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Hisar News: डॉ. भावना को अस्पताल में दाखिल करवाने वाला उदेश भूमिगत, मोबाइल किया स्विच ऑफ
Mon, 28 Apr 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:39 AM IST
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हिसार। जयपुर के गांव अनंतपुरा की डॉ. भावना यादव की जलने से मौत का मामला अभी अनसुलझा ही है। भावना को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाने वाला और इस मामले में नामजद उदेश भूमिगत हो गया है। उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। हालांकि सिविल लाइन थाना पुलिस को अभी इस मामले में जयपुर से जीरो एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है।
डॉ. भावना की मां गायत्री देवी ने जयपुर के एसएमएस पुलिस थाने में दी रिपोर्ट में बताया था कि उनकी बेटी ने वर्ष 2023 में फिलीपींस से एमबीबीएस की थी और पीजी के लिए दिल्ली में परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह ऑनलाइन क्लास लेती थी और हर सप्ताह दिल्ली में टेस्ट देने जाती थी।
वह जब भी दिल्ली जाती वहां रह रही छोटी बहन के पास ही रुकती थी। 21 व 22 अप्रैल को भी वह बहन के पास रुकी थी। 23 अप्रैल को उसने बताया था कि 24 अप्रैल की सुबह घर आ जाएगी, लेकिन नहीं लौटी। 24 अप्रैल को ही उनके पास उदेश नाम के व्यक्ति ने फोन कर बताया कि भावना जल गई है और हिसार में एक निजी अस्पताल में दाखिल है। इसके बाद वह हिसार पहुंची और बेटी को जयपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसी दिन रात में उसकी मौत हो गई। गायत्री देवी ने भावना की हत्या का संदेह जताकर एफआईआर दर्ज कराई है।
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उदेश ने खुद को बताया क्लर्क
अभी तक की जानकारी के मुताबिक रेवाड़ी निवासी उदेश यादव एक परिचित के साथ 24 अप्रैल की सुबह डॉ. भावना को झुलसी हालत में कैमरी रोड के एक निजी अस्पताल में लाया था। उसने बताया था कि यह युवती एचएयू के अंदर एक कमरे में झुलस गई। उदेश ने अस्पताल में अपना आधार कार्ड और 6 हजार रुपये जमा करवाए थे। इसके थोड़ी देर बाद अपने साथी के साथ अस्पताल से खिसक गया और लौटकर नहीं आया। उसने खुद को क्लर्क बताया था। तब से वह भूमिगत है और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है।
अभी हमारे पास जीरो एफआईआर की कॉपी नहीं पहुंची है। कॉपी मिलने के बाद ही इस मामले में जांच शुरू की जाएगी। - इंस्पेक्टर कविता, थाना प्रभारी, सिविल लाइन, हिसार।
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डॉ. भावना की मां गायत्री देवी ने जयपुर के एसएमएस पुलिस थाने में दी रिपोर्ट में बताया था कि उनकी बेटी ने वर्ष 2023 में फिलीपींस से एमबीबीएस की थी और पीजी के लिए दिल्ली में परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह ऑनलाइन क्लास लेती थी और हर सप्ताह दिल्ली में टेस्ट देने जाती थी।
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वह जब भी दिल्ली जाती वहां रह रही छोटी बहन के पास ही रुकती थी। 21 व 22 अप्रैल को भी वह बहन के पास रुकी थी। 23 अप्रैल को उसने बताया था कि 24 अप्रैल की सुबह घर आ जाएगी, लेकिन नहीं लौटी। 24 अप्रैल को ही उनके पास उदेश नाम के व्यक्ति ने फोन कर बताया कि भावना जल गई है और हिसार में एक निजी अस्पताल में दाखिल है। इसके बाद वह हिसार पहुंची और बेटी को जयपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसी दिन रात में उसकी मौत हो गई। गायत्री देवी ने भावना की हत्या का संदेह जताकर एफआईआर दर्ज कराई है।
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उदेश ने खुद को बताया क्लर्क
अभी तक की जानकारी के मुताबिक रेवाड़ी निवासी उदेश यादव एक परिचित के साथ 24 अप्रैल की सुबह डॉ. भावना को झुलसी हालत में कैमरी रोड के एक निजी अस्पताल में लाया था। उसने बताया था कि यह युवती एचएयू के अंदर एक कमरे में झुलस गई। उदेश ने अस्पताल में अपना आधार कार्ड और 6 हजार रुपये जमा करवाए थे। इसके थोड़ी देर बाद अपने साथी के साथ अस्पताल से खिसक गया और लौटकर नहीं आया। उसने खुद को क्लर्क बताया था। तब से वह भूमिगत है और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है।
अभी हमारे पास जीरो एफआईआर की कॉपी नहीं पहुंची है। कॉपी मिलने के बाद ही इस मामले में जांच शुरू की जाएगी। - इंस्पेक्टर कविता, थाना प्रभारी, सिविल लाइन, हिसार।