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Hisar News: हिसार जिले में 31.64 लाख पेड़, हर एकड़ में औसतन तीन
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एच एयू में पर्यावरण बचाने के लिए विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधशाला।
हिसार। वन विभाग की गणना के अनुसार जिले में 31,64,634 पेड़ हैं। अगर हिसार के क्षेत्रफल को एकड़ में विभाजित कर एक औसत निकालें तो हर एक एकड़ में करीब 3 पेड़ हैं।
जिले में औसतन 1.45 प्रतिशत एरिया में पेड़ लगे हुए हैं। पिछले करीब दो दशक के प्रयास के बाद भी वन क्षेत्र नहीं बढ़ रहा है। सड़कों के चौड़ा होने, एयरपोर्ट विकसित होने और विकास कार्याें के लिए लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है।
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में पेड़ों की गणना कराई थी। करीब 13 महीने में यह परियोजना पूरी हुई थी। गणना में पाया गया कि पौधों की सबसे अधिक संख्या यमुनानगर में है। दरअसल, यमुनानगर में पापुलर व सफेदे की खेती होती है। इस कारण यहां सबसे अधिक पेड़ हैं।
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पूरे प्रदेश में कुल 6.7% एरिया में वन है। राष्ट्रीय वन नीति का लक्ष्य प्रत्येक राज्य के लिए 20% कवरेज का है। अगर पंचकूला को छोड़ दें तो किसी प्रदेश के अन्य 21 जिलों में किसी में भी 20% से वन क्षेत्र नहीं है।
करनाल में सबसे कम 1.8% तो पंचकूला में सबसे अधिक 47.4% वन क्षेत्र है। वन विभाग की ओर से हर से साल औसतन 5 से 6 लाख पौधरोपण किए जाते हैं। वर्ष 2024 में 5.22 लाख पौधे लगाए गए थे। इससे पहले 2024 में करीब 4.55 लाख पौधे लगाए गए थे।
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगाए जाने वाले पौधों में करीब 60 से 65 प्रतिशत पौधे सूख जाते हैं। महज 35 से 40 प्रतिशत पौधे ही पेड़ बन पाते हैं। वन विभाग किसानों को भी पौधे वितरित करता है। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूली बच्चों की पौधरोपण में रूचि बढ़ाने के लिए भी योजना चलाई जा रही है।
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जिले का ब्योरा
ज्योग्राफिकल एरिया - 3983 वर्ग किलोमीटर
बहुत घने वन- 0
कम घने वन- 11.86 फीसदी
खुले वन- 45.78 फीसदी
कुल वनीय क्षेत्र - 57.64 वर्ग किलोमीटर
कुल हरियाली- 1.45 फीसदी
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शहर में हरियाली
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय- 35 फीसदी
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय- 25 फीसदी
नगर निगम क्षेत्र - 15 फीसदी
सेक्टर- 18 फीसदी
औद्योगिक क्षेत्र 2 फीसदी
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जिले में औसतन 1.45 प्रतिशत एरिया में पेड़ लगे हुए हैं। पिछले करीब दो दशक के प्रयास के बाद भी वन क्षेत्र नहीं बढ़ रहा है। सड़कों के चौड़ा होने, एयरपोर्ट विकसित होने और विकास कार्याें के लिए लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है।
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हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में पेड़ों की गणना कराई थी। करीब 13 महीने में यह परियोजना पूरी हुई थी। गणना में पाया गया कि पौधों की सबसे अधिक संख्या यमुनानगर में है। दरअसल, यमुनानगर में पापुलर व सफेदे की खेती होती है। इस कारण यहां सबसे अधिक पेड़ हैं।
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पूरे प्रदेश में कुल 6.7% एरिया में वन है। राष्ट्रीय वन नीति का लक्ष्य प्रत्येक राज्य के लिए 20% कवरेज का है। अगर पंचकूला को छोड़ दें तो किसी प्रदेश के अन्य 21 जिलों में किसी में भी 20% से वन क्षेत्र नहीं है।
करनाल में सबसे कम 1.8% तो पंचकूला में सबसे अधिक 47.4% वन क्षेत्र है। वन विभाग की ओर से हर से साल औसतन 5 से 6 लाख पौधरोपण किए जाते हैं। वर्ष 2024 में 5.22 लाख पौधे लगाए गए थे। इससे पहले 2024 में करीब 4.55 लाख पौधे लगाए गए थे।
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगाए जाने वाले पौधों में करीब 60 से 65 प्रतिशत पौधे सूख जाते हैं। महज 35 से 40 प्रतिशत पौधे ही पेड़ बन पाते हैं। वन विभाग किसानों को भी पौधे वितरित करता है। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूली बच्चों की पौधरोपण में रूचि बढ़ाने के लिए भी योजना चलाई जा रही है।
जिले का ब्योरा
ज्योग्राफिकल एरिया - 3983 वर्ग किलोमीटर
बहुत घने वन- 0
कम घने वन- 11.86 फीसदी
खुले वन- 45.78 फीसदी
कुल वनीय क्षेत्र - 57.64 वर्ग किलोमीटर
कुल हरियाली- 1.45 फीसदी
शहर में हरियाली
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय- 35 फीसदी
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय- 25 फीसदी
नगर निगम क्षेत्र - 15 फीसदी
सेक्टर- 18 फीसदी
औद्योगिक क्षेत्र 2 फीसदी