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Hisar News: नई अनाज मंडी में दो करोड़ की लागत से बनेगा छठा शेड, अप्रैल तक पूरा होने का लक्ष्य
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हिसार की नई अनाज मंडी केखुले शेड में रखने से काली हुई मूंगफली छांटती महिला।
हिसार। सिरसा रोड स्थित नई अनाज मंडी परिसर में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से छठा शेड बनाया जाएगा। शेड को अप्रैल माह तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि रबी सीजन के दौरान किसानों को इसका लाभ मिल सके। हालांकि, निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर किसान और आढ़ती असंतोष जता रहे हैं और इसे शीघ्र पूरा कराने की मांग कर रहे हैं।
करीब आठ माह से छठे शेड की निर्माण प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल शेड के पिलर खड़े करने के लिए सीमेंट और कंक्रीट से नींव तैयार की जा चुकी है। निर्माण एजेंसी से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे तय समय पर शेड पूरा होना चुनौती बन सकता है।
नई अनाज मंडी में 100 गुणा 21 मीटर आकार के पहले से पांच शेड बने हुए हैं। इनमें से एक शेड जर्जर अवस्था में पहुंचने के कारण हटा दिया गया था। अब उसी स्थान पर नया शेड बनाया जा रहा है। इसके तहत भूतल से करीब दो फुट ऊंचे स्तंभ तैयार किए गए हैं।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामअवतार और कारोबारी जगदीश जैन समेत अन्य आढ़तियों ने बताया कि मार्च-अप्रैल से रबी सीजन शुरू हो जाएगा, जिसमें सरसों और गेहूं की आवक बढ़ती है। ऐसे में शेड समय पर तैयार न होने से किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आढ़तियों का कहना है कि मंडी में नए शेड की आवश्यकता तो है ही, लेकिन पहले से बने छह शेड भी पूरी तरह उपयोगी नहीं रह गए हैं। बरसात के दौरान इन शेडों में पानी भीतर तक पहुंच जाता है, जिससे अनाज खराब होने का खतरा बना रहता है। इसे रोकने के लिए बेहतर संसाधन और मरम्मत कार्य की जरूरत है।
नई अनाज मंडी में शेड न मिलने के कारण मुझे खुले में मूंगफली रखनी पड़ी। खरीदी गई मूंगफली का रंग काला पड़ गया और माल खराब हो गया। मजबूरी में मूंगफली कम दाम पर बेचनी पड़ी।
- सुरेंद्र कुमार यादव, आढ़ती।
नई अनाज मंडी परिसर में कई माह से छठा शेड बनाने की जरूरत है, लेकिन कार्य बेहद धीमी गति से कराया जा रहा है। इसकी वजह से मेरे जैसे कई कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- विक्की सिंगला, कारोबारी।
पुराने शेड के मलबे की नीलामी विधिवत करवाई गई थी। अब करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नया शेड बनवाया जा रहा है। निर्माण कार्य को अप्रैल माह तक पूरा करवा लिया जाएगा।
- आनंद कुमार, अधिशासी अभियंता, मार्केट कमेटी, हिसार।
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करीब आठ माह से छठे शेड की निर्माण प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल शेड के पिलर खड़े करने के लिए सीमेंट और कंक्रीट से नींव तैयार की जा चुकी है। निर्माण एजेंसी से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे तय समय पर शेड पूरा होना चुनौती बन सकता है।
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नई अनाज मंडी में 100 गुणा 21 मीटर आकार के पहले से पांच शेड बने हुए हैं। इनमें से एक शेड जर्जर अवस्था में पहुंचने के कारण हटा दिया गया था। अब उसी स्थान पर नया शेड बनाया जा रहा है। इसके तहत भूतल से करीब दो फुट ऊंचे स्तंभ तैयार किए गए हैं।
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आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामअवतार और कारोबारी जगदीश जैन समेत अन्य आढ़तियों ने बताया कि मार्च-अप्रैल से रबी सीजन शुरू हो जाएगा, जिसमें सरसों और गेहूं की आवक बढ़ती है। ऐसे में शेड समय पर तैयार न होने से किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आढ़तियों का कहना है कि मंडी में नए शेड की आवश्यकता तो है ही, लेकिन पहले से बने छह शेड भी पूरी तरह उपयोगी नहीं रह गए हैं। बरसात के दौरान इन शेडों में पानी भीतर तक पहुंच जाता है, जिससे अनाज खराब होने का खतरा बना रहता है। इसे रोकने के लिए बेहतर संसाधन और मरम्मत कार्य की जरूरत है।
नई अनाज मंडी में शेड न मिलने के कारण मुझे खुले में मूंगफली रखनी पड़ी। खरीदी गई मूंगफली का रंग काला पड़ गया और माल खराब हो गया। मजबूरी में मूंगफली कम दाम पर बेचनी पड़ी।
- सुरेंद्र कुमार यादव, आढ़ती।
नई अनाज मंडी परिसर में कई माह से छठा शेड बनाने की जरूरत है, लेकिन कार्य बेहद धीमी गति से कराया जा रहा है। इसकी वजह से मेरे जैसे कई कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- विक्की सिंगला, कारोबारी।
पुराने शेड के मलबे की नीलामी विधिवत करवाई गई थी। अब करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नया शेड बनवाया जा रहा है। निर्माण कार्य को अप्रैल माह तक पूरा करवा लिया जाएगा।
- आनंद कुमार, अधिशासी अभियंता, मार्केट कमेटी, हिसार।