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भिवानी रोहिल्ला में इस बार सर्वसहमति पर नहीं मिले सुर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 12:12 AM IST
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This time in Bhiwani Rohilla, the tone was not found on consensus
रवि घोड़ेला
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बालसमंद। प्रदेश में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले गांव भिवानी रोहिल्ला की सर्वसहमति पर इस बार ग्रामीणों के सुर नहीं मिले। स्थिति यह है कि पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। वर्ष 2016 में गांव के लोगों ने सर्वसहमति से पंच से लेकर सरपंच तक सभी महिलाओं को चुना था। यह प्रदेश की पहली महिला ग्राम पंचायत थी।
बता दें कि गांव भिवानी रोहिल्ला शहर से मात्र 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव ने 7 साल पहले अपनी एकता की मिसाल पेश की थी। इस कारण से गांव का नाम सिर्फ प्रदेश में ही नहीं, बल्कि अन्य प्रदेशों में गूंजा था। गांव के 50 साल के इतिहास में पहली बार गांव में पंच से लेकर सरपंच तक सभी महिलाओं को बिना चुनाव के सर्वसहमति से चुना गया था। सरपंच आशा रानी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने महिला सशक्तीकरण का एक उदाहरण पेश किया था। यही नहीं सर्वसहमति से चुनी गई पंचायत को 11 लाख रुपये सरकार से मिले थे। तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी गांव को दो साल में ही मॉडल विलेज बनाने का सपना दिखाया, लेकिन ये सपना अधूरा रह गया। ग्रामीणों के अनुसार उम्मीद के मुताबिक गांव में विकास कार्य नहीं हो सके।
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गांव में लिंगानुपात बेहतर
हिसार-भादरा मुख्य मार्ग पर बसा भिवानी रोहिल्ला गांव में आरोही स्कूल, एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और दो अन्य प्राइवेट स्कूल हैं। गांव में लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए प्राइवेट महिला कॉलेज है। आधार केंद्र, बैंक, बिजली सब स्टेशन व खेल मैदान है। बारह खाप का चबूतरा है। गांव में तीन करोड़ की लागत से बने आरोही मॉडल स्कूल और राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम भी लगभग शत प्रतिशत रहता है। गांव की बेटियां बेसबाल और कबड्डी में नेशनल लेवल तक खेल चुकी हैं। साल 2016-17 में 1000 लड़कों पर 1066 लड़कियां थीं। आज भी गांव में लिंग अनुपात काफी अच्छा है।
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40 साल अपराध मुक्त रहा था गांव
2020 से पूर्व बीते करीब 40 सालों से गांव में कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं घटी थी। हिसार पूर्व आईजी ओपी सिंह ने करीब छह साल पहले गांव को क्राइम फ्री होने को लेकर सम्मानित भी किया था। 2020 में सरसाना में स्थित पोल्ट्री फॉर्म में भिवानी रोहिल्ला गांव के युवक विनोद की बीडीसी प्रतिनिधि कुलदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी डंडो से पीटकर हत्या कर दी।
गांव में फिलहाल दो ही उम्मीदवार मैदान में है। ग्रामीणों का रुझान इस बार चुनाव करवाने का है।
बलजीत नंबरदार, सरपंच पद प्रत्याशी
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