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Hisar News: धान व सरसों से अटे गोदाम, खुले में रखना पड़ेगा गेहूं
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संवाद न्यूज एजेंसी
हांसी। गेहूं के भंडारण के लिए इस बार गोदामों में जगह नहीं है। इनमें पहले से ही सरसों व धान का स्टॉक रखा हुआ है। जगह न होने से इस बार गेहूं की फसल का भंडारण गोदामों के बाहर किया जाएगा।
शहर में हैफेड के दो गोदाम हैं सैनीपुरा व बीडीपीओ कार्यालय के पास। वहीं एफसीआई के तीन गोदाम हैं, लेकिन इस बार गोदाम पहले से ही भरे हुए हैं। सैनीपुरा के गोदाम में करीब 60 हजार बैग सरसों के रखे हुए हैं। वहीं बीडीपीओ कार्यालय के पास बने गोदाम में भी पहले से ही सरसों रखी हुई है। रेट को लेकर हुए विवाद के चलते इस बार हैफेड ने सरसों की खरीद नहीं की।
जिस कारण सरसों अभी भी रखी हुई है। वहीं एफसीआई के गोदामों में अभी भी गेहूं का भंडारण है। इनके एक गोदाम की क्षमता 35 हजार एमटी की है, जिसमें पहले से ही इतनी ही गेहूं रखी हुई है। वहीं दूसरे में 55 हजार एमटी गेहूं के भंडारण की क्षमता है, जिसमें 20 हजार एमटी गेहूं रखने के लिए जगह बची हुई है। ऐसे में गोदामों में तय क्षमता के अनुसार ही भंडारण होगा। वहीं अन्य बैग को गोदाम के परिसर में बनी जगह में रखवाया जाएगा। यहां इन्हें ढक कर रखा जाएगा। ऐसे में इनकी खराब होने की संभावना भी बनी रहेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास उनके कार्यालय के साथ एक गोदाम है। जो की खाली है। इसके अलावा विभाग की तरफ से दो अन्य गोदाम किराए पर लेने के लिए योजना बनाई जा रही है। बता दें कि बीते वर्ष हांसी, सिसाय व घिराय अनाज मंडी करीब 9.40 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई थी।
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हैफेड व डीएफएससी करेगा खरीद : मंडी में गेहूं की खरीद हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से की जाएगी। दोनों एजेंसी एक-एक दिन खरीद करेगी। हांसी के अलावा सिसाय स्थित सब यार्ड व घिराय स्थित केंद्र में खरीद की जाएगी।
दूसरे दिन आई गेहूं की ढेरियां : अनाज मंडी में गेहूं खरीद के दूसरे दिन गेहूं की खराब पांच ढेरियां आई हैं, लेकिन गेहूं में नमी होने के चलते खरीद नहीं हो सकी। किसान उसे धूप में सूखा रहे हैं। नियमानुसार गेहूं में नमी 12 प्रतिशत तक होनी चाहिए। वहीं हैफेड ने गेहूं के उठान व ट्रांसपोर्ट के लिए मंगलवार को टेंडर लगाया है। टेंडर 7 मार्च को खुलेगा। इसके बाद ही तय होगा की टेंडर किसे दिया जाना है। बता दें कि फसल के उठान के बाद ही किसानों के खाते में पेमेंट जमा होती है।
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हांसी। गेहूं के भंडारण के लिए इस बार गोदामों में जगह नहीं है। इनमें पहले से ही सरसों व धान का स्टॉक रखा हुआ है। जगह न होने से इस बार गेहूं की फसल का भंडारण गोदामों के बाहर किया जाएगा।
शहर में हैफेड के दो गोदाम हैं सैनीपुरा व बीडीपीओ कार्यालय के पास। वहीं एफसीआई के तीन गोदाम हैं, लेकिन इस बार गोदाम पहले से ही भरे हुए हैं। सैनीपुरा के गोदाम में करीब 60 हजार बैग सरसों के रखे हुए हैं। वहीं बीडीपीओ कार्यालय के पास बने गोदाम में भी पहले से ही सरसों रखी हुई है। रेट को लेकर हुए विवाद के चलते इस बार हैफेड ने सरसों की खरीद नहीं की।
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जिस कारण सरसों अभी भी रखी हुई है। वहीं एफसीआई के गोदामों में अभी भी गेहूं का भंडारण है। इनके एक गोदाम की क्षमता 35 हजार एमटी की है, जिसमें पहले से ही इतनी ही गेहूं रखी हुई है। वहीं दूसरे में 55 हजार एमटी गेहूं के भंडारण की क्षमता है, जिसमें 20 हजार एमटी गेहूं रखने के लिए जगह बची हुई है। ऐसे में गोदामों में तय क्षमता के अनुसार ही भंडारण होगा। वहीं अन्य बैग को गोदाम के परिसर में बनी जगह में रखवाया जाएगा। यहां इन्हें ढक कर रखा जाएगा। ऐसे में इनकी खराब होने की संभावना भी बनी रहेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास उनके कार्यालय के साथ एक गोदाम है। जो की खाली है। इसके अलावा विभाग की तरफ से दो अन्य गोदाम किराए पर लेने के लिए योजना बनाई जा रही है। बता दें कि बीते वर्ष हांसी, सिसाय व घिराय अनाज मंडी करीब 9.40 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई थी।
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हैफेड व डीएफएससी करेगा खरीद : मंडी में गेहूं की खरीद हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से की जाएगी। दोनों एजेंसी एक-एक दिन खरीद करेगी। हांसी के अलावा सिसाय स्थित सब यार्ड व घिराय स्थित केंद्र में खरीद की जाएगी।
दूसरे दिन आई गेहूं की ढेरियां : अनाज मंडी में गेहूं खरीद के दूसरे दिन गेहूं की खराब पांच ढेरियां आई हैं, लेकिन गेहूं में नमी होने के चलते खरीद नहीं हो सकी। किसान उसे धूप में सूखा रहे हैं। नियमानुसार गेहूं में नमी 12 प्रतिशत तक होनी चाहिए। वहीं हैफेड ने गेहूं के उठान व ट्रांसपोर्ट के लिए मंगलवार को टेंडर लगाया है। टेंडर 7 मार्च को खुलेगा। इसके बाद ही तय होगा की टेंडर किसे दिया जाना है। बता दें कि फसल के उठान के बाद ही किसानों के खाते में पेमेंट जमा होती है।