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Hisar News: गार्डर लॉन्चिंग के कारण 4 घंटे बंद रहा अंडरपास, ट्रैक के ऊपर से गुजरे दुपहिया वाहन चालक
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हिसार। निर्माणाधीन सूर्य नगर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर गार्डर लॉन्चिंग के कारण 4 घंटे अंडरपास को बंद रखा गया। इस दौरान दुपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरते नजर आए। गार्डर लॉन्चिंग के दूसरे दिन रविवार को आधा से ज्यादा समय गार्डर की सेटिंग करने में ही लग गया। इस कारण शाम साढ़े 4 बजे पहला गार्डर रखा जा सका। रात साढ़े 8 बजे तक काम चलता रहा। रात तक पिलर पर दो गार्डर ही रखे जा सके।
बता दें कि शनिवार को गार्डर रखने के लिए मौके पर क्रेन पहुंच गईं थी। मगर पहला दिन क्रेन की सेटिंग में ही चला गया था और गार्डर नहीं रखे जा सके थे। संभावना थी कि रविवार सुबह से गार्डर रखने शुरू कर दिए जाएंगे। मगर गार्डर को उठाकर रखने से पहले उसकी सही प्लेसमेंट की गई ताकि उन्हें सही एंगल पर उठाया जा सके। इसी काम में शाम के 4 बज गए। इसके बाद गार्डर को रखने का काम शुरू हुआ।
दिन भर दोनों अंडरपास से गुजरते रहे वाहन
दिन में जब तक गार्डर की सेटिंग का काम चलता रहा, तब तक दोनाें अंडरपास से वाहन बेरोकटोक गुजरते रहे। मगर जैसे ही गार्डर रखने का काम शुरू हुआ तो सेक्टर 1-4 की तरफ वाला अंडरपास वाहनों के लिए बंद कर दिया। इस दौरान अंडरपास के एक सिरे पर क्रेन खड़ी गई तो दूसरे सिरे पर बड़े पत्थर व लोहे के एंगल रखकर रास्ता बंद कर दिया गया।
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पुलिस की मौजूदगी में ही रेलवे ट्रैक से गुजरते रहे वाहन
गार्डर लॉन्चिंग के दौरान मौके पर पुलिस कर्मचारी भी तैनात रहे। अंडरपास बंद होने पर वह वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते के बारे में जानकारी देते रहे। हालांकि उनके सामने ही दुपहिया वाहन चालक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरते रहे। बता दें कि इस दौरान कुल 10 गार्डर रखे जाने हैं। इनमें से 5 गार्डर सेक्टर 1-4 की तरफ और 5 गार्डर दोनों रेलवे फाटकों के बीच रखे जाएंगे।
बीएंडआर के ठेकेदार को बचा काम पूरा करने में लगेंगे 4 माह
बीएंडआर के अधिकारी ओवरब्रिज का काम 31 मार्च तक पूरा करने की बात कह रहे हैं। वहीं बीएंडआर के हिस्से पर काम कर रहा ठेकेदार काम को पूरा करने के लिए 120 दिन का समय मांग रहा है। उधर रेलवे वाले हिस्से पर अभी तक दो पिलर अधूरे पड़े हैं। चूंकि इन पिलर के न बनने से दूसरे ठेकेदार का काम भी अटका पड़ा है। हालांकि बीएंडआर ने अधिकारियों ने रेलवे के हिस्से वाले ठेकेदार को इन्हें पूरा करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया है। जिस गति से आरओबी का काम चल रहा है, उस हिसाब से यह अगले साल मई या जून तक ही पूरा होगा।
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बता दें कि शनिवार को गार्डर रखने के लिए मौके पर क्रेन पहुंच गईं थी। मगर पहला दिन क्रेन की सेटिंग में ही चला गया था और गार्डर नहीं रखे जा सके थे। संभावना थी कि रविवार सुबह से गार्डर रखने शुरू कर दिए जाएंगे। मगर गार्डर को उठाकर रखने से पहले उसकी सही प्लेसमेंट की गई ताकि उन्हें सही एंगल पर उठाया जा सके। इसी काम में शाम के 4 बज गए। इसके बाद गार्डर को रखने का काम शुरू हुआ।
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दिन भर दोनों अंडरपास से गुजरते रहे वाहन
दिन में जब तक गार्डर की सेटिंग का काम चलता रहा, तब तक दोनाें अंडरपास से वाहन बेरोकटोक गुजरते रहे। मगर जैसे ही गार्डर रखने का काम शुरू हुआ तो सेक्टर 1-4 की तरफ वाला अंडरपास वाहनों के लिए बंद कर दिया। इस दौरान अंडरपास के एक सिरे पर क्रेन खड़ी गई तो दूसरे सिरे पर बड़े पत्थर व लोहे के एंगल रखकर रास्ता बंद कर दिया गया।
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पुलिस की मौजूदगी में ही रेलवे ट्रैक से गुजरते रहे वाहन
गार्डर लॉन्चिंग के दौरान मौके पर पुलिस कर्मचारी भी तैनात रहे। अंडरपास बंद होने पर वह वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते के बारे में जानकारी देते रहे। हालांकि उनके सामने ही दुपहिया वाहन चालक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरते रहे। बता दें कि इस दौरान कुल 10 गार्डर रखे जाने हैं। इनमें से 5 गार्डर सेक्टर 1-4 की तरफ और 5 गार्डर दोनों रेलवे फाटकों के बीच रखे जाएंगे।
बीएंडआर के ठेकेदार को बचा काम पूरा करने में लगेंगे 4 माह
बीएंडआर के अधिकारी ओवरब्रिज का काम 31 मार्च तक पूरा करने की बात कह रहे हैं। वहीं बीएंडआर के हिस्से पर काम कर रहा ठेकेदार काम को पूरा करने के लिए 120 दिन का समय मांग रहा है। उधर रेलवे वाले हिस्से पर अभी तक दो पिलर अधूरे पड़े हैं। चूंकि इन पिलर के न बनने से दूसरे ठेकेदार का काम भी अटका पड़ा है। हालांकि बीएंडआर ने अधिकारियों ने रेलवे के हिस्से वाले ठेकेदार को इन्हें पूरा करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया है। जिस गति से आरओबी का काम चल रहा है, उस हिसाब से यह अगले साल मई या जून तक ही पूरा होगा।