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जीवन में समय प्रबंधन के साथ समय लेखा भी जरूरी : प्रो. ऋषिपाल
Sat, 13 Sep 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:05 AM IST
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के मनोविज्ञान विभाग में शुक्रवार को आत्महत्या निवारण दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय समय प्रबंधन था, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. ऋषिपाल, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, गुरुग्राम रहे।
प्रो. ऋषिपाल ने कहा कि जीवन में समय का सदुपयोग महत्वपूर्ण है और इसे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही तरीके से नियोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपने समय का लेखा-जोखा रखने और व्यर्थ के कार्यों से बचने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि समय का उचित प्रबंधन न करने से तनाव और अवसाद उत्पन्न हो सकते हैं।
उन्होंने जीवन में दुखों को नियंत्रण करने के लिए सही प्राथमिकताओं के महत्व पर भी चर्चा की और अवसादग्रस्त लोगों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार की आवश्यकता बताई। डॉ. पूनम ने किया, जबकि डॉ. संजय परमार की अध्यक्षता में भूमिका और मेघा ने संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. मंजू रानी, डॉ. तरुणा, डॉ. स्नेहा, डॉ. गोविंद यादव, गुंजन, डॉ. गौरव और डॉ. हिमांशु उपस्थित रहे।
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प्रो. ऋषिपाल ने कहा कि जीवन में समय का सदुपयोग महत्वपूर्ण है और इसे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही तरीके से नियोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपने समय का लेखा-जोखा रखने और व्यर्थ के कार्यों से बचने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि समय का उचित प्रबंधन न करने से तनाव और अवसाद उत्पन्न हो सकते हैं।
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उन्होंने जीवन में दुखों को नियंत्रण करने के लिए सही प्राथमिकताओं के महत्व पर भी चर्चा की और अवसादग्रस्त लोगों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार की आवश्यकता बताई। डॉ. पूनम ने किया, जबकि डॉ. संजय परमार की अध्यक्षता में भूमिका और मेघा ने संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. मंजू रानी, डॉ. तरुणा, डॉ. स्नेहा, डॉ. गोविंद यादव, गुंजन, डॉ. गौरव और डॉ. हिमांशु उपस्थित रहे।
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