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Haryana: सूनी पड़ी सब्जी मंडियां, हड़ताल पर गए आढ़ती, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Wed, 20 Dec 2023 01:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 20 Dec 2023 01:24 PM IST
सार

मंडियों में रेहड़ी भी नजर नहीं आई। हांसी में आढ़तियों ने मंडी के बाहर धरना दिया। सोनीपत में भी सब्जी मंडियां बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश की सब्जी मंडियों में आढ़ती एसोसिएशन हड़ताल पर है।

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Vegetable market agents went on strike in Haryana
सूनी पड़ी सब्जी मंडियां - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा में मार्केट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को सब्जी मंडियों में हड़ताल रही। नई सब्जी मंडी के तीनों गेट बंद कर आढ़तियों ने प्रदर्शन किया। हरियाणा व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग गर्ग के नेतृत्व में हिसार में व्यापारियों-आढ़तियों ने नारेबाजी करते हुए रोष जाहिर किया। नई सब्जी मंडी में सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के प्रधान ओमप्रकाश राड़ा ने कहा कि सरकार ने मार्केट फीस में की गई बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं लिया तो आढ़ती सड़कों पर उतर जाएंगे और मंडी में अनिश्चिकालीन हड़ताल कर देंगे।बुधवार की सुबह से ही सब्जी मंडी में सन्नाटा नजर आया।

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सब्जीमंडी में आसपास के गांवों के अलावा पानीपत, कुरुक्षेत्र, नासिक, राजस्थान सहित अन्य जिलों और राज्यों से भी सब्जियां आती हैं। सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के उपप्रधान ओंकार सैनी ने बताया कि कुरुक्षेत्र, पानीपत से आलू, राजस्थान और नासिक से प्याज, टमाटर, आसपास के गांव सातरोड़, रायपुर, हांसी, शिकारपुर के अलावा पानीपत से हरी सब्जियां आती हैं। हिसार की सब्जी मंडी से भादरा, आदमपुर, सिवानी मंडी में भी आलू, प्याज, गाजर के अलावा हरी सब्जियां जाती हैं।
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मार्केट फीस व एक प्रतिशत एचआरडीएफ लगाने के विरोध में हड़ताल रहेगी
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी व फलों पर एक मुश्त मार्केट फीस लगाने व 1 प्रतिशत एचआरडीएफ लगाने के विरोध में बुधवार को पूरे हरियाणा की सब्जी व फल मंडियों में हड़ताल है। सरकार द्वारा सब्जी व फलों पर मार्केट फीस व एचआरडीएफ लगाने के विरोध में प्रदेश के आढ़ती व किसानों में रोष है। प्रदेश में सब्जी व फलों की एक भी दुकान खुली नहीं मिलेगी।
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बजरंग गर्ग ने कहा कि किसानों व आढ़तियों की मांग पर हमने पिछली सरकार से बातचीत करके सब्जी व फलों पर से 14 फरवरी 2014 को मार्केट फीस माफ करवाई थी, मगर भाजपा सरकार ने किसानों द्वारा पैदा की जा रही सब्जी-फल पर 1 मई 2020 दोबारा मार्केट फीस व एचआरडीएफ लगा दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सब्जी व फलों पर मार्केट फीस समाप्त करने की घोषणा की थी। मगर सरकार ने मार्केट फीस व एचआरडीएफ हटाने की अधिसूचना जारी नहीं की, बल्कि उल्टा आढ़तियों व किसानों को तंग करने के लिए एक मुश्त मार्केट फीस व एक प्रतिशत एचआरडीएफ सरकार ने लगा दी।

हांसी में भी धरने पर बैठे
हांसी सब्जी मंडी एसोसिएशन ने हरियाणा सरकार की ओर से सब्जी आढ़तियों पर लगाई गई एकमुश्त फीस प्रणाली का निरोध जताया है। सरकार से इस कानून में बदलाव करने की मांग की। आढ़तियों ने घोषणा की थी कि 18 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में समस्या नहीं सुलझाई गई तो 20 दिसंबर को पूरे प्रदेश में मंडियां बंद रखी जाएंगी। इसी को लेकर हांसी सब्ज़ी मंडी एसोसिएशन के व्यापारियों ने बुधवार को सुबह पांच बजे काम बंद कर सब्जी मंडी के बारह सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल चावला के नेतृत्व में आढ़तियों ने धरना लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व फैसला वापस लेने की मांग की। एसोसिएशन के प्रधान अनिल चावला ने बताया कि सब्जी मंडी के सभी सदस्य एकमुश्त फीस प्रणाली का विरोध कर हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली उनके व्यापार के प्रतिकूल बनाई गई है। इस व्यापार से जुड़े हर व्यापारी का माल फुटकर होता है। कच्चे माल का उत्पादन काफी हद तक मौसम पर निर्भर करता है। इस तरह के व्यापार पर पिछले वर्ष 2022 को सालाना फीस की गणना अनुसार अगले वर्षों में फीस बढ़ाकर एकमुश्त फीस प्रणाली के तहत लेना व्यापार प्रणाली के खिलाफ है।

सब्जी मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कृषि मंत्री जेपी दलाल ने पिछले वर्ष मार्केट फीस हटाने की बात कही थी और इससे आढ़तियों को 30 करोड़ रुपये को बचत का दावा किया था लेकिन इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई। प्रधान अनिल चावला ने बताया कि सरकार ने एक सप्ताह की फीस पर हर सोमवार को मार्केटिंग बोर्ड को जमा करवाने का नियम बनाया था। उसी आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता था लेकिन अब सरकार एक मुश्त फीस जमा करवा रही है जबकि कुछ व्यापारी नियमित रूप से व्यापार नहीं करते, उन्हें भी सहलाना शुल्क देना पड़ेगा।

चावला ने कहा कि सरकार ने 2021 और 2022 में भी मार्केट फीस लेने का फैसला किया था, लेकिन तब विरोध के कारण इसे वापस ले लिया था। मार्केटिंग बोर्ड को चलाने के लिए साल में 15 करोड़ रुपये की जरूरत होने की बात कही गई थी। तब तय हुआ था कि 11,000, 21,000 और 51000 के तीन स्लैब बनाकर लाइसेंस फीस वसूली जाएगी। गांव व देहात के आढ़ती से 11000 रुपये, जिले की मंडियों में काम कर रहे आढ़ती से 21000 और शहरों में मंडियों के आढ़ती से 51000 रुपये लेने का फैसला हुआ था।

इससे सरकार को साल में 17 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलना था लेकिन अब तीन लाख रुपये की फीस देने वाले आढ़तियों की फीस 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.50 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह साल में 2 लाख रुपये की लाइसेंस फीस देने वालों की फीस बढ़ाकर 3.25 लाख रुपये कर दी गई है। सभी केटेगरी में फीस 50 प्रतिशत बढ़ाई गई है और 15 दिसंबर से इसकी वसूली करने के निर्देश दिए गए थे।


सोनीपत में सब्जी मंडियां बंद होने से लोगों को परेशानी

सोनीपत में सब्जी मंडियां बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोनीपत, गोहाना, गन्नौर, खरखोदा की सब्जी मंडी में आढ़ती एसोसिएशन हड़ताल पर है। मार्केट फीस में बढ़ोतरी को लेकर सरकार से आढ़ती खफा हैं। एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को मार्केट फीस में बढ़ोतरी को खत्म करने के लिए मांग की जा रही है। पहले ही किसानों को मंडियों में आज सब्जियां ना लाने का आह्वान कर चुके थे।

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