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Hisar News: सिसाय जलघर के वाटर टैंक में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मारा छापा, 7 सैंपल लिए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Apr 2025 11:55 PM IST
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The team of the Chief Minister's flying squad raided the water tank of Sisai Jal Ghar and took 7 samples
हांसी। जलघर से सैंपल लेते हुए अधिकारी। जागरूक पाठक
हांसी (हिसार)। गांव सिसाय कालीरामन में निर्माणाधीन जलघर में निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल करने की सूचना पर वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने छापा मारा और सैंपल लिए। इस दौरान वहां से ईंटों सहित 7 तरह के सैंपल लिए गए। टीम को जांच के दौरान कच्ची ईंटें लगी हुई मिलीं। उप निरीक्षक सुनैना के नेतृत्व में टीम ने छापा कार्रवाई की गई।
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टीम में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते से सहायक उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एसडीओ राजेश कुमार व आशीष कुमार, जनस्वास्थ्य विभाग के जेई अमित कुमार शामिल रहे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को जलघर निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम वहां पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि निर्धारित मानकों की अनदेखी कर रेत, सीमेंट और ईंट की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। जांच के दौरान मौके पर डिग्गी के फर्श में बिल्कुल घटिया सामग्री की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने यहां से ईंटों सहित आरसीसी के सैंपल लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार अगर लैब रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिसाय कालीरामन व सिसाय बोलान में 12.50 करोड़ रुपये की लागत से जलघर के वाटर टैंकों का निर्माण कार्य हो रहा है। दोनों वाटर टैंकों का कार्य एक ही ठेकेदार के पास है।
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पहले विजिलेंस भी कर चुकी है जांच
बता दें कि इससे पहले नवंबर महीने में भी स्टेट विजिलेंस की टीम ने सिसाय बोलान में निर्माणाधीन दो जलघरों की जांच की थी। टीम ने वहां से निर्माण की जाने वाली सामग्री के सैंपल भी लिए थे। जांच के लिए विजिलेंस टीम यहां दो दिन तक रुकी थी। यहां से सीमेंट, बजरी, सरिया व ईंट के सैंपल भी लिए गए थे। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग से निर्माण से संबंधित सारा रिकॉर्ड भी लिया गया।

दो महीने पहले ग्रामीणों ने किया था विरोध
बता दें कि दो महीने पहले भी ग्रामीणों ने इस जलघर के वाटर टैंक के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने पर विरोध जताया था। तब यहां टैंक से पानी रिसाव होकर खेतों में पहुंच गया था। इसके विरोध में ग्रामीणों ने कहा था कि आठ महीने पहले गांव में पेयजल के लिए वाटर टैंक का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में ठेकेदार प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिली भगत करके घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने कहा था कि टैंक में फर्श व दीवार के नीचे पॉलीथिन नहीं बिछाया गया था। जिसकी वजह से पानी की लीकेज हो रही है। ग्रामीणों ने वाटर टैंक से पानी का रिसाव रोकने के लिए बढ़िया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने की मांग की थी। ग्रामीणों की इस शिकायत पर जांच करने के लिए टीम यहां पहुंची है।



टीम ने जलघर से सैंपल लिए हैं। अच्छा है निर्माण से पहले सैंपल लिए जा रहे हैं। कोई कमी होगी तो उसे दुरुस्त करवाया जा सकेगा।- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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