड़ ज्यादा होने के कारण चार घंटे बाद ओपीडी की पर्ची कटी। नेत्र रोग, ईएनटी, सर्जन, गायनी चिकित्सक को दिखाना था। जब चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर मेडिकल जांच के लिए गए तो पता चला कि चिकित्सक ओपीडी में नहीं है। दोपहर बाद चिकित्सक ओपीडी में आए। फिर साढ़े चार बजे चिकित्सक ओपीडी से चले गए। काफी देर तक उनका इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। शाम को सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद कर दिया। युवाओं ने कहा कि हमें 40 से 60 किलोमीटर अपने गांव जाना है। रविवार को अस्पताल में अवकाश रहेगा। अब सोमवार को फिर से चक्कर लगाने होंगे। सोमवार को भी ड्यूटी पर नहीं जा सकेंगे।
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मेडिकल न होने पर हंगामा

सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल का मुख्य दरवाजा बंद किया तो गुस्साए युवाओं ने गेट के बाहर हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं युवा गेट के सामने धरने पर बैठ गए। युवाओं ने कहा कि जब तक मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बनेंगे यहां से नहीं जाएंगे। सरकार ने शनिवार-रविवार को अस्पताल खुले रखने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बनाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की।
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सुबह छह बजे आए थे
भैरी अकबपुर निवासी भीम, पायल निवासी मनीष, सुंडावास निवासी मनोज ने बताया कि वह सुबह 6 बजे अस्पताल परिसर में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आए थे। पूरे दिन में सिर्फ ओपीडी की पर्ची कटी है। कुल दो मेडिकल हुए है। अधिकतर युवाओं की मेडिकल जांच नहीं हुई है।

ऐसे बनता है मेडिकल
सबसे पहले ओपीडी की स्लिप कटवानी पड़ेगी। इसके बाद फिजिशियन की ओपीडी में जाना होगा। जहां फिजिशियन रक्त जांच, यूरीन टेस्ट के लिए लिखेगा। इसके बाद आवेदक को लैब में यह सैंपल देने होंगे। सैंपल देने के बाद आवेदक को ईएनटी के चिकित्सक के पास जाना होगा। उनकी रिपोर्ट के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ, सर्जन से मेडिकल जांच करानी होगी। इसके बाद अपने सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट लेकर आएगा। सैंपल की रिपोर्ट को लेकर फिजिशयन के पास दिखाना होगा। रिपोर्ट जांचने के बाद अपने हस्ताक्षर करेगा। इन सभी चिकित्सकों के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचना होगा। जहां पर सीएमओ कार्यालय से हस्ताक्षर व मोहर लगाकर उनका रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके बाद मेडिकल प्रमाण पत्र की प्रति आवेदक को दी जाएगी।

यह कारण लगी लाइन
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शनिवार को ब्लू बर्ड में ईएनटी विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया हुआ था। सीएमओ, पीएमओ सहित नागरिक अस्पताल के अधिकतर चिकित्सक पहुंचे हुए थे। जिस कारण दिन के समय ओपीडी में चिकित्सक नहीं थे।
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