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Hisar News: एसडीएम के आश्वासन पर दादा काला पीर डेरे के बाहर ग्रामीणों का धरना स्थगित
Thu, 10 Apr 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 10 Apr 2025 01:27 AM IST
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नारनौंद में धरने पर बहस करते सुरेश कोथ और डीएसपी राज सिंह।
नारनौंद। गांव कोथ कलां में दादा काला पीर मठ के बाहर बुधवार को सुबह 10 बजे ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलते ही दोपहर करीब 12 बजे नारनौंद के डीएसपी राज सिंह व नारनौंद थाना प्रभारी बलवान सिंह मौके पर पहुंचे। डीएसपी राज सिंह ने ग्रामीणों को समझाने लगे तो उनकी सुरेश कोथ व ग्रामीणों के साथ बहस हो गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। डीएसपी ने ग्रामीणों से कहा कि जिला उपायुक्त के आदेश पर गांव में धारा 144 लागू है। कोई भी व्यक्ति इकट्ठे होकर धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते। उसके बाद गांव की कमेटी ने एसडीएम से मुलाकात की, जिसमें एसडीएम ने ग्रामीणों को 20 अप्रैल तक का समय देते हुए कहा कि वो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर 20 अप्रैल तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो गांव में फिर से धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
ग्रामीण सुरेश कोथ, अनिल सरपंच, कृष्ण फौजी, पाल नंबरदार, आनंद, हरकेश फौजी ने बताया की डेरे में महंत शुक्राई नाथ गलत कार्य कर रहा है। डेरे के पैसे का दुरुपयोग करके पैसों की बर्बादी की जा रही है। उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है। इसी को लेकर जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत कर चुके हैं, कि वह डेरे को अपने अंडर लेकर जब तक नया महंत इस गद्दी पर नहीं बैठता तब तक इसका हिसाब-किताब प्रशासन रखे। उनको तुरंत प्रभाव से यहां से हटाया जाए। इसको लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। मगर अब तक प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर ग्रामीण बुधवार को इकट्ठे होकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे की मौके पर पुलिस प्रशासन आ गया। डीएसपी ने कहा कि गांव में धारा 144 लागू है। इसलिए आप लोग इकट्ठे नहीं हो सकते अगर धरना देना है तो उसके लिए परमिशन लेनी होगी। इस बात पर ग्रामीण बिफर गए। मामला बिगड़ता देख एक कमेटी का गठन किया गया। जिसने नारनौंद में एसडीएम मोहित महराणा से मुलाकात की और कहा कि जल्द ही हमारी मांगे पूरी नहीं की तो गांव में धरना शुरू कर दिया जाएगा। एसडीएम में ग्रामीणों को 20 अप्रैल तक का समय दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने एसडीएम से मिलने के बाद कहा कि अगर 20 अप्रैल तक मांगी पूरी नहीं की गई तो गांव में धरना शुरू कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
जो भी गांव में अशांति फैलाएगा उसके खिलाफ होगी कार्रवाई
डीएसपी राज सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोग इकट्ठे होकर धरना दे रहे हैं। जबकि जिला उपायुक्त ने गांव में धारा 144 लागू की है। जोकि अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2022 की 163 धारा है। इसको लागू किया हुआ है। अगले आदेशों तक पांच से ज्यादा व्यक्ति एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकते। गांव में शांति का माहौल है। जो भी गांव में अशांति फैलाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीण सुरेश कोथ, अनिल सरपंच, कृष्ण फौजी, पाल नंबरदार, आनंद, हरकेश फौजी ने बताया की डेरे में महंत शुक्राई नाथ गलत कार्य कर रहा है। डेरे के पैसे का दुरुपयोग करके पैसों की बर्बादी की जा रही है। उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है। इसी को लेकर जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत कर चुके हैं, कि वह डेरे को अपने अंडर लेकर जब तक नया महंत इस गद्दी पर नहीं बैठता तब तक इसका हिसाब-किताब प्रशासन रखे। उनको तुरंत प्रभाव से यहां से हटाया जाए। इसको लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। मगर अब तक प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर ग्रामीण बुधवार को इकट्ठे होकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे की मौके पर पुलिस प्रशासन आ गया। डीएसपी ने कहा कि गांव में धारा 144 लागू है। इसलिए आप लोग इकट्ठे नहीं हो सकते अगर धरना देना है तो उसके लिए परमिशन लेनी होगी। इस बात पर ग्रामीण बिफर गए। मामला बिगड़ता देख एक कमेटी का गठन किया गया। जिसने नारनौंद में एसडीएम मोहित महराणा से मुलाकात की और कहा कि जल्द ही हमारी मांगे पूरी नहीं की तो गांव में धरना शुरू कर दिया जाएगा। एसडीएम में ग्रामीणों को 20 अप्रैल तक का समय दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने एसडीएम से मिलने के बाद कहा कि अगर 20 अप्रैल तक मांगी पूरी नहीं की गई तो गांव में धरना शुरू कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
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जो भी गांव में अशांति फैलाएगा उसके खिलाफ होगी कार्रवाई
डीएसपी राज सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोग इकट्ठे होकर धरना दे रहे हैं। जबकि जिला उपायुक्त ने गांव में धारा 144 लागू की है। जोकि अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2022 की 163 धारा है। इसको लागू किया हुआ है। अगले आदेशों तक पांच से ज्यादा व्यक्ति एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकते। गांव में शांति का माहौल है। जो भी गांव में अशांति फैलाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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