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Hisar News: जलभराव के दो महीने बाद भी सुचारू नहीं हो पाया स्टेट हाईवे, तूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी
Sun, 26 Oct 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 26 Oct 2025 12:54 AM IST
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हिसार। हिसार से वाया बालसमंद राजस्थान जाने वाले स्टेट हाईवे पर जलभराव के दो महीने बाद भी व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई है। अभी कुछ जगहों पर पानी भरा हुआ है और लोग वन-वे से ही आवागमन करने पर मजबूर हैं। धूल और गड्ढों का आलम है। शनिवार को गड्ढे के कारण रोड की दूसरी तरफ तूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली का पल्लड़ फटने से सड़क ही तूड़ा फैल गया। इसके अलावा लगातार हादसे होने का सिलसिला बना हुआ है। आर्यनगर से गुजरने वाले एनएच-52 के फ्लाईओवर के नीचे भी गड्ढों की भरमार है। यहां से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी अभी भी भरा हुआ है और कई घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जलनिकासी जारी है, लेकिन पूरी तरह से राहत नहीं मिल सकी है। प्रशासन भी स्टेट हाईवे की व्यवस्था पर बीते लंबे समय से लीपापोती करने के काम में लगा हुआ है। मंत्री रणबीर गंगवा की ससुराल, आदमपुर विधायक के पैतृक गांव और नलवा विधायक रणधीर पनिहार का कुछ किलोमीटर दूर गांव होने के बावजूद हालात नहीं सुधरने पर लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
दो माह पहले बने थे बाढ़ के हालात
मालूम हो भारी बारिश और आर्यनगर के पास से गुजर रही घग्गर ड्रेन के टूटने से तकरीबन दो माह पहले 15 गांवों में बाढ़ के हालात बन गए थे। खेतों में जहां तक नजर जा रही थी पानी ही पानी नजर आता था। इतना ही नहीं स्टेट हाईवे पर दो फीट के करीब पानी भर गया था। पानी भरने के कारण गड्ढे होने लगे और इससे सैंकड़ों गाड़ियों के बंपर, एक्सेल और बैरिंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। आखिर में स्टेट हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर रूट बदला गया। लोग वाया लुदास रोड आवागमन करने लगे, लेकिन यहां भी सड़क निर्माणाधीन होने के कारण भारी परेशानी बनी रहती थी। इसके एक माह बाद स्टेट हाईवे से पानी निकासी शुरू की गई और वन-वे से वाहनों को निकालना शुरू किया गया। अभी भी इस समस्या से पूरी तरह राहत नहीं मिली है।
गड्ढे के कारण हमारी ट्रॉली पलट गई। इसमें तूड़े का नुकसान तो हुआ ही है। किसी की जान भी जा सकती थी। राजस्थान के डाबड़ी गांव से पशुओं के लिए चारा लेकर आए थे और हांसी जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते यह नुकसान हो गया। अभी भी हादसों के हालात बने हुए हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
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-राहुल, पीड़ित
पानी के नीचे गड्ढे हैं न तो इसका कोई बोर्ड लगा हुआ है और न ही यहां कोई संकेतक है। इसके कारण लोग कुछ समझ पाएं इससे पहले ही हादसा हो जाता है। जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी है। इससे थोड़ा पहले गड्ढे में मिट्टी के कट्टे लगाए गए हैं जो फट चुके हैं। यहां भी हादसा हो सकता है।
-मांगेराम, पीड़ित
धूल और गड्ढों के कारण लोग परेशान हैं। एक ही तरफ से वाहनों का आवागमन है, बड़े वाहनों के कारण हादसा हो सकता है। इसी कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली को दूसरी तरफ मोड़ रहे थे एक टायर गड्ढे में चला गया और ट्रॉली पलट गई। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए ताकि समस्या का समाधान हो सके।
-देवा, पीड़ित
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दो माह पहले बने थे बाढ़ के हालात
मालूम हो भारी बारिश और आर्यनगर के पास से गुजर रही घग्गर ड्रेन के टूटने से तकरीबन दो माह पहले 15 गांवों में बाढ़ के हालात बन गए थे। खेतों में जहां तक नजर जा रही थी पानी ही पानी नजर आता था। इतना ही नहीं स्टेट हाईवे पर दो फीट के करीब पानी भर गया था। पानी भरने के कारण गड्ढे होने लगे और इससे सैंकड़ों गाड़ियों के बंपर, एक्सेल और बैरिंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। आखिर में स्टेट हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर रूट बदला गया। लोग वाया लुदास रोड आवागमन करने लगे, लेकिन यहां भी सड़क निर्माणाधीन होने के कारण भारी परेशानी बनी रहती थी। इसके एक माह बाद स्टेट हाईवे से पानी निकासी शुरू की गई और वन-वे से वाहनों को निकालना शुरू किया गया। अभी भी इस समस्या से पूरी तरह राहत नहीं मिली है।
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गड्ढे के कारण हमारी ट्रॉली पलट गई। इसमें तूड़े का नुकसान तो हुआ ही है। किसी की जान भी जा सकती थी। राजस्थान के डाबड़ी गांव से पशुओं के लिए चारा लेकर आए थे और हांसी जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते यह नुकसान हो गया। अभी भी हादसों के हालात बने हुए हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
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-राहुल, पीड़ित
पानी के नीचे गड्ढे हैं न तो इसका कोई बोर्ड लगा हुआ है और न ही यहां कोई संकेतक है। इसके कारण लोग कुछ समझ पाएं इससे पहले ही हादसा हो जाता है। जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी है। इससे थोड़ा पहले गड्ढे में मिट्टी के कट्टे लगाए गए हैं जो फट चुके हैं। यहां भी हादसा हो सकता है।
-मांगेराम, पीड़ित
धूल और गड्ढों के कारण लोग परेशान हैं। एक ही तरफ से वाहनों का आवागमन है, बड़े वाहनों के कारण हादसा हो सकता है। इसी कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली को दूसरी तरफ मोड़ रहे थे एक टायर गड्ढे में चला गया और ट्रॉली पलट गई। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए ताकि समस्या का समाधान हो सके।
-देवा, पीड़ित