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वृद्ध को खुले नोट देकर दिखाई मानवता
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:09 AM IST
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- फोटो : bureau
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एक तरफ जहां शहर के लोग खुले नोटों के कारण सारा दिन बैंक व एटीएम के सामने लाइनों में लगे रहते है। बहसबाजी के साथ हाथापाई पर उतर आते है, वहीं शहर की ऑटो मार्केट में काम करने वाले प्रवीन ने एक वृद्ध को 2 हजार रुपये के खुले नोट देकर मानवता का परिचय दिया है।
ऑटो मार्केट में काम करने वाले प्रवीन ने बताया कि बुधवार सुबह वह ऑटो मार्केट स्थित जम्मू एंड कश्मीर बैंक से 2 हजार रुपये के नोट बदलवाने के लिए गया था। वहां पर करीब 2 घंटे लाइन में लगकर उसने 2 हजार रुपये के नोट बदलवाए।
जब वह नोट बदलवाकर बैंक से बाहर आया तो उसे एक वृद्ध मिला जो खुले नोटों के लिए गिड़गिड़ा रहा था। कोई भी उसे लाइन में घुसने नहीं दे रहा था। इस पर उसने वृद्धसे पूछा तो उसने बताया कि उसे किसी रिश्तेदार के यहां शादी में जाना है, लेकिन उसे खुले नोट नहीं मिल पा रहे है, अगर लाइन में खड़ा हुआ तो शाम हो जाएगी। इस बात पर प्रवीन ने वृद्ध की मदद करते हुए बैंक से बदलवाए 2 हजार रुपये के खुले नोट वृद्ध को दे दिए और स्वयं 500 के नोट उससे ले लिए। वृद्ध ने उसे नम आंखों से धन्यवाद दिया।
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ऑटो मार्केट में काम करने वाले प्रवीन ने बताया कि बुधवार सुबह वह ऑटो मार्केट स्थित जम्मू एंड कश्मीर बैंक से 2 हजार रुपये के नोट बदलवाने के लिए गया था। वहां पर करीब 2 घंटे लाइन में लगकर उसने 2 हजार रुपये के नोट बदलवाए।
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जब वह नोट बदलवाकर बैंक से बाहर आया तो उसे एक वृद्ध मिला जो खुले नोटों के लिए गिड़गिड़ा रहा था। कोई भी उसे लाइन में घुसने नहीं दे रहा था। इस पर उसने वृद्धसे पूछा तो उसने बताया कि उसे किसी रिश्तेदार के यहां शादी में जाना है, लेकिन उसे खुले नोट नहीं मिल पा रहे है, अगर लाइन में खड़ा हुआ तो शाम हो जाएगी। इस बात पर प्रवीन ने वृद्ध की मदद करते हुए बैंक से बदलवाए 2 हजार रुपये के खुले नोट वृद्ध को दे दिए और स्वयं 500 के नोट उससे ले लिए। वृद्ध ने उसे नम आंखों से धन्यवाद दिया।
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