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Hisar News: पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने 120 गांवों का सर्वे कर 868 पीडितों की पहचान की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:30 PM IST
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The police's drug de-addiction team surveyed 120 villages and identified 868 victims.
हांसी के नागरिक अस्पताल परिसर में मौजूद अ​धिकारी व अन्य। 

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हांसी। पुलिस की नशा मुक्ति टीम अब तक 120 गांवों में सर्वे कर 868 ड्रग पीड़ितों की पहचान कर चुकी है। इसमें से 677 ड्रग पीड़ितों का उपचार शुरू किया गया है जिससे अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब तक कुल 147 लोगों ने नशे की लत को सदा के लिए अलविदा कह दिया है।
पंचायतों के सहयोग से पुलिस गांव-गांव में नशा मुक्ति के लिए कमेटी भी बना रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे की लत छुड़वाई जा सकती है। गांव में कई लोग ऐसे होते हैं जो नशे की लत पालकर पूरी तरह नशे के आदी हो जाते हैं। उनके लिए लौटना और जिंदगी की नई शुरुआत करना मुश्किल होता है। क्योंकि नशे के कारण उनमें इतना मनोबल भी नहीं होता कि नशा छोड़ने के लिए संकल्प ले सकें। इसलिए जरूरी है कि गांव के लोगो के सहयोग से उनके साथ काउंसिलिंग कर, उन्हें नशा छोड़ने के प्रति प्रेरित करें। नशा छोड़ने में उनकी हर संभव मदद कर सकते हैं। सामाजिक दबाव बनाकर नशे से पीड़ित व्यक्ति का इलाज करवाएं। इस समस्या को जड़ से खत्म करना है। गांव में किसी भी नागरिक को नशा तस्करी के बारे में सूचना मिले तो तुरंत नेशनल मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 व पुलिस कंट्रोल हांसी 88130-89302 पर सूचित करें।
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तीन स्तर पर कार्य कर रही है पुलिस
पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने कहा की आज युवाओं में बढ़ता नशे का प्रचलन एक बड़ी समस्या है। बिना सही मार्गदर्शन के समाज के लोग ड्रग्स एवं मेडिकल नशे से ग्रसित होते जा रहे हैं। इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की नशा मुक्ति टीम निरंतर गांव-गांव जाकर आमजन को नशे के दुष्परिणाम के प्रति जागरूक कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस जिला हांसी की नशा मुक्ति टीम तीन स्तर पर कार्य कर रही है। पहला कार्य, जो बच्चे नशे की लत में चले गए उनकी पहचान कर उनका उपचार करवाना उन्हें सही मार्ग पर लाना है। दूसरा प्रयास नशा तस्करों पर शक्ति से अंकुश लगाना, क्योंकि ड्रग्स की उपलब्धता भी बुराई का मुख्य कारक है। तीसरा प्रयास युवा पीढ़ी को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना ताकि हमारे युवा पथभ्रष्ट न हो।
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