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चारों ओर आग की लपटे थीं, अचानक भीम का हाथ छूट गया, आवाज भी लगाई, अफसोस जान नहीं बचा सका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:42 PM IST
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There were flames all around, suddenly Bhima lost his hand, he also raised his voice, alas, could not save his life.
राम चाट भंडार में आग लगने के बाद रेस्टोरेंट मालिक के बयान देता पुलिसकर्मी। संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। सुबह करीब पौने छह बजे ऊपर से एक आदमी ने बोला था आग लग चुकी है। यह सुनकर हम सभी पहली मंजिल से ऊपर की ओर भागने लगे। एक छोटा सा बच्चा इधर-उधर भाग रहा था, बोला कि मेरे को भी बचा लो। हमने कहा आजा मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। इस दौरान चारों ओर आग की लपटे थीं। भागते समय मेरा मोबाइल फोन वहीं पर गिर गया और मैं उसे तलाशने लगा तो भीम बहादुर का हाथ छूट गया। मैंने उसे आवाज भी लगाई किधर है तू, किधर है तू पर कोई जवाब नहीं मिला। मैंने सोचा कि वह ऊपर चला गया। मैं भी भागकर ऊपर पहुंचा। इस दौरान तेज धमाका हुआ। वहां पर मेरा दोस्त विक्रम खड़ा था। उसने कहा कि यहां आ जा। जब छत पर चढ़े और दूसरी छत पर कूद गए। जिस कारण पांव में चोट लग गई। बाद में घर पहुंचने पर मुझे पता चला कि भीम अब इस दुनिया में नहीं रहा, अफसोस हैं मैं उसकी जान नहीं बचा सका।
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(जैसा की राम चाट भंडार के कर्मचारी 18 वर्षीय सागर ने संवाददाता सुरेश सहारण को बताया)
छत पर पहुंचे थे सिलिंडर फट गया
राम चाट भंडार पर काम करने वाले सागर ने बताया कि डेढ़ माह पहले ही राम चाट भंडार पर काम लगा था। दोस्त विक्रम भी वहीं पर काम करता है। रेस्टोरेंट पर काम खत्म होने के बाद पहली मंजिल पर फर्श पर बिस्तर बिछा कर सोते थे। रात को भी वहीं पर सोए थे। सुबह शोर-शराबा हुआ तो आंख खुल गई। ऊपर से एक व्यक्ति ने आवाज लगाई की आग लग गई है। यह सुनकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा भी मिला। जो घबराया हुआ था। सागर ने बताया कि सीढ़ियों के रास्ते ऊपर छत पर गए। चौथी मंजिल पर भयंकर आग लगी हुई थी। जैसे तैसे कर छत पर पहुंचे और दूसरी छत पर कूद कर जान बचाई। सागर ने बताया कि ऊपर जो मिठाई बनाने वाला है उसने आवाज लगाकर आग की सूचना दी थी। वहां पर 16 भरे सिलिंडर रखे थे। जब छत पर पहुंचा था तो एक सिलिंडर फटा था।
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चौथी और पांचवीं मंजिल से आग की लपटें उठ रही थी। दोस्त विक्रम और अन्य साथ लगती छत पर कूद रहे थे। जान बचाने के लिए मैं भी छत पर कूदा। फिर सीढ़ियों के रास्ते नीचे आए। राम चाट भंडार के सामने खड़े होकर देखा तो आग ही आग दिखाई दे रही थी। उसके बाद परिचित के साथ बैंक कॉलोनी आ गया।

हिसार- राजगुरु मार्केट में राम चाट भंडार का आग के बाद का दृश्य। संवाद

हिसार- राजगुरु मार्केट में राम चाट भंडार का आग के बाद का दृश्य। संवाद- फोटो : Hisar

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