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Hisar News: नहरों में आया पानी पर अभी कम नहीं होगी परेशानी

Mon, 28 Apr 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 28 Apr 2025 12:36 AM IST
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Water has arrived in the canals but the problem will not reduce yet
हिसार। नहरबंदी के कारण शहर की कई कॉलोनियों में टेल वाले इलाकों में पानी के कारण हाहाकार मचा है। जलघरों के वाटर टैंकों का पेंदा दिखने लगा है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर टैंकर वाले मनमानी पर उतर आए हैं। हालत यह है कि मुंहमांगे दाम पर भी पानी सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। सिंचाई विभाग ने रविवार को नहरों में पानी छोड़ा, लेकिन इससे परेशानी कम नहीं होगी क्योंकि यह 3 से 4 दिन ही पानी चलेगा। नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति के लिए कम से कम दस दिन और लगने की संभावना है।
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फिलहाल नहरों में पानी कम आने की वजह से साइफन लगाकर टैंकों को भरा जा रहा है। भाखड़ा नहर की सफाई के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने 24 मार्च से एक माह के लिए नहरबंदी लागू की थी, जो 23 अप्रैल तक चलनी थी, लेकिन अब तक नहरों में पूरा पानी नहीं आया है।
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3 से 4 दिन के पानी का ही होगा भंडारण
तोशाम रोड, कैमरी रोड व आजाद नगर जलघर को पानी उपलब्ध करवानी बालसमंद सब ब्रांच में सुबह करीब 7 बजे पानी पहुंचा, जबकि महाबीर कॉलोनी जलघर को पानी उपलब्ध करवाने वाली सातरोड ब्रांच में दोपहर करीब 12 बजे पानी आया। सिंचाई विभाग की तरफ से नहर में कम पानी छोड़े जाने की सूचना के तहत पहले से ही साइफन लगाए गए थे ताकि टैंकों को ज्यादा से ज्यादा भरा जा सके। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो फिलहाल टैंकों में 3 से 4 दिन के पानी का ही भंडारण किया सकेगा।
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ज्यादातर टैंक सूखे
नहरबंदी और भीषण गर्मी के कारण शहर के ज्यादातर टैंक खाली हो गए हैं। महाबीर कॉलोनी जलघर से ट्यूबवेल के जरिये पानी सप्लाई किया जा रहा है। इस जलघर में तीन ट्यूबेवल लगे हुए हैं। जलघर के कर्मचारियों के मुताबिक टैंक में 2 से 3 फीट पानी छोड़ना पड़ता है। ऐसा न करने पर जलीय जीव मर जाएंगे और पानी दूषित हो जाएगा। यही हालत कैमरी रोड जलघर की है। आजाद नगर जलघर में भी नाममात्र का पानी बचा है। इस कारण नहरी पानी के साथ ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जा रहा है। एचएसवीपी के तोशाम रोड जलघर के वाटर टैंक भी खाली हो गए हैं।

टैंकरों से पानी सप्लाई करने वाले काट रहे चांदी
गंभीर पेयजल संकट की स्थिति में टैंकरों से पानी सप्लाई करने चांदी काट रहे हैं। महाबीर कॉलोनी जलघर के बाहर 4 से 5 निजी ट्यूबवेल लगे हैं। इनसे दिन-रात टैंकर भरे जा रहे हैं। टैंकर सप्लाई करने वालों के मुताबिक उनके पास इतने फोन आ रहे हैं कि उन्हें मना करना पड़ रहा है। प्रति टैंकर के रेट 800 से एक हजार रुपये के बीच हैं।

पेयजल समस्या का हो स्थायी समाधान निकालें
सेक्टर 33 में विगत कुछ समय से जलापूर्ति की गंभीर समस्या बनी हुई है। रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान धर्मवीर पान्नू ने बताया कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टरवासी कहते हैं कि ड्यूटी करें या रात भर टैंकर की प्रतीक्षा करें। टैंकर का कोई टाइम नहीं है। रात के दो-दो बजे तक इंतजार करना पड़ता है। सोसायटी के सचिव बलविंदर सिंह ने समस्या को जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उप प्रधान कृष्ण बिश्नोई, महासचिव बलविंदर सिंह, अशोक भूटानी, राकेश कुमार, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई आदि मौजूद रहे।

अभी 3 से 4 दिन के लिए ही नहर में पानी आया है। अभी एक दिन छोड़कर ही पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। नहर में पूरा पानी आने के बाद ही सप्लाई नियमित की जाएगी। - शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग


प्रदेश में ''''वाटर इमरजेंसी'''' के हालात : दुष्यंत चौटाला
हिसार। जजपा ने और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंता चौटाला ने कहा, प्रदेश में वाटर इमरजेंसी जैसे हालत हो गए हैं। गांवों में पेयजल का भारी संकट है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। गांवों में जलाशय व जोहड़ सूख गए हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों के जलघरों में भी पानी नहीं है। हालात ये है कि लोगों को पानी के टैंकर मंगवार काम चलाना पड़ रहा है। चौटाला ने रविवार को अर्बन एस्टेट स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात में यह बात कही। उन्होंने कहा, प्रदेश में बिजली व्यवस्था का भी बुरा हाल है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो पहले ही हालात खराब थे और अब तो शहरी क्षेत्रों में भी बिजली संकट बना हुआ है। भाजपा सरकार प्रदेश के लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल है। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार में रहते हुए उन्होंने हिसार के विकास के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी थी। करोड़ों रुपये विकास पर खर्च किए गए थे। इन सुविधाओं का आज जनता को लाभ मिल रहा है।
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