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हमें मिल्क से मिल्क प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ना होगा, 30 से 70 प्रतिशत तक पहुंचाना लक्ष्य : मीनेश शाह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:04 AM IST
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We need to move from milk to milk products, aiming to increase the share of milk from 30% to 70%: Meenesh Shah
लुवास में आयोजित 15वीं इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन की संगोष्ठी में स्मारिका का विमोचन करते
हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में वीरवार को आयोजित 15वीं इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन (आईडीईए) कन्वेंशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा कि हमें मिल्क से मिल्क प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ना होगा। इस समय देश में केवल 30 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण हो रहा है जबकि 70 प्रतिशत दूध का उपयोग दूध के तौर पर ही हो रहा है। उनका लक्ष्य है कि इसे बदलकर 70 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण किया जाए।
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उन्होंने कहा कि देश में ईटीटी (उभरती प्रौद्योगिकी हस्तांतरण) मॉडल को अपनाना होगा जिससे डेयरी क्षेत्र में सुधार लाया जा सके। इसके अलावा 2047 तक पशुओं से 5 किलोग्राम दूध प्रति पशु प्रतिदिन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सेक्स शार्टेड सीमन और पशुओं के न्यूट्रीशियन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही सभी पशुओं का समय पर टीकाकरण भी आवश्यक है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि डेयरी एवं फूड इंजीनियरिंग में हो रहे तकनीकी परिवर्तनों को तेजी से अपनाना होगा। विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान आधारित सोच को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा देना चाहिए।
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नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने युवाओं को डेयरी आधारित स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने में सहायक होते हैं। आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक डॉ. एनसी राठौड़ ने डेयरी एवं फूड इंजीनियरिंग में नवीनतम तकनीकों, ऑटोमेशन, गुणवत्ता नियंत्रण और वैल्यू एडिशन पर प्रकाश डालते हुए अनुसंधान को किसानों और उद्योग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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आईडीईए के अध्यक्ष ने बताया संगठन की महत्वता
आईडीईए के अध्यक्ष ईआर सुमेर अग्रवाल ने कहा कि यह संगठन देशभर के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के बीच एक सशक्त मंच के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह संगोष्ठी तकनीकी सहयोग और नवाचार को नई दिशा प्रदान करेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उपाध्यक्ष डॉ. आईके साहनी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नवीनतम शोध और तकनीकों को एक मंच पर लाना है।

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लाइफ टाइम अवाॅर्ड से सम्मानित किए गए वैज्ञानिक
आईडीईए की ओर से चार वैज्ञानिकों को लाइफ टाइम अवाॅर्ड प्रदान किया गया। सम्मानित किए गए वैज्ञानिकों में आईसीएआर के पूर्व डीडीजी डॉ. एनएस राठौड़, प्रो. पी सुधीर बाबू, श्याम कोहली और वीरेंद्र शर्मा शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन भी किया गया। आयोजन सचिव डॉ. इन्दु ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जबकि डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. शरणगौड़ा बी. पाटिल ने स्वागत भाषण दिया।
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